RBI मॉनिटरी पॉलिसी: आने वाले दिनों में बढ़ सकती है महंगाई, जानें वजह


The News Air- (चंडीगढ़) रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने आज अपनी दो महीनों में होने वाली (द्विमासिक) मौद्रिक नीति समीक्षा के नतीजों की घोषणा की। RBI गवर्नर शक्ति कांत दास ने इसके नतीजों का ऐलान करते हुए बताया कि रेपो और रिवर्स रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी, अब लोन की दरों में कोई राहत नहीं मिलेगी और आपके निवेश पर भी ज़्यादा ब्याज मिलने की संभावना कम हो गई है।

अभी रेपो रेट 4% और रिवर्स रेपो रेट 3.35% है। RBI ने लगातार 9वीं बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट अप्रैल 2001 के बाद से सबसे निचले स्तर पर हैं। RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 6 दिसंबर को शुरू हुई थी जो इस कैलेंडर वर्ष में समिति की आखिरी बैठक थी।

GDP ग्रोथ का अनुमान 9.5% बरक़रार रखा

RBI ने इस वित्त वर्ष 2021-22 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान 9.5% बरक़रार रखा है। एक्सपर्ट्स ने पहले ही यह कहा था कि अर्थव्यवस्था में रिकवरी को और मज़बूत करने के लिए RBI अभी दरों में बदलाव नहीं करेगा।

रिज़र्व बैंक के मुताबिक़ इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में GDP ग्रोथ 6.6% और चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में 6% रह सकती है।

जनवरी से बढ़ सकती है महंगाई

शक्ति कांत दास ने कहा कि महंगाई हमारे पहले के अनुमान के मुताबिक़ ही है। रबी की अच्छी फ़सल होने की वजह से आगे क़ीमतें कम होंगी। सब्ज़ियों की क़ीमतों में भी कमी आ सकती है। हालांकि, इस वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में महंगाई पीक पर जाएगी, लेकिन उसके बाद इसमें कमी आएगी।

कोरोना की दूसरी लहर के झटकों से उबर रही इकोनॉमी

केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2022 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) इंफ्लेशन के 5.3% पर रहने का अनुमान लगाया है। RBI गवर्नर ने कहा कि दूसरी लहर के झटकों से इकोनॉमी उबर रही है और इसमें तेज़ी आ रही है, लेकिन यह लंबे समय तक कायम होती नहीं दिख रही है। शक्ति कांत दास के मुताबिक़ इकोनॉमिक रिकवरी लंबे समय तक बनी रहे, इसके लिए पॉलिसी सपोर्ट ज़रूरी है।

बढ़ सकती है तेल की मांग

उन्होंने बताया कि आंकड़ों से मांग के सुधरने के संकेत मिल रहे हैं। एग्रीकल्चर सेक्टर की मदद से ग्रामीण मांग में भी सुधार हो रहा है। शक्ति कांत दास ने कहा कि तेल की एक्साइज़ ड्यूटी और वैट में कटौती से मांग में बढ़ोतरी की संभावना है।

फ़ीचर फ़ोन के लिए तैयार होगा UPI सिस्टम पेमेंट सिस्टम

शक्ति कांत दास ने कहा कि डिजिटल पेमेंट में विभ‍िन्न चार्जेज को किफ़ायती बनाने के लिए एक स्टडी की जाएगी। डिजिटल पेमेंट को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए फ़ीचर फ़ोन आधारित UPI सिस्टम पेमेंट सिस्टम तैयार किया जाएगा। इसी तरह रिटेल डायरेक्ट जीसेक और आईपीओ में UPI से पेमेंट करने की लिमिट 2 से बढ़ाकर 3 लाख की जाएगी।

क्या है रेपो और रिवर्स रेपो रेट?

रेपो रेट वह रेट होती है जिस पर रिज़र्व बैंक से बैंकों को क़र्ज़ मिलता है। दूसरी तरफ़, रिवर्स रेपो रेट इसका उल्टा होता है यानी रिवर्स रेपो रेट वह दर होती है जो बैंकों को रिज़र्व बैंक के पास अपना पैसा रखने पर ब्याज मिलता है।


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