Russia Indian Student Attacked की खबर ने विदेश में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 7 फरवरी को Russia के Republic of Bashkortostan स्थित एक मेडिकल यूनिवर्सिटी के छात्रावास में चाकू से हमला हुआ। इस हिंसक वारदात में चार भारतीय छात्रों समेत कुल छह लोग घायल हुए हैं।
घटना के वक्त हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई। हमलावर कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि महज 15 साल का एक लड़का बताया गया है, जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि उसका संबंध एक प्रतिबंधित नियो-नाजी संगठन से था। इस घटना ने इसे सिर्फ आपराधिक मामला नहीं, बल्कि नफरत से प्रेरित हमला बना दिया है।
कहां और कैसे हुआ हमला
मॉस्को से करीब 1200 किलोमीटर दूर Ufa में स्थित स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के विदेशी छात्रों के हॉस्टल में यह हमला हुआ। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चाकू से लैस आरोपी सीधे हॉस्टल में घुसा और बिना किसी चेतावनी के छात्रों पर ताबड़तोड़ वार करने लगा।
हमले में चार भारतीय छात्र गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि कुल छह लोग हिंसा का शिकार बने। मौके पर मौजूद छात्रों ने किसी तरह खुद को बचाया, लेकिन कुछ ही मिनटों में हालात बेकाबू हो गए।
पुलिस कार्रवाई और आरोपी की हालत
हमले की सूचना मिलते ही रूसी पुलिस मौके पर पहुंची। रूसी गृह मंत्रालय के मुताबिक, आरोपी ने गिरफ्तारी का विरोध किया और इस दौरान दो पुलिस अधिकारियों पर भी चाकू से हमला कर दिया। बाद में उसने खुद को भी गंभीर रूप से घायल कर लिया।
आरोपी को स्थानीय बच्चों के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि घायल छात्रों और पुलिसकर्मियों को क्लीनिकल अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। इनमें से एक व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है।
नफरत की विचारधारा से जुड़ा मामला
इस घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू हमलावर की कट्टरपंथी सोच है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि आरोपी का संबंध प्रतिबंधित नियो-नाजी संगठन से था। हमले के दौरान राष्ट्रवादी और नफरत भरे नारे लगाए जाने की बात भी सामने आई है।
छात्रावास की दीवार पर पीड़ितों के खून से बना स्वास्तिक चिन्ह भी पाया गया, जिसने इस वारदात को आईडियोलॉजिकल हेट क्राइम के रूप में और गंभीर बना दिया है।
भारत सरकार और दूतावास का तुरंत एक्शन
घटना की जानकारी मिलते ही Indian Embassy Moscow हरकत में आ गया। दूतावास ने हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि वह रूसी अधिकारियों के लगातार संपर्क में है।
कजान स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों को तत्काल सहायता के लिए उफा भेजा गया है। साथ ही नई दिल्ली स्थित Ministry of External Affairs को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत करा दिया गया है।
रूसी प्रशासन की प्रतिक्रिया
रूस के संघीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, घायलों का इलाज जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उफा प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है और यूनिवर्सिटी परिसर व आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
विदेश में पढ़ रहे छात्रों के लिए चेतावनी
यह हमला सिर्फ एक हिंसक वारदात नहीं, बल्कि विदेश में पढ़ाई कर रहे छात्रों की सुरक्षा को लेकर बड़ी चेतावनी है। सवाल यह भी उठता है कि क्या नफरत की विचारधाराएं अब शैक्षणिक परिसरों तक पहुंच चुकी हैं और इन्हें रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और सख्त कदमों की जरूरत है।








