Rahul Gandhi Barnala Rally: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) 28 फरवरी को पंजाब के बरनाला (Barnala) में एक बड़ी रैली को संबोधित करेंगे। यह रैली केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा (MGNREGA) में बदलाव और अमेरिका-भारत ट्रेड डील के खिलाफ आयोजित की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस रैली को साल 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी इसे चुनावी नैरेटिव सेट करने का सुनहरा मौका मान रही है।
पंजाब कांग्रेस इस रैली को भव्य बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। गुटबाजी के सभी शब्दों को दरकिनार कर पूरी पार्टी एकजुट होकर इस रैली को सफल बनाएगी। पार्टी ने राजपुरा के विधायक हरदयाल कंबोज (Hardyal Kamboj) को रैली का इंचार्ज लगाया है। शुक्रवार को रैली की तैयारियों को लेकर पार्टी की अहम बैठक भी होने वाली है। आइए जानते हैं कि आखिर कांग्रेस ने बरनाला को रैली के लिए क्यों चुना और इसके पीछे की चार बड़ी वजहें क्या हैं।
1. किसानों और मजदूरों पर फोकस
बरनाला पंजाब के मालवा क्षेत्र (Malwa Region) में आता है, जो राज्य का सबसे बड़ा कृषि प्रधान इलाका है। यहां किसानों की संख्या बहुत अधिक है और बड़ी आबादी मनरेगा (MGNREGA) जैसे ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों पर निर्भर करती है। केंद्र सरकार ने हाल ही में मनरेगा में बदलाव कर इसे विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण (Vibhag Ramji) में बदल दिया है। कांग्रेस इसके खिलाफ ‘MGNREGA बचाओ संघर्ष’ नाम से अभियान चला रही है। बरनाला जैसे किसान-बहुल इलाके में यह मुद्दा सीधे जमीन से जुड़ता है, और इस रैली के जरिए पार्टी राज्यभर के किसानों को एकजुट करने का संदेश देना चाहती है।
2. मालवा की 69 सीटों पर नजर
पंजाब विधानसभा की कुल 117 सीटों में से 69 सीटें मालवा क्षेत्र में आती हैं। राज्य की राजनीति में यह क्षेत्र सबसे अहम माना जाता है, क्योंकि जो भी पार्टी मालवा में बढ़त हासिल करती है, उसकी सरकार बनाने की संभावना काफी बढ़ जाती है। राहुल गांधी की यह रैली कांग्रेस की 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी का औपचारिक आगाज मानी जा रही है। पार्टी केंद्र की भाजपा (BJP) सरकार और राज्य की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ एक साथ माहौल बनाना चाहती है।
3. आम आदमी पार्टी के गढ़ में सेंध
संगरूर लोकसभा क्षेत्र, जिसके अंतर्गत बरनाला आता है, को कभी आम आदमी पार्टी (AAP) का गढ़ माना जाता था। 2014 में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ते हुए यहां से भगवंत मान (Bhagwant Mann) सांसद चुने गए थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में AAP के गुरमीत सिंह मीत हेयर बरनाला से विधायक बने। 2019 के लोकसभा चुनाव में भगवंत मान फिर से सांसद चुने गए। 2022 के विधानसभा चुनाव में मीत हेयर ने फिर से बरनाला सीट जीती।
हालांकि, 2024 में मीत हेयर के संगरूर से सांसद चुने जाने के बाद बरनाला सीट पर उपचुनाव हुआ। इस दौरान AAP में गुटबाजी सामने आई और पार्टी के बागी गुरदीप सिंह बाठ ने निर्दलीय चुनाव लड़ा। उपचुनाव में AAP प्रत्याशी हरिंदर सिंह धालीवाल को हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस इस मौके को AAP के गढ़ में सेंध लगाने के रूप में देख रही है और राहुल गांधी की रैली से वहां अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।
4. गुटबाजी की जगह एकता दिखाएगी कांग्रेस
लंबे समय से गुटबाजी के आरोप झेल रही पंजाब कांग्रेस इस रैली के बहाने एकजुट चेहरा पेश करना चाहती है। रैली के मंच पर पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता एक साथ दिखेंगे, जिससे संगठन में एकता का संदेश जाएगा। इसकी कोशिश कुछ दिनों पहले चंडीगढ़ में पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) की मौजूदगी में हुई बैठक में भी देखी गई थी, जहां प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग (Amarinder Singh Raja Warring) और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा (Pratap Singh Bajwa) समेत सभी नेता एक साथ नजर आए थे। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से फीडबैक ले चुके हैं।
दूसरे दलों की भी तैयारी
कांग्रेस ही नहीं, बल्कि पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP), शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भाजपा (BJP) ने भी 2027 के चुनाव के लिए कमर कस ली है। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल (Sukhbir Singh Badal) ने पहले चरण में 40 रैलियों का कार्यक्रम बनाया है, जिसकी शुरुआत गुरदासपुर के कादियां से हो चुकी है। वहीं, भाजपा भी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) की रैली की तैयारी कर रही है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) लगातार पंजाब का दौरा कर रहे हैं और सरकार की योजनाओं का प्रचार कर रहे हैं।
2022 के चुनाव नतीजे
पिछले यानी 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 117 में से 92 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था। कांग्रेस को महज 18 सीटों पर संतोष करना पड़ा था, जबकि शिरोमणि अकाली दल 3, भाजपा 2, बहुजन समाज पार्टी (BSP) 1 और निर्दलीय 1 सीट पर जीत दर्ज कर पाए थे। ऐसे में राहुल गांधी की यह रैली कांग्रेस के लिए वापसी की राह आसान करने वाली मानी जा रही है।
मुख्य बातें (Key Points)
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) 28 फरवरी को बरनाला में रैली करेंगे, जो मनरेगा में बदलाव और अमेरिका-भारत ट्रेड डील के खिलाफ होगी।
इस रैली को 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें मालवा क्षेत्र की 69 सीटों पर फोकस है।
कांग्रेस आम आदमी पार्टी के गढ़ संगरूर-बरनाला में सेंध लगाने की कोशिश करेगी।
पार्टी इस रैली के जरिए किसानों और मजदूरों के मुद्दों को उठाकर सियासी फायदा लेना चाहती है।
पंजाब की सभी प्रमुख पार्टियां (AAP, SAD, BJP) भी 2027 के चुनाव के लिए अपनी-अपनी तैयारियों में जुटी हैं।








