Salary Hike for Resident Doctors की यह घोषणा पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee द्वारा की गई है, जिसने राज्यभर के डॉक्टरों को राहत दी है। सोमवार को कोलकाता (Kolkata) के अलीपुर (Alipore) स्थित Dhan Dhanay Auditorium में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रेजिडेंट डॉक्टरों के वेतन में 10,000 से 15,000 रुपये तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया।
जूनियर-सीनियर डॉक्टरों की सैलरी में हुआ इजाफा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि पहले भी डॉक्टरों के वेतन में वृद्धि की गई थी, लेकिन अब उसमें और संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई। अब सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को 15,000 रुपये की बढ़ोतरी मिलेगी। इसके बाद, Diploma Holders सीनियर डॉक्टरों को 65,000 रुपये की बजाय 80,000 रुपये मिलेंगे। वहीं, Postgraduate Senior Residents का वेतन 70,000 से बढ़ाकर 85,000 रुपये कर दिया गया है।
इसके अलावा, Post-doctoral Senior Doctors, जो पहले 75,000 रुपये कमा रहे थे, अब 1 लाख रुपये मासिक वेतन प्राप्त करेंगे। इंटर्न हाउस स्टाफ और पोस्टग्रेजुएट प्रशिक्षुओं के भत्ते में भी 10,000 रुपये की मासिक बढ़ोतरी की गई है।
Medinipur Medical College के 12 डॉक्टरों का निलंबन खत्म
Medinipur Medical College and Hospital के 12 जूनियर डॉक्टरों का निलंबन, जिन्हें 6 जनवरी को कथित लापरवाही के कारण निलंबित किया गया था, अब वापस ले लिया गया है। इन डॉक्टरों पर प्रसव के बाद एक महिला की मृत्यु और चार अन्य मरीजों की बिगड़ती हालत का आरोप था। जांच में पाया गया कि यह त्रासदी डॉक्टरों की कथित लापरवाही की वजह से हुई थी। बावजूद इसके, सरकार ने इन डॉक्टरों का भविष्य बचाने के लिए सस्पेंशन वापस लेने का निर्णय लिया।
निजी प्रैक्टिस की मिली अनुमति
मुख्यमंत्री ने एक और बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब सरकारी अस्पतालों में आठ घंटे की ड्यूटी पूरी करने के बाद डॉक्टर 30 किलोमीटर की सीमा के भीतर निजी प्रैक्टिस कर सकते हैं। इससे न केवल मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि डॉक्टरों की आमदनी भी बढ़ेगी।
डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला
पिछले साल RG Kar Medical College and Hospital में एक 31 वर्षीय महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या की घटना के बाद डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलन किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब अस्पतालों की सुरक्षा में पूर्व सैनिकों और पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
राजनीतिक नजरिए से अहम फैसला
यह ऐलान आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले ममता बनर्जी सरकार की एक बड़ी रणनीतिक चाल मानी जा रही है। हाल ही में डॉक्टरों के बीच ममता सरकार के खिलाफ गुस्सा देखने को मिला था, जिसे शांत करने के लिए यह कदम उठाया गया है।