महाराष्ट्र विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष दानवे ने दावा किया कि जनसभा की ओर तथा विधायक की कार पर पत्थर फेंके गए। दानवे ने दावा किया कि यह ‘‘ हिंदू और दलित समुदायों के बीच झगड़ा भड़काने का प्रयास” था और ठाकरे के कार्यक्रम को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान नहीं करने के लिए पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कलवानिया ने मौके पर पथराव की बात से इनकार करते हुए कहा कि वहां दो गुटों में केवल नारेबाजी हुई। जनसभा के बाद दानवे ने महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक रजनीश सेठ को एक पत्र लिखा जिसमें घटना का उल्लेख किया गया और दावा किया कि सुरक्षा में ‘‘अक्षम्य लापरवाही” हुई। दानवे ने इस लापरवाही को गंभीरता से लिए जाने की मांग की है।








