Ram Rahim Parole 2026: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर 40 दिन की पैरोल मिल गई है। यह उनकी 15वीं पैरोल या फर्लो है जो उन्हें 2017 में पहली सजा के बाद से मिली है। राम रहीम अपनी दो शिष्याओं से रेप के मामले में 20 साल की सजा और एक पत्रकार की हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। हरियाणा के रोहतक की सुनारिया जेल में बंद राम रहीम को 28 जनवरी को यह पैरोल मिली जो दिल्ली विधानसभा चुनाव और निकाय चुनाव से ठीक पहले है। जब हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से इस बारे में सवाल पूछे गए तो उन्होंने पूरा मामला कोर्ट पर टाल दिया।
CM सैनी से जब पूछा गया कड़ा सवाल
जब पत्रकार ने सीएम नायब सिंह सैनी से पूछा कि यह कौन सा सिस्टम है जो बलात्कार में सजायाफ्ता गुरमीत राम रहीम को राज्य सरकार की अनुशंसा पर हर महत्वपूर्ण चुनाव से पहले पैरोल मुहैया कराता है तो सीएम ने कहा कि यह विषय उनका नहीं है। उन्होंने कहा कि जब भी राम रहीम को आवश्यकता होती है तभी वो पैरोल के लिए अप्लाई करते हैं।
जब पत्रकार ने कहा कि 28 जनवरी को पैरोल मिली और दिल्ली चुनाव व निकाय चुनाव सामने हैं तो सीएम ने कहा कि ऐसा नहीं है। उन्होंने बताया कि राम रहीम कोर्ट में एप्लीकेशन लगाते हैं और माननीय कोर्ट उसको वेरीफाई करता है, देखता है और रिपोर्ट लेता है। उसके बाद ही निर्णय देता है।
सरकार ने कोर्ट पर डाला सारा दोष
जब पत्रकार ने कहा कि कैदी का व्यवहार और राज्य सरकार की अनुशंसा इन दो के आधार पर फैसला होता है और गुरमीत राम रहीम के मामले में सबकी अतिरिक्त उदारता रही है तो सीएम सैनी ने कहा कि ऐसा नहीं है। उन्होंने बताया कि अगर सरकार से अनुशंसा आती है तो उसमें लीगल डिपार्टमेंट और एजी ऑफिस शामिल होता है।
सीएम ने कहा कि जब वहां से कोई फाइल क्लियर होकर आती है तभी वो क्लियर करते हैं। उन्होंने कहा कि वो भी लीगल एडवाइजरी लेते हैं।
टाइमिंग पर सवाल उठने पर कहा ‘संयोग’
जब पत्रकार ने पूछा कि यह टाइमिंग सिर्फ एक संयोग है क्या कि पंचायत चुनाव के पहले, राजस्थान चुनाव के पहले और दिल्ली चुनाव के पहले पैरोल मिलती है तो सीएम ने कहा कि लगातार चुनाव चल रहे हैं और उनको लगातार पैरोल मिल रही है।
उन्होंने कहा कि जितने दिन की छुट्टी एक साल में ले सकते हैं उसका क्राइटेरिया है और उनकी इच्छा है। सीएम ने कहा कि अगर आप लोग देखेंगे तो कोई चुनाव के पहले या चुनाव के बाद नहीं बल्कि जब भी उनकी इच्छा करती है तब आते हैं।
सीएम सैनी ने कहा कि संयोग वश क्योंकि लगातार चुनाव चल रहे हैं और एक की कोड ऑफ कंडक्ट हटी तो दूसरी लग गई। दूसरी हटी तो तीसरी लग गई। लगातार चुनाव के अंदर हैं तो फिर उसमें क्या करें।
‘धर्म गुरु या सजायाफ्ता मुजरिम’ पर टाला जवाब
जब पत्रकार ने सीधा सवाल पूछा कि आप क्या सोचते हैं गुरमीत राम रहीम के बारे में और आपकी नजर में वो एक सम्मानित धर्म गुरु हैं या सजायाफ्ता मुजरिम तो सीएम सैनी ने जवाब देने से बचते हुए कहा कि यह माननीय कोर्ट का विषय है।
उन्होंने कहा कि किसी के ऊपर वो आंकलन करें कि वो कैसा है यह उनको शोभा नहीं देता। हर व्यक्ति की अपनी कोर्ट है और कोर्ट मानेगा। जब पत्रकार ने कहा कि पर आप नहीं मान रहे हैं तो सीएम ने कहा कि वो किसी भी व्यक्ति का आंकलन नहीं करते। अगर किसी ने कोई अपराध किया है तो कोर्ट उसके ऊपर डिसीजन देगा। कोर्ट देगा डिसीजन और वो कौन हैं डिसीजन देने वाले।
क्या है पूरा मामला?
गुरमीत राम रहीम सिंह डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख हैं जो वर्तमान में हरियाणा के रोहतक स्थित सुनारिया जेल में बंद हैं। उन्हें 2017 में अपनी दो शिष्याओं से रेप के मामले में 20 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा एक पत्रकार की हत्या के मामले में उन्हें उम्रकैद की सजा मिली है। 2017 में पहली सजा के बाद से अब तक उन्हें 15 बार पैरोल या फर्लो मिल चुकी है। हर बार जब पैरोल मिलती है तो सवाल उठते हैं क्योंकि ज्यादातर बार पैरोल किसी न किसी चुनाव से पहले मिली है। इस बार भी 28 जनवरी को पैरोल मिली जो दिल्ली विधानसभा चुनाव और निकाय चुनाव से ठीक पहले है।
विश्लेषण: सवाल जो अनुत्तरित रहे
सीएम नायब सिंह सैनी का यह इंटरव्यू कई सवाल खड़े करता है। एक तरफ वो कहते हैं कि यह कोर्ट का मामला है लेकिन दूसरी तरफ यह भी सच है कि पैरोल में राज्य सरकार की अनुशंसा एक अहम भूमिका निभाती है। सीएम ने खुद माना कि लीगल डिपार्टमेंट और एजी ऑफिस फाइल क्लियर करते हैं। ऐसे में पूरा मामला कोर्ट पर डालना कहां तक उचित है यह सवाल बना रहता है। साथ ही जब सीधे पूछा गया कि राम रहीम धर्म गुरु हैं या सजायाफ्ता मुजरिम तो इसका जवाब देने से बचना भी राजनीतिक मजबूरियों की तरफ इशारा करता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- गुरमीत राम रहीम सिंह को 40 दिन की पैरोल मिली है जो उनकी 15वीं पैरोल या फर्लो है। 28 जनवरी को मिली यह पैरोल दिल्ली चुनाव और निकाय चुनाव से ठीक पहले है।
- राम रहीम दो शिष्याओं से रेप में 20 साल की सजा और पत्रकार हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं और रोहतक की सुनारिया जेल में बंद हैं।
- हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने पैरोल का पूरा मामला कोर्ट पर टाल दिया और कहा कि यह उनका विषय नहीं है।
- जब पूछा गया कि राम रहीम धर्म गुरु हैं या सजायाफ्ता मुजरिम तो सीएम ने जवाब देने से बचते हुए कहा कि कोर्ट ही डिसीजन देगी।








