पंजाबियों को छोड़कर शीर्ष पद के लिए दिल्ली जाने के लिए कांग्रेस सरकार की घोर निंदा की


चंडीगढ़, 31 मई

शिरोमणी अकाली दल ने आज कहा कि कांग्रेस सरकार ने पंजाब के लोगों केा कोविड महामारी के संकट  के बीच  में अपने भाग्य के सहारे छोड़कर दिल्ली में ‘शीर्ष पद’ की लड़ाई के लिए भागना शुरू करने पर गहरी चिंता जताई है।

कल देर शाम हुई कोर कमेटी की मीटिंग में कहा गया कि कांग्रेस के मंत्री और विधायक कोविड महामारी से जूझ रहे लोगों के प्रति उदासीन बने हुए हैं, लेकिन शीर्ष पद को हासिल करने के लिए दिल्ली पहुंचने के लिए एक दूसरे से आगे भाग रहे हैं। कोर कमेटी ने मंत्रियों और विधायकों को नैतिक रूप से लालच देने की घोर निंदा करते हुए कहा कि उन्हे कोविड संकट के दौरान ऐसा नही करना चाहिए था। उन्होेने कहा कि ‘ यह तथ्य है कि कांग्रेस आलाकमान ने इसे प्रोत्साहित किया है, पंजाबियों के प्रति ऐसी ‘सोच’ को उजागर करती है।

शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता में कोर कमेटी ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की निंदा करते हुए कहा कि उन्होने इस गड़बड़ी की अध्यक्षता की और कोविड के खिलाफ लड़ाई करने के लिए समय निकालने के बजाय अपनी कुर्सी बचाने में रूचि रखते हैं तथा लोगों की समस्याओं से पूरी तरह बेखबर है। पंजाब के लोगों को बुनियादी दवाओं , आक्सीजन और यहां तक कि वैैक्सीन की डोज के बिना छोड़ दिया है। इस सबके कारण 14,500 मौतें हुई हैं जोकि देश भर में सबसे ज्यादा हैं, लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह इसके लिए बिल्कूल भी चिंतित नही है। वह अपने विरोधियों के साथ इस खेल में शामिल हो गए हैं और अपनी ही टीम को कोविड मरीजों को बचाने के बजाय अपनी कुर्सी बचाने के  लिए दिल्ली भेजा है।

सुखबीर सिंह बादल ने मीटिंग में बोलते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस के मंत्री और विधायक मुख्यमंत्री पद की कुर्सी के साथ साथ कैबिनेट पद के लिए दिल्ली पहुंचे, लेकिन वे कभी भी पंजाबियों के लिए जीवन रक्षक दवाओं, आक्सीजन कन्संट्रेटर यां वैक्सीन की डोज के लिए कभी दिल्ली नही गए। उन्होने कहा कि राज्य में गंभीर कोविड संकट होने के साथ साथ कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के बजाय उनकी  शीर्ष पद  प्राथमिकता बन गया है।

कांग्रेस सरकार से मानवता के लिए पहले कुछ करने के लिए कहते हुए सरदार सुखबीर सिंह बादल ने कहा ‘ मुख्यमंत्री को सभी मंत्रियों और विधायकों को तुरंत पंजाब लौटने के लिए कहने और पंजाब में कोविड रोगियों की सहायता के लिए तुरंत  निर्देश दिए जाने चाहिए । मुख्यमंत्री को उदाहरण बनकर अगुवाई करनी चाहिए और अगले छह महीने के भीतर राज्य की पूरी आबादी को वैक्सीन लगाने के लिए वैक्सीन निर्माताओं से 1000 करोड़ रूपये की वैक्सीन खरीदने के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड की बढ़ती घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए ब्लाॅक स्तर पर कदम उठाने चाहिए। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री को सभी उपभोक्ताओं के लिए छह महीने की अवधि के लिए बिजली बिलों को पूरी तरह से माफ करने के अलावा लाॅकडाउन से प्रभावित समाज के सभी वर्गों  के लिए आर्थिक मदद की घोषणा करनी चाहिए , उन्होने नकली बिजली टैरिफ में कटौती की नौटंकी करार दिया है। उन्होने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी की भी निंदा की। उन्होने कहा कि ‘दोनों को अपने पंजाब विरोधी कार्यों के लिए माफी मांगनी चाहिए।

इस दौरान कोर कमेटी ने कहा कि मुख्यमंत्री तथा मंत्रियों समेत सरकार का गायब होने के कारण कानून व्यवस्था की स्थिति बदतर हो गई है। इसमें कहा गया है कि जहां पंजाबी पहले ही आर्थिक बर्बादी का सामना करना पड़ रहा है वहीं लोगों को कोविड महामारी के प्रभाव से जूझ रहे हैं, वही अपराधी किस्म के लोग धमकी दे रहे हैं तथा पैसे ऐंठ रहे हैं। उन्होने मुख्यमंत्री से कहा कि गैंगस्टरों को सरंक्षण देने वाले कांग्रेसियों के खिलाफ कार्रवाई करने सहित तत्काल सही कदम उठाए जाने चाहिए।


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