जालंधर, 10 मार्च (कुमार) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब सरकार द्वारा स्थापित स्कूल ऑफ एमिनेंस विद्यार्थियों के लिए एक मजबूत मंच के रूप में उभर रहे हैं, जो उनके भविष्य को नई दिशा देने के साथ-साथ उनके सपनों को साकार करने के लिए नए अवसर प्रदान कर रहे हैं। आदमपुर स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस में विद्यार्थियों के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी और समाज में मौजूद असमानताओं को खत्म करने का सबसे प्रभावी साधन शिक्षा ही है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार विश्व स्तरीय शैक्षणिक संस्थानों का निर्माण कर रही है, ताकि पंजाब के हर क्षेत्र से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने और सफलता हासिल करने का समान अवसर मिल सके।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाने के उद्देश्य से राज्य भर में स्कूल ऑफ एमिनेंस की स्थापना की गई है।
उन्होंने बताया कि ये हाई-टेक स्कूल अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक संसाधनों का लाभ मिल सके और वे जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये संस्थान विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने और उन्हें नई संभावनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा को प्राथमिकता देने के विषय में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने इस क्षेत्र को सर्वोच्च महत्व दिया है और युवाओं का भविष्य संवारने के लिए कई अभिनव कदम उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल मुफ्त योजनाएँ या रियायती कार्ड गरीबी और सामाजिक बुराइयों को समाप्त नहीं कर सकते। शिक्षा ही वह माध्यम है जो लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाकर उन्हें गरीबी के चक्र से बाहर निकाल सकती है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत करने और जीवन में समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास और लगन से ही उत्कृष्टता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे शॉर्टकट अपनाने के बजाय जमीनी स्तर पर मेहनत करने की आदत विकसित करें, क्योंकि वास्तविक सफलता उन्हीं को मिलती है जो धैर्य और परिश्रम के साथ आगे बढ़ते हैं।
विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर आगे बढ़ते हैं, उनके लिए सफलता की कोई सीमा नहीं होती। वहीं जो लोग दूसरों पर निर्भर रहते हैं, वे कुछ समय बाद असफलता का सामना करते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि सफलता मिलने के बाद भी विनम्र बने रहना चाहिए। उपलब्धियों पर घमंड करने के बजाय आगे की बड़ी उपलब्धियों के लिए निरंतर मेहनत करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल सफल ही नहीं, बल्कि एक अच्छा और जिम्मेदार इंसान बनने का भी प्रयास करना चाहिए।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विद्यार्थियों को याद दिलाया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। कठोर परिश्रम ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य प्राप्त होने तक निरंतर प्रयास करते रहने और हार न मानने की प्रेरणा दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
दुनिया भर के उदाहरणों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कई लोग साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर अपनी लगन और मेहनत से असाधारण सफलता हासिल करते हैं। विद्यार्थियों को ऐसी प्रेरणादायक कहानियों से सीख लेकर अपनी प्रतिभा को विकसित करना चाहिए और विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने पंजाब की गौरवशाली विरासत का भी उल्लेख किया और कहा कि यह राज्य देश का अन्नदाता होने के साथ-साथ साहस और वीरता का प्रतीक भी है। पंजाब के लोग दुनिया भर में अपनी मेहनत, बहादुरी और उद्यमशीलता के लिए जाने जाते हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब की पवित्र धरती को महान गुरुओं, संतों, फकीरों और शहीदों का आशीर्वाद प्राप्त है, जिन्होंने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े होने की प्रेरणा दी है।
विद्यार्थियों को उज्ज्वल और स्वर्णिम भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले वर्षों में अपने जीवन में बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम में विश्वास रखना चाहिए, क्योंकि यही सफलता की वास्तविक कुंजी है।
मुख्यमंत्री ने सरकार की भूमिका की तुलना हवाई अड्डे के रनवे से करते हुए कहा कि जैसे रनवे विमान को सुरक्षित उड़ान भरने में मदद करता है, उसी तरह राज्य सरकार युवाओं को उनके सपनों को साकार करने के लिए अवसर और मंच उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार हर संभव प्रयास कर रही है ताकि युवाओं की आकांक्षाओं को पंख मिल सकें और वे अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ सकें।






