राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होकर कहा कि पानी पीने से लोगों की जान जा रही है और इसके बावजूद साफ पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। उन्होंने इसे शहरी विकास और “स्मार्ट सिटी” मॉडल पर बड़ा सवाल बताया।
पीड़ित परिवारों से सीधी बातचीत
भगीरथपुरा में प्रभावित लोगों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि जिन परिवारों से वे मिले हैं, वहां मौतें हुई हैं और कई लोग बीमार पड़े हैं। उनका कहना था कि यह सिर्फ एक इलाके की समस्या नहीं है, बल्कि अलग-अलग शहरों में भी यही हालात देखने को मिल रहे हैं।
सरकार पर सीधा हमला
राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर Bharatiya Janata Party और सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि साफ पानी उपलब्ध कराना सरकार की बुनियादी जिम्मेदारी है, लेकिन यह जिम्मेदारी निभाई नहीं जा रही। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों की लापरवाही से यह स्थिति बनी, उनकी जवाबदेही तय क्यों नहीं हो रही।
मुआवजे की मांग
राहुल गांधी ने कहा कि जिन परिवारों ने इलाज पर खर्च किया है या जिनकी मौत हुई है, उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह राजनीति का मुद्दा नहीं, बल्कि इंसानी जिंदगी का सवाल है और सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी।
‘स्मार्ट सिटी’ मॉडल पर सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि जिस शहर को स्मार्ट सिटी का उदाहरण बताया जाता है, वहां पीने का साफ पानी तक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभी मीडिया और देश का ध्यान है, इसलिए अस्थायी तौर पर व्यवस्था की गई है, लेकिन ध्यान हटते ही हालात फिर वही हो जाएंगे। पीड़ित चाहते हैं कि इस समस्या का स्थायी और व्यवस्थित समाधान किया जाए।
आम लोगों पर असर
दूषित पानी के कारण लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल है। परिवारों को बीमारी और मौत का सामना करना पड़ा है, जिससे उनका भरोसा प्रशासन और व्यवस्था से उठता जा रहा है। रोजमर्रा की जरूरत, यानी पीने का पानी, संकट बन जाने से लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है।
जानें पूरा मामला
इंदौर के भगीरथपुरा इलाके में लंबे समय से पीने के पानी को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं। हालात तब गंभीर हो गए, जब लोगों ने दूषित पानी पीने के बाद मौत और गंभीर बीमारी का आरोप लगाया। इसी पृष्ठभूमि में राहुल गांधी ने मौके पर पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की और सरकार से जवाबदेही व मदद की मांग की।
मुख्य बातें (Key Points)
- राहुल गांधी ने इंदौर के भगीरथपुरा में पीड़ित परिवारों से मुलाकात की
- दूषित पानी से मौत और बीमारी का आरोप लगाया गया
- सरकार से जिम्मेदारी तय करने और मुआवजे की मांग
- स्मार्ट सिटी मॉडल पर गंभीर सवाल खड़े किए








