Solar Eclipse 2026 Astrology: करीब 6 दशकों के बाद अंतरिक्ष में ग्रहों का एक ऐसा ‘दुर्लभ’ खेल चलने वाला है, जिसने ज्योतिषियों की नींद उड़ा दी है। 17 फरवरी 2026 को लगने वाला साल का पहला सूर्य ग्रहण केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि एक बड़ी ज्योतिषीय चेतावनी है, क्योंकि इस दिन सूर्य और राहु का ऐसा गठबंधन बनने जा रहा है जो सीधे तौर पर हमारी मानसिक स्थिति और फैसलों पर असर डालेगा।
64 साल बाद लौटा है यह दुर्लभ योग
वैदिक ज्योतिषियों के अनुसार, यह सूर्य ग्रहण एक बेहद दुर्लभ योग में बन रहा है। ऐसा संयोग लगभग 40 से 60 साल बाद बनता है। इससे पहले ठीक ऐसा ही योग साल 1962 में देखा गया था।
दुर्गा सप्तशती में वर्णित मान्यता के अनुसार, जब मंगलवार के दिन अमावस्या हो और Moon शतभिषा नक्षत्र में स्थित हो, तो यह योग कला, लेखन और साधना के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। लेकिन इस बार सूर्य और Rahu कुंभ राशि में युति करेंगे और चंद्रमा भी राहु के ही नक्षत्र (शतभिषा) में विराजमान रहेंगे, जिससे ग्रहण का प्रभाव बहुत गहरा और मानसिक रूप से उथल-पुथल मचाने वाला होगा।
मानसिक शांति पर होगा सबसे गहरा वार
वीडियो में दी गई जानकारी के मुताबिक, यह सूर्य ग्रहण शाम 5:31 से शुरू होकर 7:57 तक रहेगा। हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा और न ही इसका सूतक काल मान्य होगा, लेकिन ज्योतिषीय प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
ग्रहों की यह चाल इंसान की मानसिक स्थिति, निर्णय क्षमता और जीवन की दिशा को प्रभावित करेगी। इसलिए अगले कुछ दिनों तक बहुत सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत है।
कुंभ राशि (Aquarius): भ्रम और गलतफहमी का शिकार
कुंभ राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण और संवेदनशील माना जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि Sun इस दौरान आपके लग्न भाव (पहले घर) में ही स्थित रहेंगे। राहु ग्रहण के मुख्य कारक बनेंगे और साथ में बुध व शुक्र भी आपकी ही राशि में मौजूद रहेंगे।
इस स्थिति में आपके विचारों की गति तो बहुत तेज होगी, लेकिन भ्रम, असमंजस और गलतफहमी की संभावना भी उतनी ही बढ़ जाएगी। आप जल्दबाजी में कोई ऐसा फैसला ले सकते हैं जो बाद में गलत साबित हो। इसलिए मानसिक संतुलन और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें।
कर्क राशि (Cancer): तनाव और बेचैनी बढ़ेगी
कर्क राशि वालों के लिए यह सूर्य ग्रहण थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। ग्रहण के समय सूर्य और चंद्रमा दोनों आपकी गोचर कुंडली के अष्टम भाव (8th House) में स्थित रहेंगे। ज्योतिष में अष्टम भाव में ग्रहों की मौजूदगी मानसिक तनाव, चिंता और भावनात्मक उतार-चढ़ाव को बढ़ाती है।
इस दौरान आपका मन बिना किसी वजह के बेचैन रह सकता है और छोटी-छोटी बातों पर भी आप परेशान हो सकते हैं। स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह समय थोड़ा कमजोर है, इसलिए खान-पान और अपनी दिनचर्या पर विशेष ध्यान दें। ग्रहण के बाद कुछ दिनों तक बड़े फैसले टालना ही बेहतर रहेगा।
सिंह राशि (Leo): रिश्तों और व्यापार में संभलकर रहें
सिंह राशि के जातकों की कुंडली में इस समय राहु और केतु केंद्र और सप्तम भाव (7th House) को प्रभावित कर रहे हैं। सप्तम भाव साझेदारी और वैवाहिक जीवन का होता है। ऐसे में आपको अपने व्यापार, पार्टनरशिप और दांपत्य जीवन से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।
किसी भी तरह के नए निवेश (Investment) या समझौते से पहले पूरी जानकारी लें और खूब सोच-विचार करें। भावनाओं में बहकर लिया गया कोई भी फैसला नुकसानदायक साबित हो सकता है। संयम और धैर्य ही इस समय आपका सबसे बड़ा हथियार है।
‘जानें पूरा मामला’
17 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास की अमावस्या तिथि पर यह सूर्य ग्रहण लग रहा है। ज्योतिषीय दृष्टि से इसे ‘असाधारण’ माना जा रहा है क्योंकि शनि की राशि कुंभ में सूर्य और राहु की युति हो रही है। यह खगोलीय घटना शाम को होगी, जो भारत में दृश्य नहीं होगी, लेकिन इसका ब्रह्मांडीय प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
तारीख: 17 फरवरी 2026, शाम 5:31 से 7:57 तक।
दुर्लभ योग: 1962 के बाद, लगभग 64 साल बाद मंगलवार की अमावस्या और शतभिषा नक्षत्र का संयोग।
प्रभाव: भारत में दिखाई नहीं देगा, सूतक मान्य नहीं।
सावधान रहें: कुंभ (मानसिक भ्रम), कर्क (तनाव), और सिंह (रिश्तों में खटास) राशि वालों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी।








