Randhawa Suicide Case में बड़ा एक्शन हो गया है। पंजाब स्टेट वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड केस में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के पूर्व ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को फतेहगढ़ साहिब के मंडी गोबिंदगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी उसके बाद हुई है जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में Randhawa Suicide Case की जांच CBI को सौंपने का भरोसा दिया। कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने संसद में यह मुद्दा उठाया था, जिसके बाद अमित शाह ने कहा: “यह पंजाब राज्य का मामला है। पंजाब के सारे सांसदों से मेरा निवेदन है कि मुझे लिखकर दे दें, मैं केस CBI को ट्रांसफर कर दूंगा।”
भगवंत मान ने आपने शोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि …
ਮੇਰੇ ਲਈ ਸਾਰਾ ਪੰਜਾਬ ਹੀ ਇੱਕ ਪਰਿਵਾਰ ਹੈ..ਪੰਜਾਬ ਚ ਕੋਈ ਵੀ ਜੇਕਰ ਕਾਨੂੰਨ ਦੀ ਉਲੰਘਣਾ ਕਰੇਗਾ ਉਸ ਵਿਰੁੱਧ ਸਖ਼ਤ ਕਾਰਵਾਈ ਹੋਵੇਗੀ ਭਾਵੇਂ ਉਹ ਕਿਸੇ ਵੀ ਅਹੁਦੇ ਉੱਤੇ ਜਾਂ ਮੇਰਾ ਕੋਈ ਸਕਾ-ਸੰਬੰਧੀ ਜਾਂ ਰਸੂਖਦਾਰ ਹੋਵੇ..ਕਿਸੇ ਦੀ ਪੁਸ਼ਤ ਪਨਾਹੀ ਕਰਨੀ ਸਾਡੀ ਪਾਰਟੀ ਦਾ ਏਜੰਡਾ ਨਹੀਂ ਹੈ..ਕੈਸ਼ ਅਤੇ ਫਰਮਾਇਸ਼ ਦੀ ਸਖ਼ਤ ਮਨਾਹੀ ਹੈ..
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) March 23, 2026
Randhawa Suicide Case: पत्नी ने पुलिस अफसरों को बैरंग लौटाया, कहा पहले आरोपी पकड़ो
Randhawa Suicide Case में एक और चौंकाने वाला घटनाक्रम तब सामने आया जब DCP रविंदर पाल सिंह अपनी टीम के साथ रंधावा के परिजनों से उनका मोबाइल फोन लेने पहुंचे। पुलिस का कहना था कि फोन में कुछ सबूत हो सकते हैं। लेकिन रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर और परिजनों ने पुलिस अधिकारी को बिना मोबाइल दिए बैरंग लौटा दिया और साफ कहा: “पहले आरोपी को पकड़ो, फिर मोबाइल लेना।”
रंधावा का अभी तक पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ है और उनकी लाश अमृतसर के अस्पताल में रखी गई है। परिवार ने शुरू से ही साफ कर दिया था कि जब तक लालजीत भुल्लर और उनके पिता सुखदेव भुल्लर की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद अब देखना होगा कि परिवार अपने रुख में क्या बदलाव करता है।
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कांग्रेस के 4 सांसदों ने अमित शाह को लिखा CBI जांच का पत्र
अमित शाह के लोकसभा में दिए बयान के तुरंत बाद कांग्रेस के 7 में से 4 पंजाब के सांसदों ने उन्हें पत्र भेज दिया। इस पत्र पर जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला और पटियाला से सांसद धर्मवीर गांधी के हस्ताक्षर हैं। हालांकि लुधियाना के सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, फतेहगढ़ साहिब से सांसद अमर सिंह और फिरोजपुर के सांसद शेर सिंह घुबाया के हस्ताक्षर इस पत्र पर नहीं हैं।
पंजाब में कुल 13 लोकसभा सीटें हैं, जिनमें कांग्रेस के 7, AAP के 3, 2 निर्दलीय और एक अकाली दल का सांसद है। Randhawa Suicide Case में कांग्रेस और अकाली दल दोनों खुलकर रंधावा परिवार के समर्थन में आ गए हैं। निर्दलीय सांसद अमृतपाल सिंह असम जेल में हैं, जबकि सांसद सरबजीत सिंह का इस मामले में अभी तक कोई बयान सामने नहीं आया है।

CCTV फुटेज में दिखा रंधावा का आखिरी लम्हा: सल्फास खाकर बनाया 12 सेकंड का वीडियो
Randhawa Suicide Case में पहली बार गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड करते हुए का CCTV फुटेज सामने आया है, जो रोंगटे खड़े कर देने वाला है। करीब 3 मिनट के इस फुटेज में 21 मार्च की सुबह 5:47 बजे रंधावा अपने घर के आंगन में बेचैनी से टहलते दिख रहे हैं। वे कुछ सोचते हुए, बाहर की तरफ झांकते हुए नजर आ रहे हैं, शायद यह देख रहे थे कि कोई आ तो नहीं रहा या उन्हें देख तो नहीं रहा।
सुबह 5:50 बजे जब सड़क पर गाड़ियों की आवाजाही थम गई, तो रंधावा ने अचानक रुककर मुंह में सल्फास की गोलियां डालीं और पानी पी लिया। इसके तुरंत बाद उन्होंने अपने मोबाइल से 12 सेकंड का वह दिल दहला देने वाला वीडियो बनाया जो पूरे देश में वायरल हो गया। वीडियो में रंधावा ने कहा: “खा ली सल्फास यारों, मिनिस्टर लालजीत भुल्लर से तंग आकर, अब मैं नहीं बचूंगा।” यह वीडियो उनकी ‘डाइंग डिक्लरेशन’ (Dying Declaration) के रूप में इस केस का सबसे मजबूत सबूत माना जा रहा है।
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परिवार ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा: पत्नी का 24 घंटे का अल्टीमेटम
Randhawa Suicide Case में रंधावा के परिवार ने AAP सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर ने अमृतसर में अपने घर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा: “मंत्री भुल्लर को गिरफ्तार करो, वर्ना मैं अपनी 2 बेटियों और एक बेटे को लेकर सड़क पर बैठ जाऊंगी।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रंधावा की मां भाग कौर जोर-जोर से रोती दिखीं। उन्होंने बिलखते हुए कहा: “मंत्री मेरा पुत्त खा गया” (मंत्री ने मेरे बेटे को मार दिया)। रंधावा की बेटी सीरत कौर ने भी गुस्से में कहा: “मैंने अब तक पापा की बॉडी नहीं देखी। कोई आम आदमी होता तो कब का अरेस्ट हो जाता। क्या मंत्री के लिए अलग कानून है? गैर जमानती अपराध है, उसकी बेल नहीं होनी चाहिए।” सीरत ने यह भी कहा कि उनके पिता के फोन पर 13 कॉल्स आई थीं और फोरेंसिक जांच से सब कुछ सामने आ सकता है।
परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर भी आरोप लगाया कि सरकारी दबाव में अस्पताल को फोन कर कहा जा रहा है कि शव यहां से निकाल दो। रंधावा के इटली में रहने वाले छोटे भाई रणबीर सिंह 25 मार्च को अमृतसर पहुंचेंगे।
FIR में क्या-क्या आरोप लगे: गनपॉइंट पर 10 लाख रिश्वत का वीडियो बनाया गया
Randhawa Suicide Case में शनिवार को आधी रात पुलिस ने रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर (सरकारी टीचर) की शिकायत पर पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर, उनके पिता सुखदेव भुल्लर और PA दिलबाग के खिलाफ सुसाइड के लिए उकसाने समेत कई गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की। FIR में लगाए गए आरोप बेहद गंभीर और चौंकाने वाले हैं।
पत्नी ने FIR में बताया कि भुल्लर ने उनके पति को धमकी दी थी: “गैंगस्टर मेरे पाले हुए हैं, तेरे पूरे परिवार को खत्म करने के लिए एक इशारा ही काफी है। अगर तू मेरे नियमों को नहीं मान सकता तो तुझे जिंदा रहने का हक नहीं, तू जहर खा ले।” उपिंदर कौर ने बताया कि भुल्लर अपने पिता के नाम पर टेंडर करवाने के लिए उनके पति को लगातार परेशान कर रहा था। 13 मार्च को रंधावा को भुल्लर ने अपने घर बुलाकर पिटाई की और गनपॉइंट पर 10 लाख रुपये रिश्वत लेने का वीडियो बनाया गया, ताकि उन्हें ब्लैकमेल किया जा सके।
भुल्लर ने यह भी धमकी दी थी कि “मुझे पता है तेरी बेटियां कहां पढ़ती हैं।” इस डर से रंधावा ने अपने बच्चों को मामा के घर भेज दिया था और पत्नी उपिंदर कौर भी मायके से ड्यूटी कर रही थीं। उपिंदर ने तरनतारन के DC और वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के MD को चिट्ठियां लिखकर मदद मांगी थी, लेकिन किसी ने उनके पति की सुनवाई नहीं की।
भुल्लर के इस्तीफे पर सस्पेंस: गवर्नर तक पहुंचने में दो दिन लगे
Randhawa Suicide Case में पूर्व मंत्री भुल्लर के इस्तीफे को लेकर भी बड़ा सस्पेंस बना हुआ है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 21 मार्च को ही कहा था कि उन्होंने भुल्लर से इस्तीफा ले लिया है, जबकि भुल्लर ने खुद कहा कि उन्होंने “नैतिकता के आधार पर” इस्तीफा दिया है। लेकिन अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने दावा किया कि भुल्लर का इस्तीफा अभी तक गवर्नर के पास पहुंचा ही नहीं था।
BJP के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इस पर तीखा हमला करते हुए कहा: “21 तारीख को सुबह CM ने कहा कि मैंने इस्तीफा ले लिया, लेकिन उस इस्तीफे को मुख्यमंत्री के घर से गवर्नर हाउस, जो कि सिर्फ दो किलोमीटर की दूरी पर है, वहां पहुंचने में दो दिन लग गए। जैसे रात के अंधेरे में FIR दर्ज की गई, वैसे ही रात को इस्तीफा गवर्नर हाउस भेजा गया। यह सरकार की नीयत को साफ करता है।” जाखड़ ने कहा कि “भगवंत मान, आपको पंजाब के लोग माफ नहीं करेंगे।”
मजीठिया ने कड़े शब्दों में कहा: “पंजाब में दो कानून चलते हैं: AAP के नेताओं और मंत्रियों के लिए अलग कानून और आम लोगों के लिए अलग। CM भगवंत मान केजरीवाल का ड्राइवर बनकर चार दिनों की यात्रा पर गुजरात जा रहे हैं। पंजाब में चाहे आग लग जाए, किसी का बेटा मर जाए, किसी का सुहाग उजड़ जाए, इन्हें कुछ लेना-देना नहीं है।”
“मुझे मरने दो, बच गया तो बच्चों को मार देंगे”: रंधावा के आखिरी शब्दों ने सबको रुला दिया
Randhawa Suicide Case में सबसे दिल दहलाने वाली बात रंधावा के आखिरी शब्दों को लेकर सामने आई। रंधावा के बचपन के दोस्त रविंद्र सिंह उर्फ रिक्की ने बताया कि जब वे गगनदीप को अस्पताल लेकर जा रहे थे, तो रास्ते में गगनदीप ने कहा: “मुझे न बचाओ। अगर मैं बच गया तो वे मेरे बच्चों को मार देंगे।” यही उनके आखिरी शब्द थे।
वेरका मिल्क प्लांट के पूर्व चेयरमैन और रंधावा के बचपन के दोस्त मक्खन सिंह ने बताया कि “गगनदीप ने डॉक्टरों से कहा था कि मुझे अब बचाना मत, मुझे जहर दे दो। अगर मैं बच गया तो वो मेरे बच्चों को मार देगा।” मक्खन सिंह ने बताया कि “कुछ दिन पहले जब गगन बहुत परेशान था तो हमने उसे समझाया कि टेंशन मत लो, छुट्टी ले लो, नौकरी छोड़ दो। लेकिन उसने बच्चों और परिवार की खातिर अपना बलिदान दे दिया।”
रंधावा के साले जसबीर सिंह ने भी पुष्टि की कि “रंधावा के अंतिम शब्द थे: मुझे मरने दो।” रिक्की ने कहा कि कल से वे पूरे परिवार और दोस्तों के साथ कमिश्नर ऑफिस के बाहर भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने कहा: “जैसे गगनदीप चला गया, इस तरह हम भी भूख से मर जाएंगे और गगनदीप के पास चले जाएंगे।” ये शब्द सुनकर किसी की भी आंखें नम हो जाएंगी और यह समझ आता है कि एक ईमानदार अधिकारी किस हद तक प्रताड़ित किया गया था।
चंडीगढ़ में विपक्ष का संयुक्त प्रदर्शन, वाटर कैनन का इस्तेमाल
Randhawa Suicide Case ने पंजाब की राजनीति में भूचाल ला दिया है। रविवार को चंडीगढ़ में अकाली दल, BJP और कांग्रेस के नेता MLA हॉस्टल में इकट्ठा हुए। उन्होंने भुल्लर की गिरफ्तारी और CBI जांच की मांग को लेकर CM हाउस की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया और प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद नेताओं को हिरासत में ले लिया गया और दोपहर में रिहा कर दिया गया।
इससे पहले शनिवार को अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, BJP प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा और सांसद गुरजीत औजला सहित सभी दलों के नेता रंधावा के अमृतसर स्थित घर पहुंचे थे। पंजाब में यह पहली बार हो रहा है कि तीनों विपक्षी दल AAP सरकार के खिलाफ एकजुट होकर सड़कों पर उतरे हैं।
खरीद एजेंसियों की तालमेल कमेटी ने भी रंधावा के समर्थन में पूरे पंजाब में काम ठप करने का ऐलान कर दिया। पनग्रेन, पनसप, वेयरहाउस और मार्कफेड ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक राज्य भर में खरीद कार्य पूरी तरह बंद रहेगा। भारतीय किसान यूनियन एकता संघर्ष के राज्य प्रधान परविंदर सिंह माहल ने कहा: “सबसे मुश्किल काम मरना होता है, वह मर गया। भुल्लर ने उसकी जान ले ली है, हम परिवार के साथ खड़े हैं।”
AAP का पलटवार: राजा वड़िंग के मामले का हवाला दिया
Randhawa Suicide Case में विपक्ष के हमलों के बीच AAP ने भी पलटवार किया। AAP प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा कि “पंजाब के इतिहास में आज तक कभी भी इतना क्विक एक्शन नहीं हुआ। 24 घंटों के भीतर कैबिनेट मंत्री से इस्तीफा ले लिया गया और FIR दर्ज कर ली गई।” पन्नू ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि “औजला ने CBI जांच की मांग की है, तो क्या वे लुधियाना के सांसद और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग के मामले की भी जांच करवाना चाहते हैं? उन पर एक परिवार को खुदकुशी करने के लिए मजबूर करने के आरोप लगे थे, लेकिन कांग्रेस ने FIR तो दर्ज नहीं की, उल्टा कुछ महीने बाद उन्हें मंत्री बना दिया।”
हालांकि CM भगवंत मान ने रविवार को सिर्फ इतना कहा कि “घटना का पता चलते ही मंत्री का इस्तीफा ले लिया। आगे की कार्रवाई अब जांच का विषय है। कानून सबके लिए एक जैसा है।” लेकिन विपक्ष का आरोप है कि CM मान अरविंद केजरीवाल के साथ गुजरात दौरे पर निकल गए, जबकि पंजाब जल रहा है।
भुल्लर का AAP में दबदबा: ऑफिस में केजरीवाल की फोटो, CM मान गायब
Randhawa Suicide Case के मुख्य आरोपी लालजीत भुल्लर भले ही पहली बार MLA और मंत्री बने हों, लेकिन AAP के दिल्ली दरबार में उनका गहरा रसूख रहा है। एक गौर करने वाली बात यह है कि भुल्लर के तरनतारन के पट्टी स्थित मुख्य दफ्तर के मेन गेट पर लगे बोर्ड पर उनकी सिर्फ अरविंद केजरीवाल के साथ फोटो लगी है, जबकि CM भगवंत मान की फोटो वहां से गायब है। चार साल के कार्यकाल में भुल्लर का ट्रांसपोर्ट मंत्रालय कभी नहीं बदला गया, जो उनके दिल्ली कनेक्शन और पार्टी में प्रभाव को दर्शाता है। FIR दर्ज होने के बाद भी भुल्लर के समर्थकों ने शक्ति प्रदर्शन किया और उन्होंने सोशल मीडिया पर नई फेसबुक पोस्ट भी डाली, जो पंजाब की राजनीति में उनके दबदबे को साफ जाहिर करती है।
एक ईमानदार सरकारी अधिकारी को इस हद तक प्रताड़ित किया गया कि उसने जहर खाकर जान दे दी। यह मामला सिर्फ एक सुसाइड केस नहीं, बल्कि पंजाब में सत्ता के दुरुपयोग, राजनीतिक दबंगई और अफसरशाही पर नेताओं के हावी होने की एक भयावह तस्वीर है। आम आदमी के नाम पर सत्ता में आई पार्टी के एक मंत्री ने किस तरह एक “आम आदमी” अफसर की जिंदगी तबाह कर दी, यह सवाल पूरे पंजाब और देश के लोगों को झकझोर रहा है।
पूर्व मंत्री लालजीत भूल्लर ने अपने शोशल अकाउंट फेसबुक पर लिखा कि…..

मुख्य बातें (Key Points)
- भुल्लर गिरफ्तार: Randhawa Suicide Case में पूर्व AAP मंत्री लालजीत भुल्लर को फतेहगढ़ साहिब के मंडी गोबिंदगढ़ से गिरफ्तार किया गया। अमित शाह ने CBI को केस सौंपने का भरोसा दिया।
- CCTV फुटेज आया सामने: रंधावा 21 मार्च सुबह 5:50 बजे घर के आंगन में सल्फास खाते CCTV में दिखे, इसके बाद 12 सेकंड का वीडियो बनाकर भुल्लर का नाम लिया।
- FIR में गंभीर आरोप: भुल्लर ने रंधावा को जान से मारने की धमकी दी, गनपॉइंट पर 10 लाख रिश्वत का वीडियो बनाया, बेटियों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।
- परिवार का अल्टीमेटम: पत्नी ने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया, पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार से इनकार, पूरे पंजाब में खरीद एजेंसियों का काम ठप।






