Raipur Medical Case ने डॉक्टरों से लेकर आम लोगों तक सभी को चौंका दिया है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक दुकानदार रोज़ की तरह सुबह ब्रश कर रहा था, तभी अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। कुछ ही पलों में उसकी गर्दन बुरी तरह सूज गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। परिजन घबराए हुए उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच में सामने आया कि उसकी गर्दन की एक अहम नस फट चुकी थी।

ब्रश करते वक्त अचानक बिगड़ी हालत
जानकारी के मुताबिक, दुकानदार सुबह उठकर नहाने से पहले ब्रश कर रहा था। इसी दौरान उसकी गर्दन में तेज दर्द हुआ और देखते ही देखते सूजन बढ़ने लगी। परिवार कुछ समझ पाता, उससे पहले ही वह बेहोश हो गया। हालात गंभीर थे और एक-एक मिनट की अहमियत थी।
अस्पताल पहुंचते ही हुआ बड़ा खुलासा
अस्पताल में डॉक्टरों ने तत्काल सिटी एंजियोग्राफी करवाई। रिपोर्ट देखकर खुद डॉक्टर भी हैरान रह गए। मरीज की दाईं कैरोटिड आर्टरी फट चुकी थी और वहां गुब्बारे जैसी संरचना बन गई थी। यह स्थिति बेहद खतरनाक मानी जाती है, जिसमें जान जाने का खतरा बहुत ज्यादा रहता है।
दुनिया में बेहद दुर्लभ मामला
डॉक्टरों के अनुसार, इस तरह के मेडिकल केस दुनिया में बेहद कम देखने को मिलते हैं। अब तक ऐसे सिर्फ 10 मामले ही दर्ज थे। रायपुर में सामने आया यह केस दुनिया भर में इस तरह की घटनाओं का 11वां मामला बताया जा रहा है, जिसने मेडिकल जगत का ध्यान खींचा है।
डॉक्टरों की सूझबूझ से बची जान
समय पर जांच और त्वरित इलाज की वजह से मरीज की जान बचाई जा सकी। डॉक्टरों ने बताया कि अगर इलाज में थोड़ी भी देरी होती, तो हालात जानलेवा हो सकते थे। यही वजह है कि इस केस को मेडिकल इमरजेंसी का क्लासिक उदाहरण माना जा रहा है।
आम लोगों के लिए बड़ी चेतावनी
डॉक्टरों ने साफ कहा है कि अगर किसी को गर्दन में अचानक तेज दर्द, सूजन, चक्कर या बेहोशी जैसी स्थिति महसूस हो, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। तुरंत नजदीकी अस्पताल में दिखाना जरूरी है, क्योंकि ऐसी लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है।

जानें पूरा मामला
रायपुर में एक दुकानदार ब्रश करते समय अचानक बेहोश हो गया। जांच में पता चला कि उसकी गर्दन की दाईं कैरोटिड आर्टरी फट चुकी थी। यह दुनिया के सबसे दुर्लभ मेडिकल मामलों में से एक है। समय पर सिटी एंजियोग्राफी और इलाज से मरीज की जान बचाई जा सकी।
मुख्य बातें (Key Points)
- रायपुर में ब्रश करते वक्त दुकानदार बेहोश हुआ
- जांच में गर्दन की अहम नस फटने की पुष्टि
- दुनिया में अब तक ऐसे सिर्फ 11 केस सामने आए
- समय पर इलाज से मरीज की जान बची








