Shaun Bhinder Fugitive Case को लेकर पंजाब की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने बुधवार को चंडीगढ़ में अंतरराष्ट्रीय ड्रग आरोपी शहनाज सिंह उर्फ शॉन भिंडर के देश से फरार होने के मामले में भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना पंजाब में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त होने का सबसे बड़ा सबूत है और इसके पीछे मुख्यमंत्री भगवंत मान और कार्यकारी डीजीपी का हाथ है।
‘तस्कर भागा या भगाया गया?’: मजीठिया ने उठाए तीखे सवाल
मजीठिया ने कहा कि सरकार और पुलिस की नाक के नीचे से FBI के वांटेड एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर का फरार हो जाना साधारण लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर मिलीभगत की ओर इशारा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने बड़े स्तर की फरारी बिना शीर्ष नेतृत्व की जानकारी या सहमति के संभव ही नहीं हो सकती।
Shaun Bhinder Fugitive Case में मजीठिया ने सबसे बड़ा सवाल यह उठाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और कार्यकारी डीजीपी को स्पष्ट करना चाहिए कि यह तस्कर खुद भागा या उसे “सेफ पैसेज” देकर इनके इशारे पर भगाया गया। उन्होंने पूछा कि क्या इस फरारी के पीछे राजनीतिक संरक्षण और ऊंचे स्तर की सेटिंग काम कर रही थी।
‘नशे के खिलाफ युद्ध सिर्फ दिखावा’: 57 हजार गिरफ्तारियों पर सवाल
मजीठिया ने मान सरकार के “नशे के खिलाफ युद्ध” अभियान की धज्जियां उड़ाते हुए कहा कि ड्रग्स मामलों में 402 दिनों में 57 हजार लोगों की गिरफ्तारियां महज लोगों की आंखों में धूल झोंकने वाली बात है। उन्होंने कहा कि हकीकत यह है कि नशा अब भी धड़ल्ले से बिक रहा है और नौजवान आज भी मर रहे हैं, जबकि बड़े तस्कर बच निकलते हैं और सरकार सिर्फ प्रचार में व्यस्त है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के कई नेता खुद नशे के कारोबार में लगे हुए हैं और कुछ को पकड़ा भी गया है। Shaun Bhinder Fugitive Case सिर्फ एक फरारी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के फेल होने का सबूत है।
लॉरेंस बिश्नोई इंटरव्यू और भिंडर फरारी: एक ही कहानी
मजीठिया ने कहा कि इससे पहले जेल के अंदर से गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का इंटरव्यू सामने आ चुका है और अब एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग आरोपी का फरार होना यह साबित करता है कि पंजाब में कानून-व्यवस्था केवल कागजों और विज्ञापनों तक सीमित रह गई है, जबकि ग्राउंड जीरो पर स्थिति बिल्कुल विपरीत है।
CBI जांच और स्वतंत्र एजेंसी से निगरानी की मांग
मजीठिया ने मांग की कि Shaun Bhinder Fugitive Case की निष्पक्ष जांच CBI या किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से अदालत की निगरानी में करवाई जाए, ताकि सामने आ सके कि इस फरारी में किस-किस की भूमिका थी और क्या इसमें पैसे का लेन-देन भी हुआ। उन्होंने कहा कि बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं ने पंजाब पुलिस की विश्वसनीयता पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं और जनता का भरोसा पूरी तरह हिल चुका है।
मुख्य बातें (Key Points)
- मजीठिया ने FBI के वांटेड ड्रग आरोपी शॉन भिंडर की फरारी पर मान सरकार और कार्यकारी DGP पर गंभीर आरोप लगाए
- ‘सेफ पैसेज’ देकर भगाने और राजनीतिक संरक्षण का आरोप, CBI जांच की मांग
- 57 हजार गिरफ्तारियों को दिखावा बताया, कहा नशा अभी भी धड़ल्ले से बिक रहा है
- लॉरेंस बिश्नोई इंटरव्यू का हवाला देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था सिर्फ कागजों पर है













