Rajpal Yadav on Jail Smoking Zone: करीब 10 दिन दिल्ली के तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में बिताने के बाद बीते सोमवार को अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) को अंतरिम जमानत मिल गई। जेल से बाहर आने के बाद से राजपाल लगातार मीडिया इंटरव्यू दे रहे हैं। हाल ही में एक नए इंटरव्यू में उन्होंने जेल में स्मोकिंग जोन को लेकर खुलकर बात की है और एक ऐसी मांग रख दी है जिसने सबका ध्यान खींच लिया है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट की तरह जेल में भी सिगरेट पीने की व्यवस्था होनी चाहिए।
राजपाल यादव को 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में 16 फरवरी को दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिली थी। अदालत ने उन्हें यह राहत देते हुए 18 मार्च तक का समय दिया है और बकाया राशि का भुगतान करने का आदेश भी दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी।
‘मैं सिगरेट पीने का आदी नहीं, लेकिन छोड़ नहीं पा रहा’
जमानत पर बाहर आने के बाद राजपाल यादव ने एक समाचार एजेंसी को खास इंटरव्यू दिया। इस दौरान उनसे केस से जुड़े सवालों के अलावा कुछ पर्सनल सवाल भी पूछे गए, जिनमें उनकी सिगरेट पीने की आदत का सवाल भी शामिल था। इस पर कॉमेडियन और एक्टर ने कहा, “मैं सिगरेट पीने का आदी नहीं हूं, लेकिन छोड़ नहीं पा रहा। मैंने कई बार इसे छोड़ने की कोशिश की है।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट की तरह जेल में भी स्मोकिंग जोन बनना चाहिए। हालांकि, मैं यहां धूम्रपान या तंबाकू के सेवन का समर्थन नहीं कर रहा हूं, लेकिन देश में यह बिक रहा है और इससे अच्छा कारोबार चलता है। मेरे हिसाब से सुधार गृहों (जेलों) में इसके लिए व्यवस्था होनी चाहिए।”
‘जेलों को सुधार केंद्र की तरह काम करना चाहिए’
राजपाल यादव ने अपने बयान में इस बात पर भी जोर दिया कि जेलों को सुधार केंद्रों की तरह काम करना चाहिए। उनका कहना था कि जहां कैदियों को बदलने के लिए सही मौके दिए जाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया, “जो लोग सुधार नहीं करना चाहते, उनके लिए कानून सबसे ऊपर है।” इस तरह राजपाल यादव ने जेल में स्मोकिंग जोन बनाए जाने की वकालत की, हालांकि उनके इस बयान का जेल प्रशासन पर क्या असर पड़ेगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
क्या है पूरा मामला?
राजपाल यादव पर एक फाइनेंस कंपनी ने 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस होने का मामला दर्ज कराया था। अभिनेता ने यह राशि एक फिल्म के निर्माण के लिए ली थी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उन्हें जमानत दे दी, लेकिन बकाया राशि का भुगतान करने का आदेश दिया। फिलहाल राजपाल यादव इस राशि के भुगतान के लिए प्रयासरत हैं और 18 मार्च को अदालत में अगली सुनवाई होगी।
विश्लेषण: एक कलाकार का व्यक्तिगत अनुभव
राजपाल यादव का यह बयान एक ऐसे व्यक्ति का निजी अनुभव है जिसने 10 दिन जेल में बिताए हैं। उनकी यह मांग भले ही व्यक्तिगत आदत से प्रेरित हो, लेकिन यह जेल सुधारों पर एक बहस छेड़ सकती है। जहां एक तरफ जेल में धूम्रपान को बढ़ावा देना गलत हो सकता है, वहीं दूसरी तरफ उनका यह तर्क कि जेल सुधार गृह होने चाहिए, गंभीर विमर्श की मांग रखता है। फिलहाल, राजपाल यादव के इस बयान पर विभिन्न हलकों में चर्चा हो रही है, और देखना दिलचस्प होगा कि क्या उनकी यह मांग कहीं सुनवाई पाती है या महज एक बयान बनकर रह जाती है।
मुख्य बातें (Key Points)
राजपाल यादव (Rajpal Yadav) को 9 करोड़ के चेक बाउंस मामले में अंतरिम जमानत मिली, 10 दिन तिहाड़ जेल में रहे।
जेल से बाहर आते ही उन्होंने मांग की कि एयरपोर्ट की तरह जेल में भी स्मोकिंग जोन होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि वह सिगरेट के आदी नहीं हैं, लेकिन छोड़ नहीं पा रहे हैं।
राजपाल ने यह भी कहा कि जेलों को सुधार केंद्र की तरह काम करना चाहिए।
इस मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी, जिसमें उन्हें बकाया राशि का भुगतान करना होगा।








