Rajbir Ghuman CBI Case : पंजाब की सियासत में हलचल मचाने वाले Rajbir Ghuman Case में अब एक नया मोड़ आ गया है। मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मण से पूछताछ के कुछ ही दिन बाद सीबीआई ने उनकी नज़दीकी तिकड़ी को तलब कर लिया है। दिलचस्प बात यह है कि इन तीनों को इससे पहले भी तीन बार समन भेजा जा चुका था, लेकिन वे कभी पेश नहीं हुए।
भलके यानी रविवार को नितिन गोहल, जितिन गोहल और बीर दविंदर सिंह सीबीआई के सामने पेश होंगे। यह पहला मौका होगा जब ये तीनों जांच में शामिल होंगे।
पहली बार होंगे पेश, तीन समन टाल चुके थे
जानकारी के मुताबिक, इन तीनों को पहले भी तीन बार समन भेजे जा चुके थे। पर हर बार किसी न किसी वजह से ये पेश नहीं हुए। अगर गौर करें तो यह बात खुद-ब-खुद कई सवाल खड़े करती है। वैसे, सीबीआई एक बार बीर दविंदर सिंह के पिता से भी पूछताछ कर चुकी है। गोहल ब्रदर्स यानी नितिन और जितिन गोहल पहली बार इस जांच का हिस्सा बन रहे हैं। समझने वाली बात है कि अब तक टाल-मटोल करने वाले ये लोग आखिरकार क्यों सामने आने को राजी हुए।
कौन हैं ये तीनों और क्यों अहम है इनकी पेशी
बीर दविंदर सिंह इस समय आम आदमी पार्टी के यूथ विंग के मीत प्रधान हैं। वे पार्टी की तरफ से जिला परिषद की चुनाव भी लड़ चुके हैं। यानी यह सिर्फ एक अधिकारी का मामला नहीं, बल्कि सीधे पार्टी संगठन से जुड़ा हुआ है। और बस यहीं से इस केस की राजनीतिक गंभीरता समझ आती है।
हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ था केस
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 5 अक्तूबर को भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत केस दर्ज किया था। राजबीर सिंह घुम्मण के अलावा नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर दविंदर और आर.एस. नागरा के नाम इस एफआईआर में शामिल हैं। साथ ही कुछ अज्ञात सरकारी और प्राइवेट अधिकारियों पर भी केस दर्ज हुआ है।
| नाम | पहचान/भूमिका |
|---|---|
| राजबीर सिंह घुम्मण | मुख्यमंत्री के ओएसडी |
| नितिन गोहल | करीबी सहयोगी, पहली बार पेश |
| जितिन गोहल उर्फ राजा | करीबी सहयोगी, पहली बार पेश |
| बीर दविंदर सिंह | आप यूथ विंग मीत प्रधान |
| रोमी राजा महाजन | आरोपी |
| आर.एस. नागरा | आरोपी |
दो महीने में जांच पूरी करने का आदेश
हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच मुकम्मल करने के लिए दो महीने का समय दिया है। एफआईआर में अधिकारियों की बदलियों और तैनातियों, नीतिगत फैसलों में दखल, टेंडरों और असला लाइसेंसों में कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इतने कम समय में इतने बड़े मामले की तह तक पहुंचना सीबीआई के लिए भी आसान नहीं होगा।
सियासी हलकों में क्यों बढ़ी हलचल
देखा जाए तो यह मामला अब सिर्फ प्रशासनिक भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं रह गया। मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े अधिकारी और सत्तारूढ़ पार्टी के युवा नेता, दोनों का नाम एक साथ आने से यह केस पंजाब की सियासत में संवेदनशील बन गया है। अगर ये तीनों पूछताछ में कोई बड़ा खुलासा करते हैं, तो इसका सीधा असर राज्य सरकार की साख पर पड़ सकता है। इससे साफ होता है कि आने वाले हफ्तों में इस मामले में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- सीबीआई ने राजबीर घुम्मण की करीबी तिकड़ी को रविवार को तलब किया।
- तीनों पहले तीन बार समन के बावजूद पेश नहीं हुए थे।
- हाईकोर्ट के आदेश पर 5 अक्तूबर को भ्रष्टाचार का केस दर्ज हुआ था।
- जांच पूरी करने के लिए सीबीआई को दो महीने का समय मिला है।













