Rajbir Ghuman CBI पूछताछ का मामला अब पंजाब की सियासत में सबसे चर्चित मुद्दा बन चुका है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन कथित भ्रष्टाचार मामले में आज पूछताछ के लिए चंडीगढ़ CBI दफ्तर नहीं पहुंचे। जांच एजेंसी ने उन्हें दोपहर 2 बजे का वक्त दिया था, लेकिन वे हाजिर नहीं हुए।
चिंता का विषय यह है कि यह कोई पहली बार नहीं हुआ। यह तीसरी बार है जब CBI ने घुम्मन को पूछताछ के लिए बुलाया है। इससे पहले दो बार में एजेंसी उनसे कुल 90 सवाल पहले ही पूछ चुकी है।
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मजीठिया का तीखा हमला, बड़े मगरमच्छों पर निशाना
इसी बीच शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने करप्शन मामले को लेकर सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के साथ वीडियो साझा करते हुए CMO से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
मजीठिया ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान, उनके OSD राजबीर सिंह घुम्मन और पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उनके मुताबिक, जांच केवल छोटे अफसरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि तबादलों में कथित रिश्वतखोरी से लेकर टेंडर प्रक्रिया तक में आखिर कौन-कौन शामिल है।
और बस यहीं से आया वह बयान जो अब हर जगह चर्चा में है, “अब बड़े मगरमच्छों की बारी है।”
144 टोयोटा हाइलक्स गाड़ियों की खरीद पर भी उठे सवाल
मजीठिया ने इसी मौके पर पंजाब में 144 टोयोटा हाइलक्स गाड़ियों की खरीद का पुराना मुद्दा भी दोबारा उठाया। गौरतलब है कि इस खरीद को लेकर पहले हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर अधिक कीमत पर गाड़ियां खरीदे जाने के आरोप लगाए गए थे।
उन्होंने CBI से इस मामले सहित सभी संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच करने और सरकारी खजाने को हुए नुकसान की वसूली करने की मांग की। मजीठिया ने यह सवाल भी उठाया कि अगर सरकारी कामकाज में इतनी अनियमितताएं हो रही थीं, तो विजिलेंस विभाग ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की।
सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत के बाद भी पेशी से बचते दिखे
यहां ध्यान देने वाली बात है कि FIR दर्ज होने के बाद CBI ने घुम्मन को पेश होने के लिए पहले 3 समन भेजे थे, लेकिन वे पेश नहीं हुए। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया और 12 अक्टूबर को कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी थी। कोर्ट ने उन्हें जांच में पूरा सहयोग करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे।
इसके बाद वे पहली बार CBI के सामने पेश भी हुए थे। उनके वकील GPS घुम्मन ने उस वक्त कहा था कि राजबीर कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। लेकिन अब तीसरी बार पेश न होना फिर से सवाल खड़े कर रहा है।
पूरा मामला कैसे शुरू हुआ, जानिए सिलसिलेवार
| तारीख/समय | घटनाक्रम |
|---|---|
| जुलाई-अगस्त 2026 | ED ने DGP गौरव यादव को 3 चिट्ठियां भेजीं, FIR की मांग |
| जांच में नाम सामने आए | नितिन गोहल और राजबीर सिंह घुम्मन |
| सबूत का दावा | वॉट्सऐप चैट, ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ी बातचीत |
| बरामदगी | नितिन गोहल से 20.98 लाख रुपये नकद मिलने का दावा |
| 5 अक्टूबर | हाईकोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया |
| 6 अक्टूबर | पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची, SLP दाखिल |
| 12 अक्टूबर | घुम्मन की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट की रोक |
ED की जांच में सामने आया रियल एस्टेट एंगल
समझने वाली बात है कि यह पूरा मामला सिर्फ ट्रांसफर-पोस्टिंग तक सीमित नहीं है। ED के मुताबिक, नितिन गोहल को सरकारी काम कराने के इच्छुक लोगों और CM के OSD घुम्मन के बीच कथित बिचौलिया बताया गया है। एजेंसी ने दावा किया कि उनके पास वॉट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल सबूत मौजूद हैं, जिनमें ट्रांसफर-पोस्टिंग, पॉलिसी फैसलों, टेंडर और सरकारी दस्तावेजों तक कथित पहुंच की बातचीत का जिक्र है।
इसके अलावा मामले में GMADA की जमीन, CLU और रियल एस्टेट से जुड़ी अनियमितताओं का एंगल भी जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत हो रही है।
‘जानें पूरा मामला’
पंजाब CM ऑफिस से जुड़े इस कथित भ्रष्टाचार मामले की शुरुआत ED की जांच से हुई थी, जिसमें ट्रांसफर-पोस्टिंग, टेंडर और जमीन से जुड़ी अनियमितताओं के आरोप लगे। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इसे गंभीर मानते हुए CBI को जांच सौंपी, जिसके खिलाफ पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। फिलहाल राजबीर घुम्मन को गिरफ्तारी से राहत मिली हुई है, लेकिन CBI की पूछताछ से बार-बार दूरी बनाना मामले को और उलझा रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Rajbir Ghuman CBI पूछताछ के लिए तीसरी बार भी पेश नहीं हुए।
- मजीठिया ने CMO भ्रष्टाचार मामले में “बड़े मगरमच्छों की बारी” कहकर सरकार पर हमला बोला।
- 144 टोयोटा हाइलक्स गाड़ियों की खरीद का मुद्दा भी दोबारा उठा।
- सुप्रीम कोर्ट ने 12 अक्तूबर को घुम्मन की गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी, लेकिन जांच में सहयोग के निर्देश दिए थे।










