नई दिल्ली। Reasi Terror Attack: शिवखोड़ी से आ रही श्रद्धालुओं से भरी बस पर नौ जून को आंतकियों ने हमला किया था। इस अटैक में बस ड्राइवर समेत नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 41 घायल हो गए। अब इस मामले में जम्मू-कश्मीर की रियासी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया है।
यह रियासी हमले में पहली गिरफ्तारी है। रियासी की वरिष्ठ अधीक्षक मोहिता शर्मा ने कहा कि आरोपी हाकिमदीन राजौरी का रहने वाला है। उस पर हमले के लिए आंतकवादियों की मदद करने का आरोप है। उसने कबूला है कि आतंकियों को घर में रुकवाने के साथ-साथ उनके लिए गाइड का काम किया था।
उन्होंने कहा, ‘हाकिमदीन घटना के बाद आतंकवादियों को लेकर निकला था। तीन बार आतंकवादी उसके घर पर रुके थे।’ पुलिस के अनुसार, वह आतंकवादियों को घर में शरण देने के साथ-साथ उनके लिए गाइड का काम करता था। इसके लिए उसे 6 हजार रुपए मिलते थे।
J&K's Reasi Police has arrested one Hakimdeen in Reasi terror attack case. As per the police, he worked for the terrorists as guide and gave them shelter for Rs 6000. pic.twitter.com/WBcNwuJ0mz
— ANI (@ANI) June 19, 2024
9 जून को हुआ था हमला
दरअसल, 9 जून को शिवखोड़ी से दर्शन कर वैष्णो देवी लौट रही बस पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया। यह हमला रियासी के पास हुआ था। आंतकियों ने बस के ड्राइवर को गोली मार दी। जिसके बाद बस का कंट्रोल बिगड़ गया और खाई में गिर गई। इसके बाद आतंकवादियों ने बस पर गोलियां बरसाई।
हमले में 9 श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि 41 लोग घायल हो गए थे। इस वारदात के दो दिन बाद कठुआ और डोडा में आतंकी वारदात सामने आई। सेना ने कठुआ में दो आतंकियों को मार गिराया। जबकि डोडा हमले में पांच जवान घायल हो गए।
जम्मू-कश्मीर के हादीपोरा में दो आतंकी ढेर
वहीं, जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में बुधवार (19 जून) को आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई। यहां हादीपोरा इलाके में दो आतंकी मारे गए। स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप का एक जवान और एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। इससे पहले 17 जून को सुरक्षाबलों ने आतंकी LeT कमांडर उमर अकबर को मार गिराया था।
रियासी हमले की जांच एनआईए को सौंपी गई
रियासी हमले की जांच एनआईए को सौंपी गई है। 16 जून को गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बैठक की। उन्होंने निर्देश दिया था कि आतंकवादियों को बख्शा ना जाए।








