IMD Rainfall Alert के मुताबिक दक्षिण भारत में भारी बारिश का सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने 17 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस रिलीज में बताया है कि तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक व तटीय कर्नाटक और केरल में 23 अक्टूबर तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। तमिलनाडु में 17 और 20 अक्टूबर को कहीं-कहीं अति भारी से बेहद भारी बारिश भी हो सकती है।
पिछले 24 घंटों के दौरान गोवा, तमिलनाडु और केरल में अति भारी बारिश यानी 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई है, जबकि तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 7 से 11 सेंटीमीटर भारी बारिश रिकॉर्ड हुई है। समझने वाली बात है कि यह आंकड़े बताते हैं कि दक्षिण भारत में मानसून की वापसी के बावजूद बारिश का असर अभी कम नहीं हुआ है।
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‘कौन-कौन से मौसमी सिस्टम बने वजह’
आईएमडी के मुताबिक इस भारी बारिश के पीछे कई मौसमी सिस्टम जिम्मेदार हैं। एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर हरियाणा और आसपास के इलाकों में चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। इसके अलावा दक्षिणपूर्व राजस्थान और मध्य प्रदेश, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश, उत्तरी तमिलनाडु और दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश तथा लक्षद्वीप के उत्तरी हिस्सों में भी ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं।
दिलचस्प बात यह है कि एक ट्रफ लक्षद्वीप के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण से दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है, वहीं दूसरी ट्रफ पूर्व-मध्य अरब सागर से कर्नाटक तट होते हुए कोमोरिन क्षेत्र तक जाती है। इन सभी सिस्टमों के असर से दक्षिण भारत में व्यापक से अति व्यापक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
‘इन राज्यों में कब-कब होगी बारिश’
| राज्य/क्षेत्र | बारिश का प्रकार | समयावधि |
|---|---|---|
| तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप | व्यापक से अति व्यापक बारिश | 17-23 अक्टूबर |
| तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल | व्यापक से अति व्यापक बारिश | 17-23 अक्टूबर |
| तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, रायलसीमा | व्यापक से अति व्यापक बारिश | 17-18 अक्टूबर |
| उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना | छिटपुट से बिखरी हुई बारिश | 17-23 अक्टूबर |
| तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल | अति भारी बारिश | 17 व 20 अक्टूबर |
‘तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी’
आईएमडी ने केरल, माहे और लक्षद्वीप में 17 अक्टूबर को छिटपुट तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी दी है, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा और झोंकों में 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में भी 17-18 अक्टूबर को इसी तरह की स्थिति बनने की संभावना है।
चिंता का विषय यह है कि उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 17-21 अक्टूबर के दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि तेलंगाना में यह असर 17-22 अक्टूबर तक बना रहेगा। मछुआरों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है कि 17 से 19 अक्टूबर के बीच कर्नाटक व केरल तट और लक्षद्वीप क्षेत्र में समुद्र की स्थिति खराब रह सकती है।
‘पश्चिम भारत और दिल्ली-एनसीआर का हाल’
पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण व गोवा और मराठवाड़ा में 17-19 अक्टूबर के दौरान छिटपुट तूफान, बिजली और तेज हवाओं की आशंका है, जबकि मध्य महाराष्ट्र में यह असर 17-20 अक्टूबर तक रहेगा। गोवा और कोंकण में 17 अक्टूबर को गर्म व उमस भरा मौसम रहने की भी संभावना जताई गई है।
वहीं दिल्ली-एनसीआर में मौसम फिलहाल साफ रहने के आसार हैं। 18 अक्टूबर को दिल्ली में मुख्य रूप से साफ आसमान रहेगा और अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। 19 और 20 अक्टूबर को भी दिल्ली में मौसम साफ रहने और तापमान लगभग इसी दायरे में बने रहने की उम्मीद है।
‘सबसे ज्यादा बारिश कहां दर्ज हुई’
| क्षेत्र | स्थान | बारिश (सेमी) |
|---|---|---|
| केरल | कन्नूर | 16 |
| तमिलनाडु | कांचीपुरम | 15 |
| गोवा | डाबोलिम | 12 |
| तटीय कर्नाटक | मांकी (उत्तर कन्नड़) | 10 |
| रायलसीमा | चित्तूर | 8 |
| तटीय आंध्र प्रदेश | गुंटूर | 7 |
| दक्षिण आंतरिक कर्नाटक | कुणिगल (तुमकुरु) | 7 |
यह दर्शाता है कि केरल और तमिलनाडु में बारिश की तीव्रता बाकी राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा रही है, जिससे इन दोनों राज्यों में सतर्कता बढ़ाने की जरूरत है।
‘भारी बारिश से क्या हो सकता है असर’
आईएमडी की प्रेस रिलीज में बताया गया है कि तेज हवा और बारिश से पेड़ों की टहनियां टूट सकती हैं और केले, पपीते जैसे छोटे पेड़ उखड़ सकते हैं। खड़ी फसलों, बागवानी और प्लांटेशन को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कच्चे मकानों, दीवारों और सड़कों को भी मामूली नुकसान हो सकता है, साथ ही सड़क व रेल यातायात प्रभावित होने और निचले इलाकों में जलभराव व बाढ़ जैसी स्थिति बनने की चेतावनी दी गई है।
उम्मीद की किरण यह है कि आईएमडी ने पहले से ही एहतियाती उपाय सुझाए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। बिजली गिरने की आशंका के दौरान पेड़ों के नीचे शरण ना लें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तुरंत अनप्लग कर दें।
‘किसानों के लिए जरूरी सलाह’
तमिलनाडु में धान की नर्सरी और खड़े खेतों के साथ-साथ कपास, मक्का, मूंगफली और सब्जी के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की सलाह दी गई है। केरल में धान की कटी हुई फसल को सुरक्षित और सूखी जगह रखने तथा निचले व जलभराव वाले इलाकों को प्राथमिकता देते हुए पानी निकालने को कहा गया है।
कर्नाटक में खड़ी फसलों में उचित जल निकासी बनाए रखने और पकी हुई मूंग, उड़द व सोयाबीन की फसल काटकर सुरक्षित जगह रखने की सलाह दी गई है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में धान, मक्का, रागी, मूंगफली, अरहर, गन्ना, सब्जियों और फल बागानों से पानी निकालने की सलाह दी गई है।
मुख्य बातें (Key Points)
- IMD ने तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में 23 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
- पिछले 24 घंटों में गोवा, तमिलनाडु और केरल में 12-20 सेमी तक अति भारी बारिश दर्ज हुई।
- केरल के कन्नूर में सबसे ज्यादा 16 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
- तेज हवाओं (40-60 किमी प्रति घंटा) और बिजली गिरने की चेतावनी भी कई राज्यों में जारी है।
- दिल्ली-एनसीआर में मौसम साफ रहेगा, तापमान 31-33 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है।










