Saina Nehwal Interview में ओलंपिक मेडलिस्ट साइना नेहवाल ने 2028 ओलंपिक को लेकर बड़ा खुलासा किया है। दैनिक जागरण को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में साइना ने कहा कि भारतीय बैडमिंटन में पिछले तीन-चार सालों से वैसा मजबूत ग्रुप नहीं दिख रहा, जैसा पांच-छह साल पहले हुआ करता था। उन्होंने साफ कहा कि टैलेंट की कमी नहीं है, लेकिन फिटनेस और स्ट्रेंथ पर और ज्यादा काम करने की जरूरत है। यह इंटरव्यू आरजे अनमोल के CXO पिकलबॉल लीग इवेंट के दौरान दिल्ली में हुआ, जहां साइना बतौर गेस्ट मौजूद थीं।
“वैसा ग्रुप अभी मिसिंग है”: साइना नेहवाल ने बताई सबसे बड़ी कमी
Saina Nehwal ने 2028 Olympics को लेकर बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि जब वो और पीवी सिंधु कोर्ट पर थीं, तब भारतीय बैडमिंटन का एक अलग ही दबदबा था। उस दौर में साइना, सिंधु, किदांबी श्रीकांत, एचएस प्रणय, साई प्रणीत, पारुपल्ली कश्यप और गुरुसाई दत्त जैसे खिलाड़ी बैक टू बैक रिजल्ट ला रहे थे।
साइना ने कहा, “हमारे पास वैसा ग्रुप अभी जो देखा जाए लास्ट तीन-चार साल से थोड़ा मिसिंग है। बैक टू बैक प्लेयर्स नहीं आ पाए। बीच में एक गैप हो गया है।” उन्होंने यह भी कहा कि हर देश में ऐसा एक फेज आता है जहां उतार-चढ़ाव होते हैं और चीन का भी लेवल थोड़ा डाउन हो रहा है, हालांकि वे अभी भी सर्वश्रेष्ठ हैं।
लक्ष्य सेन, प्रियांशु और उन्नति हुड्डा में दिखाया भरोसा
Saina Nehwal ने 2028 Olympics के लिए कुछ खिलाड़ियों का नाम लिया जिनमें उन्हें पोटेंशियल दिखता है। पुरुषों में उन्होंने लक्ष्य सेन को “बहुत स्ट्रांग” बताया और कहा कि वो अच्छा कर सकते हैं। इसके अलावा प्रियांशु राजावत का भी नाम लिया और कहा कि वो बहुत अच्छा कर सकते हैं।
महिलाओं में साइना ने पीवी सिंधु को सबसे अनुभवी बताया और कहा कि वो अगले ओलंपिक में खेलने की पूरी कोशिश करेंगी। इसके साथ ही उन्नति हुड्डा, देविका सिहाग और तनवी शर्मा का नाम लेते हुए कहा कि ये सभी अपनी उम्र के हिसाब से बहुत अच्छा कर रही हैं।
साइना ने एक अहम बात कही, “जब हम 14-15 साल के थे तो ऑलरेडी बहुत बड़े रिजल्ट्स आ रहे थे। ये प्लेयर्स 18-19-20 की उम्र के आसपास हैं। इनमें और पोटेंशियल है।” उन्होंने दक्षिण कोरिया की वर्ल्ड नंबर वन आन से यंग का उदाहरण दिया कि वो 17-18 साल की उम्र से ही चैंपियनशिप जीत रही हैं।
फिटनेस और इंजरी पर साइना ने जताई गहरी चिंता
Saina Nehwal ने 2028 Olympics की तैयारियों को लेकर एक बड़ी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि इस समय खिलाड़ियों को बहुत ज्यादा इंजरी हो रही हैं, जो काफी दुखद है। साइना ने बताया कि अब गेम इतना प्रोफेशनल हो गया है कि ट्रेनर्स, फिजियो, मेंटल ट्रेनर्स और वन ऑन वन कोच सब उपलब्ध हैं, लेकिन प्लेयर्स की कमी हो रही है और चोटें बहुत बढ़ गई हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि शायद खानपान में फर्क आ रहा है या शरीर थोड़ा फ्रजाइल हो रहा है। साइना ने सलाह दी कि इस पर और ज्यादा काम करने की जरूरत है। हालांकि उन्होंने उम्मीद भी जताई, “गोल्ड, सिल्वर से मैटर नहीं करता। अच्छी ट्रेनिंग करनी जरूरी है। बाकी रिजल्ट्स तो आ ही जाएंगे अगर अच्छी मेहनत करी है तो। बस दो-तीन साल और इंतजार करना होगा।”
खुद साइना को क्यों छोड़ना पड़ा बैडमिंटन: बताई पूरी कहानी
Saina Nehwal Interview में उन्होंने अपनी रिटायरमेंट के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उन्हें आर्थराइटिस हो गया था, जिसकी वजह से उन्हें खेलना छोड़ना पड़ा। 2008 बीजिंग ओलंपिक से शुरू हुई उनकी ओलंपिक जर्नी 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल तक पहुंची, जबकि 2016 रियो ओलंपिक में चोट ने उनका सपना तोड़ दिया।
साइना ने अपनी शुरुआत का किस्सा सुनाते हुए बताया कि उनके पिता साइंटिस्ट थे, तो शुरू में लगता था कि डॉक्टर बनेंगी। लेकिन जब परिवार हरियाणा से हैदराबाद शिफ्ट हुआ, तो बैडमिंटन ने उन्हें अपनी तरफ खींच लिया। उन्होंने कहा, “मुझे पता भी नहीं था कि वर्ल्ड नंबर वन क्या होता है। मेरे आजू-बाजू कोर्ट में कोई साइना-सिंधु नहीं खेल रही थी।”
समर कैंप के बाद एक ही महीने में डिस्ट्रिक्ट, स्टेट और नेशनल चैंपियनशिप में रिजल्ट्स आने लगे। साइना ने कहा, “मेरी मम्मी का सपना था कि मेरी बेटी ओलंपिक चैंपियन बनेगी। मैं बस उसको फॉलो करती गई।” उन्होंने बताया कि 10-11 घंटे ट्रेनिंग में पुश किया, बिना सोचे कि जितना भाग सकें उतना भागना चाहती थीं।
युवाओं को साइना का कड़ा संदेश: फोन छोड़ो, पसीना बहाओ
Saina Nehwal ने आज के यूथ को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि आजकल बच्चे मोबाइल और रील्स में अपना समय बर्बाद कर रहे हैं। एसी में बैठे रहते हैं, बाहर निकलते ही नहीं। इससे बीमारियां बढ़ रही हैं और बहुत से लोगों को बाद में रिग्रेट होता है कि जीवन में कुछ अचीव नहीं कर पाए।
साइना ने ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 16-18 साल तक सोशल मीडिया बैन है। उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ भारत में भी होना चाहिए ताकि बच्चे अपना यूथ टाइम खेलने में और दोस्तों के साथ बिता सकें। उनका साफ संदेश था, “जितना टाइम हो सके अपने बॉडी को स्वेट आउट कीजिए। अच्छा खाना खाइए। पसीना बहाइए, उससे नींद अच्छी आएगी।”
आरजे अनमोल की CXO Pickleball League: गोल्फ को टक्कर देने का दावा
इस इवेंट में आरजे अनमोल ने अपनी ग्रेविट स्पोर्ट्स के तहत CXO पिकलबॉल लीग लॉन्च की है, जिसमें साइना नेहवाल बतौर गेस्ट शामिल हुईं। अनमोल ने बताया कि इस बार यह लीग देश की छह अलग-अलग जगहों पर आयोजित हो रही है। पिछले साल मुंबई में पहली लीग हुई थी और इस साल इसका विस्तार किया गया है।
अनमोल ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा, “हिंदुस्तान में इस वक्त कॉर्पोरेट नेटवर्किंग का नंबर वन स्पोर्ट गोल्फ है। 18 महीने में ग्रेविट स्पोर्ट्स गोल्फ को हटाकर पिकलबॉल को नंबर वन बना देगा।” दिल्ली की गर्मी को देखते हुए लीग का टाइम शाम 4 बजे के बाद शिफ्ट किया गया है।
आशा भोसले और देवानंद से मिलने का किस्सा: अनमोल ने सुनाई दिलचस्प बात
इंटरव्यू के दौरान आरजे अनमोल ने रेट्रो म्यूजिक और लेजेंड्स से मिलने के अपने अनुभव भी साझा किए। अनमोल ने बताया कि बाहर से फिल्मी सितारों की एक अलग छवि होती है, लेकिन मिलने पर कइयों की छवि टूट जाती है। हालांकि कुछ ऐसे लोग हैं जिनसे मिलने के बाद उनकी छवि और बड़ी हो जाती है।
अनमोल ने देवानंद का जिक्र करते हुए कहा कि उनसे मिलकर वो उनके और बड़े फैन बन गए, क्योंकि उनके अंदर जो पॉजिटिविटी थी वो कहीं और नहीं देखी। इसी तरह आशा भोसले के बारे में बताया कि वो लेजेंड सिंगर तो हैं ही, लेकिन उनका “नेवर डाई एटीट्यूड” उन्हें खास बनाता है। अनमोल ने कहा, “शो के बाद उनका पहला सवाल यह नहीं होता कि कैसा हुआ, बल्कि वो पूछती हैं कि और बेहतर क्या कर सकते हैं।”
साइना नेहवाल: बैडमिंटन की रानी लक्ष्मीबाई
इंटरव्यू के अंत में जब साइना की तारीफ की गई तो आरजे अनमोल ने उन्हें “बैडमिंटन की लक्ष्मीबाई” कहा। साइना ने भी इस पर मुस्कुराते हुए शुक्रिया कहा। अनमोल ने अपनी पत्नी अमृता राव के साथ “Couple of Things” यूट्यूब चैनल चलाने का जिक्र भी किया और कहा कि वो और अमृता बिल्कुल नॉर्मल कपल हैं, कोई कपल गोल्स नहीं हैं। उन्होंने हंसते हुए कहा, “रात को लड़ाई हो जाती है तो सो जाता हूं, सुबह उठकर वॉइस नोट सुनता हूं और सॉरी बोल देता हूं।”
क्या है पूरी पृष्ठभूमि
साइना नेहवाल भारतीय बैडमिंटन की सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक हैं। 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर उन्होंने इतिहास रचा था। वो वर्ल्ड नंबर वन रैंकिंग तक पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। अब तक भारत को बैडमिंटन में तीन ओलंपिक मेडल मिले हैं: एक साइना का और दो पीवी सिंधु के। 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक अब करीब तीन साल दूर है और भारतीय बैडमिंटन के लिए नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करना सबसे बड़ी चुनौती है। साइना का यह इंटरव्यू ऐसे समय में आया है जब भारतीय बैडमिंटन एक संक्रमण के दौर से गुजर रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Saina Nehwal ने कहा कि 2028 Olympics के लिए भारतीय बैडमिंटन में फिटनेस और स्ट्रेंथ पर और काम करने की जरूरत है।
- लक्ष्य सेन, प्रियांशु राजावत, उन्नति हुड्डा, देविका सिहाग और तनवी शर्मा में साइना को मेडल का पोटेंशियल दिखता है।
- पिछले 3-4 सालों में बैक टू बैक रिजल्ट देने वाले प्लेयर्स का ग्रुप मिसिंग है और खिलाड़ियों में इंजरी बहुत बढ़ गई है।
- साइना ने युवाओं को मोबाइल से दूर रहकर खेलों में समय बिताने की सलाह दी और भारत में भी सोशल मीडिया पर उम्र सीमा लगाने की वकालत की।








