Sade Buzurg Sada Maan Phase 2 Punjab : पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आज मोहाली के कलकट भवन (किसान विकास चैंबर) में “साडे बुज़ुर्ग, साडा माण” अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की। यह अभियान राज्य भर के बुज़ुर्ग नागरिकों के लिए सम्मान, देखभाल और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह अभियान ज़िला स्तर पर लागू किया जा रहा है, ताकि बुज़ुर्ग नागरिकों को सीधे उनके द्वार पर स्वास्थ्य, कल्याण और सामाजिक सुरक्षा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार हमारे बुज़ुर्ग नागरिकों के लिए सम्मानजनक, सुरक्षित और सुविधाजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। ‘साडे बुज़ुर्ग, साडा माण’ अभियान के दूसरे चरण के तहत ज़िला-स्तरीय शिविरों के आयोजन के लिए 786 लाख रुपये की राशि रखी गई है, ताकि आवश्यक सेवाएं बुज़ुर्गों तक उनके घरों के पास ही पहुंचाई जा सकें।”
पहले चरण को मिली व्यापक प्रतिक्रिया का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा, “वर्ष 2023 में शुरू किए गए पहले चरण के दौरान 20,210 बुज़ुर्ग नागरिकों का पंजीकरण किया गया था। यह सशक्त भागीदारी ऐसी पहलों की आवश्यकता और सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों पर जनता के विश्वास को दर्शाती है।” उन्होंने बताया कि 2 फरवरी से 18 फरवरी तक पंजाब के शेष ज़िलों को दूसरे चरण के अंतर्गत कवर किया जाएगा।
प्रदान की जा रही सेवाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “ये शिविर बुज़ुर्ग नागरिकों को समग्र देखभाल प्रदान करने के लिए तैयार किए गए हैं। शिविरों में आंखों की जांच एवं मोतियाबिंद परीक्षण, ईएनटी और ऑर्थोपेडिक परामर्श, गैर-संचारी रोगों तथा डिमेंशिया की स्क्रीनिंग के साथ-साथ होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक उपचार की सुविधाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए मौके पर ही नामांकन, सीनियर सिटीजन कार्ड तथा आलिमको कार्ड जारी करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।”
उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय वयोश्री योजना और माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 के बारे में सहायता व जागरूकता के साथ-साथ अन्य कानूनी अधिकारों की जानकारी भी इन शिविरों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “ज़रूरतमंदों को आवश्यक सहायक उपकरण—जैसे निकट दृष्टि चश्मे, श्रवण सहायक यंत्र, चलने में सहायता देने वाले उपकरण, सर्वाइकल कॉलर, बेल्ट और व्हीलचेयर—मौके पर ही वितरित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, राज्य भर के बुज़ुर्ग नागरिकों की सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14567 पहले से ही कार्यरत है।”
इन शिविरों के दौरान स्वास्थ्य एवं नेत्र जांच, पेंशन तथा अन्य वित्तीय लाभों तक पहुंच में सहायता और कानूनी जागरूकता सत्रों के माध्यम से त्वरित राहत प्रदान की गई। मोहाली में आयोजित राज्य-स्तरीय शिविर के दौरान डॉ. बलजीत कौर ने उपस्थित लाभार्थियों को आलिमको किट और वृद्धावस्था पेंशन के स्वीकृति पत्र सौंपे। मंत्री ने बुज़ुर्ग नागरिकों के प्रति उत्कृष्ट सेवाओं के लिए गैर-सरकारी संगठनों और सीनियर सिटीजन एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया।
सरकार द्वारा दी जा रही वित्तीय सहायता के बारे में जानकारी साझा करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “वर्तमान में पंजाब में प्रतिमाह लगभग 23.33 लाख लाभार्थियों को वृद्धावस्था पेंशन दी जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पेंशन योजनाओं हेतु बजट में 4,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो सामाजिक सुरक्षा के प्रति सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है।”
इससे पहले, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास प्रताप ने बताया कि दिसंबर 2025 तक वृद्धावस्था पेंशनों का भुगतान कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बुज़ुर्ग नागरिकों को आश्रय देने के लिए बरनाला ज़िले के टापा और मानसा में वृद्ध आश्रम स्थापित किए गए हैं, जबकि सरकार द्वारा गैर-सरकारी संस्थाओं द्वारा संचालित कई वृद्ध आश्रमों को वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है।
इस अवसर पर विधायक डेराबस्सी कुलजीत सिंह रंधावा ने संबोधन में बुज़ुर्ग नागरिकों के कल्याण और स्वास्थ्य के लिए निरंतर एवं सक्रिय कदम उठाने हेतु भगवंत सिंह मान सरकार की सराहना की।
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक विम्मी भुल्लर ने अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया और उपस्थितजनों को “साडे बुज़ुर्ग, साडा माण” अभियान के दूसरे चरण के उद्देश्यों एवं क्रियान्वयन के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल, डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल, संयुक्त सचिव सामाजिक सुरक्षा आनंद सागर, एडीसी (जी) सोनम चौधरी और एसडीएम दमनदीप कौर भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिनमें उत्सव कला मंच द्वारा “साडे बुज़ुर्ग, साडा माण” शीर्षक से नुक्कड़ नाटक तथा मालवा आर्ट एंड कल्चरल सोसाइटी, मोहाली के सरकारी विभागों के सेवानिवृत्त अधिकारियों द्वारा मालवई गिद्धा प्रस्तुत किया गया। इन प्रस्तुतियों ने बुज़ुर्ग नागरिकों के प्रति सम्मान, देखभाल और गरिमा के संदेश को और सुदृढ़ किया।








