Shaheedi Diwas पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 23 मार्च को शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान दिवस पर उनके गांव खट्टर कलां और हुसैनीवाला में श्रद्धांजलि अर्पित की और इसके बाद बांगा में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान CM मान ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने शहीदों को भारत रत्न (Bharat Ratna) देने की मांग की थी, लेकिन BJP सरकार ने यह मांग ठुकरा दी। CM मान ने ₹24.99 करोड़ की लागत से बनने वाले हुसैनीवाला विरासत परिसर (Hussainiwala Virasat Project) का शिलान्यास भी किया और पंजाब की जनता से ₹10 लाख का स्वास्थ्य बीमा कार्ड जरूर बनवाने की अपील की।
Shaheedi Diwas पर CM मान का भावुक संबोधन: “भगत सिंह PM होते तो तस्वीर अलग होती”
Shaheedi Diwas के अवसर पर CM भगवंत मान ने बेहद भावनात्मक और राजनीतिक रूप से तीखा भाषण दिया। उन्होंने कहा कि “यह दिन सिर्फ इसलिए खास नहीं है कि यह 23 मार्च है, बल्कि यह एक साधारण दिन है जो असाधारण इसलिए बन गया क्योंकि देश के तीन बहादुर सपूतों ने अपनी जवानी और जिंदगी मातृभूमि के लिए कुर्बान कर दी।” मान ने कहा कि इन शहीदों की शहादत ने स्वतंत्रता संग्राम में नई ऊर्जा भर दी और उनके बलिदान के 15-16 साल बाद ही लाल किले पर तिरंगा फहरा गया।
CM मान ने कहा कि “अगर शहीद-ए-आजम भगत सिंह 1952 के पहले आम चुनावों के बाद भारत के प्रधानमंत्री बन जाते, तो आज देश की तस्वीर पूरी तरह अलग होती।” उन्होंने आगे कहा कि “अगर आजादी के बाद देश की बागडोर नौजवानों को सौंप दी जाती, तो भारत आज दुनिया में नंबर वन देश होता।” मान का यह बयान युवा नेतृत्व और शहीदों की उपेक्षा दोनों पर एक सीधा सवाल था।
BJP पर जोरदार हमला: “2014 में आजादी मिली का दावा शहीदों का अपमान”
Shaheedi Diwas पर CM मान ने बिना नाम लिए BJP नेतृत्व पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि “जिन्होंने आजादी के संग्राम में कुछ नहीं खोया, वे आज दावा कर रहे हैं कि भारत 2014 में ही आजाद हुआ और अब चाहते हैं कि देश उनके आदेशों के अनुसार चले।” यह बयान सीधे तौर पर उन नेताओं पर चोट करता है जो आजादी की विरासत पर अपना दावा ठोकते हैं, जबकि स्वतंत्रता आंदोलन में उनका कोई योगदान नहीं रहा।
मान ने आगे कहा कि “इन लोगों ने अपने नेताओं के नाम पर भव्य स्मारक बनाए, जीवित रहते हुए अपने नाम पर स्टेडियम बनवाए, लेकिन शहीद-ए-आजम भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव जैसे सच्चे शहीदों के लिए कुछ नहीं किया।” उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने इन तीनों महान क्रांतिकारियों को भारत रत्न (सर्वोच्च नागरिक सम्मान) दिए जाने की मांग की थी, लेकिन BJP सरकार ने यह मांग नहीं मानी। मान ने सवाल उठाया कि आजादी के 75 साल से ज्यादा बीतने के बाद भी इन महान शहीदों को देश का सर्वोच्च सम्मान क्यों नहीं दिया गया।
“वोटर कार्ड में शहीदों की खुशबू, इसे बेचना मत”: CM मान
Shaheedi Diwas पर CM मान ने लोकतंत्र और मतदान के अधिकार पर भी गहरी बात कही। उन्होंने कहा कि “शहीद-ए-आजम भगत सिंह और उनके साथियों ने सत्ता या राजनीतिक लाभ के लिए अपनी जान नहीं दी। उनका बलिदान निस्वार्थ था। आज हमारे पास जो वोट का अधिकार है, वह इन्हीं शहीदों की देन है।” मान ने कहा कि “जब हम अपने वोटर कार्ड को देखते हैं तो हमें अपनी फोटो दिखती है, लेकिन अगर गौर से देखें तो उसमें इन शहीदों की खुशबू महसूस होगी। इसलिए हमें अपने वोट का इस्तेमाल समझदारी से करना चाहिए।”
उन्होंने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि “आजादी से पहले लोग त्योहार तो मनाते थे, लेकिन उनके पास वोट का अधिकार नहीं था क्योंकि अंग्रेज हम पर राज करते थे। इन शहीदों ने इसलिए लड़ाई लड़ी ताकि हम अपने नेताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुन सकें। यह अधिकार अनमोल है और लोगों को कभी भी पैसे, प्रभाव या किसी लालच के बदले अपना वोट नहीं बेचना चाहिए।” मान ने कहा कि “यह वोटर कार्ड सस्ता नहीं है, यह बहुत बड़ी कुर्बानियों से हासिल किया गया है।”
शिक्षा को बताया गरीबी और सामाजिक बुराइयों का इकलौता इलाज
CM मान ने Shaheedi Diwas के अवसर पर शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि “शिक्षा ही गरीबी और सामाजिक बुराइयों को मिटाने का एकमात्र स्थायी समाधान है। शिक्षा वह रोशनी है जो अंधेरे को दूर करती है।” उन्होंने कहा कि “कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायत गरीबी या सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकती, लेकिन शिक्षा लोगों को इस दुष्चक्र से बाहर निकालकर उनके जीवन स्तर को ऊपर उठा सकती है।”
मान ने बताया कि “इसीलिए पंजाब सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी है और शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल की हैं। हमारी सरकार न केवल बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे रही है, बल्कि अब तक 65,000 सरकारी नौकरियां भी दी हैं।” उन्होंने कहा कि “अगर हमें सच्चा बदलाव चाहिए तो हमें अपने बच्चों को शिक्षित करना होगा, उन्हें सशक्त बनाना होगा, समाज को ऊपर उठाना होगा और गरीबी को खत्म करना होगा। वास्तविक बदलाव अस्थायी लाभों से नहीं, बल्कि सच्चे ज्ञान और जागरूकता से आएगा।”
₹10 लाख स्वास्थ्य बीमा और 65,000 सरकारी नौकरियों का जिक्र
Shaheedi Diwas पर अपने संबोधन में CM मान ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने पंजाब की जनता से अपील की कि “₹10 लाख का स्वास्थ्य बीमा कार्ड जरूर बनवा लें। आजादी के बाद पहली बार पंजाब में लोगों को इलाज के पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।” यह बयान आम नागरिकों के लिए सीधे तौर पर मायने रखता है, क्योंकि बीमारी के समय इलाज का खर्च हर परिवार की सबसे बड़ी चिंता होती है।
मान ने बताया कि उनकी सरकार ने अब तक 65,000 सरकारी नौकरियां दी हैं और शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि “हमारी सरकार शहीद-ए-आजम भगत सिंह के सपनों को पूरा करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही। हमने जनता के हित में कई योजनाएं शुरू की हैं और विकासोन्मुख कार्यक्रम चलाए हैं ताकि शहीदों के सपनों का समाज बन सके।”
पंजाब का अद्वितीय बलिदान: “2% आबादी, 80% शहीद”
CM मान ने Shaheedi Diwas पर पंजाब के अद्वितीय बलिदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि “पंजाब देश की कुल आबादी का मात्र 2 प्रतिशत है, लेकिन स्वतंत्रता संग्राम में फांसी दिए गए या निर्वासित किए गए शहीदों में से 80 प्रतिशत पंजाब से थे।” यह आंकड़ा पंजाब के असाधारण बलिदान की कहानी बयान करता है।
मान ने विभाजन (Partition) के दर्द को भी याद किया और कहा कि “जब आजादी के समय पूरा देश जश्न मना रहा था, तब पंजाब विभाजन की भयावहता झेल रहा था, जिसमें लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई, विस्थापित हुए और अपने घर-बार खो दिए।” उन्होंने कहा कि “शहीदों को भूलने वाले राष्ट्र अपनी पहचान खो देते हैं। हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है कि वह शहीदों का सम्मान करे और उनकी विरासत को संरक्षित करे।”
मोहाली एयरपोर्ट का नामकरण और हलवारा एयरपोर्ट की तैयारी
CM मान ने बताया कि उनकी सरकार ने मोहाली हवाई अड्डे का नाम शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रखने के लिए केंद्र सरकार से लंबी लड़ाई लड़ी। केंद्र सरकार ने बार-बार इस मांग को नजरअंदाज किया, लेकिन अंततः लगातार प्रयासों से यह नामकरण संभव हो सका। इसके अलावा मान ने बताया कि हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने के लिए केंद्र सरकार से बातचीत जारी है। करतार सिंह सराभा वही क्रांतिकारी हैं जिन्हें शहीद भगत सिंह अपना गुरु मानते थे।
₹24.99 करोड़ के हुसैनीवाला विरासत परिसर का शिलान्यास
Shaheedi Diwas पर CM मान ने हुसैनीवाला में ₹24.99 करोड़ की लागत से बनने वाले ‘हुसैनीवाला विरासत’ (Hussainiwala Virasat) परियोजना का शिलान्यास किया। यह परियोजना शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की स्मृति में बनाई जा रही है। मान ने कहा कि “यह प्रोजेक्ट हमारे महान शहीदों को श्रद्धांजलि देने और आने वाली पीढ़ियों के लिए उनकी विरासत को संरक्षित करने का विनम्र प्रयास है।”
“शहीदों के सपने अभी अधूरे, लेकिन वह दिन दूर नहीं”: CM मान
CM मान ने Shaheedi Diwas पर चिंता जताते हुए कहा कि “आजादी के 75 साल से ज्यादा बीतने के बाद भी इन महान स्वतंत्रता सेनानियों के सपने पूरी तरह साकार नहीं हुए हैं। देश अभी भी गरीबी, बेरोजगारी और अशिक्षा जैसी समस्याओं से जूझ रहा है।” लेकिन उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि “सत्ता संभालने के बाद से हमारी सरकार ने लोगों को इन समस्याओं से राहत देने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। वह दिन दूर नहीं जब हमारे ठोस प्रयासों से पंजाब देश में अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा।”
मान ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि “AAP सरकार शहीद-ए-आजम भगत सिंह के सपनों को पूरा करने और एक सौहार्दपूर्ण और समतावादी समाज बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस युवा नायक ने विदेशी शासन से देश को मुक्त कराने के लिए अपनी जान दी। हम उनके सपनों का ‘रंगला पंजाब’ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।”
जो नेता आज सत्ता की कुर्सी पर बैठकर शहीदों की विरासत पर अपना दावा ठोकते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने किसी एक पार्टी या विचारधारा के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए अपना सब कुछ कुर्बान किया था। 23 मार्च का दिन राजनीतिक बयानबाजी से ऊपर उठकर इन शहीदों के विचारों पर गंभीरता से चिंतन करने का दिन है। जब तक गरीबी, बेरोजगारी और अशिक्षा जैसी समस्याएं बनी रहेंगी, तब तक शहीदों के सपनों का भारत अधूरा रहेगा, चाहे सत्ता में कोई भी हो।
मुख्य बातें (Key Points)
- Shaheedi Diwas पर BJP पर हमला: CM मान ने कहा कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को भारत रत्न देने की मांग BJP सरकार ने ठुकराई, “2014 में आजादी मिली” का दावा शहीदों का अपमान है।
- शिक्षा और रोजगार: शिक्षा को गरीबी का इकलौता इलाज बताया, AAP सरकार ने अब तक 65,000 सरकारी नौकरियां दीं, ₹10 लाख स्वास्थ्य बीमा कार्ड बनवाने की अपील।
- पंजाब का बलिदान: देश की 2% आबादी होते हुए भी स्वतंत्रता संग्राम में 80% शहीद पंजाब से थे, विभाजन की त्रासदी याद दिलाई।
- विरासत परियोजनाएं: ₹24.99 करोड़ के हुसैनीवाला विरासत परिसर का शिलान्यास, मोहाली एयरपोर्ट शहीद भगत सिंह के नाम पर, हलवारा एयरपोर्ट करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की बातचीत जारी।








