राजनीति में क़दम रखेंगे सोनू सूद?: कहा- मैनिफेस्टो के वायदे पूरे नहीं तो इस्तीफ़ा दें नेता

नई दिल्ली, 5 नवंबर (The News Air)
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता सोनू सूद की गतिविधियां ये इशारा कर रही हैं कि वह राजनीति में आ रहे हैं। हालांकि, वो इससे इनकार कर चुके हैं, लेकिन अब उन्होंने नेताओं को नसीहत दी है, जिससे उनके राजनीति में आने की ओर इशारा हुआ है। सोनू ने कहा है- अगर मैनिफेस्टो में किए वादे पूरे नहीं होते तो नेताओं को इस्तीफ़ा देना चाहिए। उनके इस बयान ने पंजाब में राजनीति में गर्मी बढ़ा दी हैं। लोगों का मानना है कि सोनू आम आदमी पार्टी से सीएम का चेहरा बनकर राजनीति में अपनी पारी की शुरूआत करेंगे। लेकिन, केजरीवाल ये साफ़ कर चुके हैं कि पंजाब में पार्टी का सीएम फेस सिख समाज से होगा।

सोनू ने कुछ समय पहले आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल से मुलाक़ात की थी, तब से सोनू और उनकी राजनीतिक पारी को लेकर चर्चाएं ज़ोरों पर हैं।

सब वादे करते हैं, इसका एग्रीमेंट होना चाहिए

सोनू सूद ने कहा कि मैं कुछ फीलिंग शेयर करना चाहता हूं। मैं बहुत से वीडियो देख रहा था कि बहुत सारे नेता, सरकार और राज्य के लोग मैनिफेस्टो शेयर करते हैं। वो कहते हैं कि अगर हमारी सरकार आए तो हम लोगों को ये चीजे देंगे। उसमें फ्री भी होता है। मुझे लगता है कि जब भी यह मैनिफेस्टो आते हैं तो आम लोगों के साथ एग्रीमेंट होना चाहिए। लोगों को एग्रीमेंट की कॉपी देनी चाहिए कि इस टाइम लिमिट में मैं यह काम करूंगा। अगर मैं काम नहीं कर सका तो इस्तीफ़ा भी होना चाहिए कि अगर मैं डिलीवर नहीं कर सका तो कुर्सी छोड़ दूंगा।

पिछली सरकारों को दोष दे देते हैं नेता

हर गली-शहर में जहां भी लोग मैनिफेस्टो दें, वहाँ लोगों को एग्रीमेंट और इस्तीफ़ा भी देना चाहिए। इसकी एक टाइम लिमिट फिक्स होनी चाहिए। अक्सर हम देखते हैं कि नेता कहते हैं कि पिछली सरकार कैसे फेल हुई। लोगों से बेहतर कोई नहीं जानता कि कौन से वादे पूरे नहीं हुए। वहाँ की क्या समस्या है। हमें यह संदेश देना चाहिए कि अगर मैं आया तो मैं क्या बदलाव दूंगा। नेता वो होने चाहिए, जिसे कुर्सी की भूख न हो।

शपथ लेते वक़्त इस्तीफ़े की कॉपी भी हो

जब भी नेता शपथ ले तो नेता अपनी ज़ेब में इस्तीफ़ा भी रखना चाहिए। अगर मैं काम नहीं कर पाया तो यह इस्तीफ़ा भी रखा हुआ है। मुझे लगता है कि आने वाले समय में यह माहौल बनाएं कि शिकायत न लगाने पड़ी कि बेरोज़गारी, हेल्थ सिस्टम ख़राब है। मैंने भी बचपन से मैनिफेस्टो सुने हैं लेकिन अब वक़्त आ गया है कि हमारे पास मैनिफेस्टो से पहले उनके एग्रीमेंट और इस्तीफ़े की कॉपी हो। लोग कह सकें कि नेता फेल है या पास।

मेरी कोशिश रहेगी, अच्छे लोग आगे आएं

सूद ने कहा कि मेरी कोशिश रहेगी कि इस बार अच्छे लोग आगे आएंगे और लोगों और उनके बच्चों के भविष्य को अच्छा बनाएंगे। सूद की इसी बात को सियासत में आने से जोड़कर देखा जा रहा है। सोनू सूद पंजाब के मोगा से रहने वाले हैं। वह मुंबई में रहते हैं लेकिन उनका परिवार मोगा में है। वह कोरोना काल में लोगों को उनके घर तक पहुंचाने और बीमार लोगों की मदद की वजह से ख़ूब चर्चा में रहे।

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