Sukhbir Singh Badal on Security Withdrawal: पंजाब में सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार कलाकारों और धार्मिक संप्रदायों के प्रमुखों की सुरक्षा को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने पंजाबी गायक गिप्पी ग्रेवाल, जॉर्डन संधू और नानकसर संप्रदाय के प्रमुख की सुरक्षा वापस लिए जाने को निंदनीय करार दिया।
बादल ने आरोप लगाया कि गिप्पी ग्रेवाल की सुरक्षा सिर्फ इसलिए वापस ले ली गई क्योंकि हाल ही में उन्होंने बादल आवास पर उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने कहा, “यह सरकार की राजनीतिक प्रतिशोध की भावना को दर्शाता है।”
नानकसर प्रमुख और जॉर्डन संधू का मामला
सुखबीर सिंह बादल ने अपने बयान में कहा कि इससे पहले नानकसर संप्रदाय के प्रमुख बाबा घल्ला सिंह जी की सुरक्षा भी वापस ले ली गई थी। उनके मुताबिक, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उन्होंने नानकसर दौरे के दौरान लोगों से अकाली दल का समर्थन करने का आग्रह किया था। इसी तरह, पंजाबी गायक जॉर्डन संधू की सुरक्षा भी बिना किसी ठोस कारण के वापस ले ली गई।
अकाली दल अध्यक्ष ने दावा किया कि जो कोई भी अकाली दल से मिलता है या उसका समर्थन करता है, उसे असुरक्षित बनाने के लिए उसका सुरक्षा कवर हटा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “कलाकारों और सम्मानित संप्रदायों के प्रमुखों को गंभीर सुरक्षा खतरों का सामना करना पड़ रहा है। गैंगस्टर और जबरन वसूली करने वाले उन्हें निशाना बना रहे हैं, लेकिन सरकार सुरक्षा देने की बजाय उसे वापस ले रही है।”
सिद्धू मूसेवाला की हत्या का दिया हवाला
Sukhbir Singh Badal on Security Withdrawal के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि प्रख्यात पंजाबी गायक की दिनदहाड़े हुई भयावह हत्या इस तरह की लापरवाह नीति का घातक परिणाम है। बादल ने कहा, “ऐसा लगता है कि आम आदमी पार्टी सरकार ने अपनी पिछली गलतियों से कोई सबक नहीं सीखा है। वह सुरक्षा वापस लेने की धमकी का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में कर रही है।”
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर किसी कलाकार या सम्मानित व्यक्ति को कोई नुकसान पहुंचता है, जिनकी सुरक्षा मनमाने ढंग से वापस ली गई है, तो इसके लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे।
राज्यपाल से करेंगे शिकायत
सुखबीर सिंह बादल ने खुलासा किया कि वह इस मुद्दे को पंजाब के राज्यपाल के समक्ष उठाएंगे। उनका कहना था कि राज्यपाल के माध्यम से आप सरकार को इस तरह की मनमानी गतिविधियों में लिप्त होने से रोका जा सकेगा। उन्होंने सरकार के इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र और कलाकारों की आजादी पर हमला बताया।
‘क्या है पूरा मामला’
पंजाब में कलाकारों और धार्मिक संप्रदायों के प्रमुखों की सुरक्षा को लेकर यह पहला विवाद नहीं है। पिछले कुछ सालों में पंजाबी गायकों पर गैंगस्टरों के हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं, जिसमें सिद्धू मूसेवाला की हत्या सबसे चौंकाने वाली थी। ऐसे में सुरक्षा का मुद्दा काफी संवेदनशील हो जाता है। सुखबीर बादल का यह हमला उस वक्त हुआ है जब गिप्पी ग्रेवाल की हालिया बादल आवास यात्रा के बाद सियासी हलकों में चर्चा थी कि वह अकाली दल के करीब आ सकते हैं। सुरक्षा वापसी के फैसले को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
मुख्य बातें (Key Points)
Sukhbir Singh Badal on Security Withdrawal में उन्होंने गिप्पी ग्रेवाल, जॉर्डन संधू और नानकसर प्रमुख की सुरक्षा वापसी को निंदनीय बताया।
बादल ने आरोप लगाया कि यह सुरक्षा कवर राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से वापस लिया गया, क्योंकि इन्होंने अकाली दल से मुलाकात या समर्थन किया था।
उन्होंने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि अगर कोई हादसा हुआ तो सीएम भगवंत मान होंगे जिम्मेदार।
अकाली दल प्रमुख ने कहा कि वह इस मामले को पंजाब के राज्यपाल के समक्ष उठाकर आप सरकार की मनमानी पर रोक लगवाएंगे।
उन्होंने सरकार पर कलाकारों को अपने कंट्रोल में करने के लिए सुरक्षा को हथियार बनाने का गंभीर आरोप लगाया।








