Shivraj Singh Chouhan in Varanasi: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को वाराणसी में भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR) का दौरा किया और वैज्ञानिकों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। उन्होंने संस्थान परिसर में रक्त-चंदन (Red Sandalwood) का पौधारोपण कर बैठक का शुभारंभ किया। इस दौरान मंत्री ने प्रक्षेत्र (फील्ड) का भ्रमण किया और किसानों से सीधा संवाद करते हुए सब्जी बीजों की उपलब्धता, गुणवत्ता, उत्पादन लागत कम करने के उपाय और नवीनतम तकनीकों की जानकारी ली।
उनका यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में हुआ, जिससे इसे विशेष महत्व मिल रहा है। मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार किसानों के उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार कदम उठा रही है।
आधुनिक तकनीकों पर हुई विस्तृत चर्चा
इस अवसर पर वैज्ञानिक डॉ. अनंत बहादुर ने कृषि मंत्री को आधुनिक तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया। खासतौर पर ग्राफ्टेड तकनीक पर चर्चा हुई, जिसमें एक ही पौधे पर दो अलग-अलग सब्जियां उगाई जा सकती हैं। इनमें प्रमुख हैं:
ब्रिमेटो (Brimato): बैंगन और टमाटर का ग्राफ्टेड पौधा।
पोमेटो (Pomato): आलू और टमाटर का ग्राफ्टेड पौधा।
डॉ. बहादुर ने बताया कि ये तकनीकें किसानों की आमदनी बढ़ाने में कारगर साबित हो सकती हैं, क्योंकि एक ही खेत और एक ही पौधे से दो फसलें प्राप्त होती हैं। मंत्री महोदय ने इस तकनीक की सराहना करते हुए कहा कि इसे जल्द से जल्द किसानों तक पहुंचाया जाए।
हाईटेक नर्सरी और एफपीओ पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने हाईटेक नर्सरी को किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि किसान उत्पादक संगठन (FPO) नर्सरी के माध्यम से उन्नत बीजों का उत्पादन कर किसानों तक पहुंचाने की आवश्यकता है। इससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज आसानी से मिल सकेंगे और उनकी लागत भी कम होगी।
मंत्री ने वैज्ञानिकों को निर्देश दिए कि वे टमाटर की शेल्फ लाइफ (Shelf Life) बढ़ाने, सूखे पाउडर और निर्यात को बढ़ाने वाली फसलों के विकास पर तेजी से काम करें। इसके अलावा, जैविक खेती और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।
बायो-प्रोडक्ट्स का प्रदर्शन
मंत्री ने संस्थान द्वारा विकसित सूक्ष्म जीव (Microbes), जैव उर्वरक (Bio-fertilizers) और जैव कीटनाशक (Bio-pesticides) के उत्पादों का प्रदर्शन भी देखा। उन्होंने इन जैविक उत्पादों की उपयोगिता को रेखांकित किया और किसानों तक इनकी पहुंच बढ़ाने पर बल दिया।
शोध और विकास कार्यों की सराहना
केंद्रीय मंत्री ने आईआईवीआर में चल रहे अनुसंधान और विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने उन्नत सब्जी किस्मों, बीज उत्पादन, संरक्षित खेती (Protected Cultivation), जैविक खेती, मूल्य संवर्धन (Value Addition) और उद्यमिता विकास से जुड़ी पहलों को सराहा। उनका कहना था कि इस तरह के शोध सीधे किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होते हैं।
‘जानें पूरा मामला’
भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR) वाराणसी देश में सब्जी अनुसंधान का एक प्रमुख केंद्र है। यहां किसानों की आय बढ़ाने, फसलों की गुणवत्ता सुधारने और नई तकनीकों को विकसित करने पर काम होता है। केंद्रीय कृषि मंत्री के इस दौरे को किसानों के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। उनका सीधे वैज्ञानिकों से संवाद और किसानों से चर्चा बताती है कि सरकार कृषि क्षेत्र में तकनीकी बदलाव लाने के लिए गंभीर है। ब्रिमेटो और पोमेटो जैसी ग्राफ्टेड तकनीकें न केवल उत्पादन बढ़ाएंगी बल्कि किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने का मौका भी देंगी। यह दौरा मोदी सरकार की कृषि-अनुकूल नीतियों का ही हिस्सा है, जिसमें किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्य बातें (Key Points)
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वाराणसी में IIVR का दौरा किया और रक्त-चंदन का पौधारोपण किया।
उन्होंने बैगन-टमाटर (ब्रिमेटो) और आलू-टमाटर (पोमेटो) जैसी ग्राफ्टेड तकनीकों का जायजा लिया।
मंत्री ने हाईटेक नर्सरी और एफपीओ के माध्यम से उन्नत बीज किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
टमाटर की शेल्फ लाइफ बढ़ाने, जैविक खेती और निर्यात बढ़ाने वाली फसलों पर काम करने के निर्देश दिए।
वैज्ञानिकों द्वारा विकसित जैव उर्वरकों और जैव कीटनाशकों के प्रदर्शन की सराहना की।








