Raghav Chadha पर उन्हीं की पार्टी आम आदमी पार्टी (AAP) ने बड़ा एक्शन ले लिया है। AAP ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर अपने सदन में डिप्टी लीडर राघव चड्ढा को उनके पद से हटाने की गुजारिश की है। इतना ही नहीं, पार्टी ने यह भी मांग की है कि Raghav Chadha को AAP के कोटे से संसद में बोलने का समय आवंटित न किया जाए। उनकी जगह अब डॉ. अशोक कुमार मित्तल को राज्यसभा में AAP का नया डिप्टी लीडर नियुक्त किया गया है। यह फैसला राजनीतिक हलकों में हलचल मचाने वाला साबित हो रहा है।
‘सिर्फ पद से हटाया नहीं, बोलने पर भी लगाई कैंची’
AAP ने Raghav Chadha को सिर्फ डिप्टी लीडर पद से हटाने तक अपनी कार्रवाई सीमित नहीं रखी। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक अलग पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि Raghav Chadha को पार्टी के कोटे से बोलने का समय न दिया जाए। यह कदम उनके लिए बेहद बड़ा झटका है, क्योंकि राज्यसभा में किसी सांसद के बोलने पर ही रोक लगाना एक असाधारण और कड़ा कदम माना जाता है। पार्टी ने इसके साथ ही एक अलग पत्र में Raghav Chadha की जगह अशोक मित्तल को डिप्टी लीडर नियुक्त करने का अनुरोध भी राज्यसभा सचिवालय को सौंप दिया है।
‘अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन न मानने का लगा आरोप’
AAP ने इस फैसले के पीछे के कारण आधिकारिक तौर पर नहीं बताए हैं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक Raghav Chadha पर यह कार्रवाई “अनुशासनहीनता” और “पार्टी लाइन का पालन न करने” के आरोपों में ली गई है। बताया जा रहा है कि Raghav Chadha राज्यसभा में लगातार जनहित के मुद्दों पर बोल रहे थे, लेकिन वे पार्टी को पहले से सूचित नहीं करते थे कि वे कौन सा मुद्दा उठाएंगे। चाहे वह एयरपोर्ट पर ₹10 की चाय का मामला हो या डिलीवरी बॉयज के अधिकारों का मुद्दा, Raghav Chadha ने बिना पार्टी से चर्चा किए इन विषयों को संसद में उठाया।
सूत्रों का यह भी कहना है कि पार्टी हाईकमान ने उन्हें पहले ही चेतावनी दी थी कि वे बिना पार्टी की सहमति के मुद्दे उठा रहे हैं, लेकिन Raghav Chadha ने इस चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया। पार्टी का आरोप है कि वे व्यक्तिगत रूप से अपनी बात रख रहे थे, न कि पार्टी की आधिकारिक लाइन पर।
‘केजरीवाल-सिसोदिया की बरसी पर भी रहे खामोश’
Raghav Chadha और AAP के बीच बढ़ती दूरी का एक और बड़ा संकेत तब सामने आया जब अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी किया। पार्टी के लिए यह एक बड़ा मौका था जब हर नेता से अपेक्षा थी कि वह इस फैसले का जोरदार स्वागत करे और पार्टी की लाइन पर बोले, लेकिन Raghav Chadha ने उस समय भी चुप्पी साध ली। उनका कोई बयान सामने नहीं आया। यह चुप्पी पार्टी नेतृत्व को रास नहीं आई और इसे भी अनुशासनहीनता का हिस्सा माना गया। कुछ सूत्रों ने Raghav Chadha पर हुई इस कार्रवाई को पार्टी की अंदरूनी कलह का नतीजा भी बताया है।
‘संजय सिंह के जेल जाने के बाद मिली थी जिम्मेदारी’
राज्यसभा में AAP के पास फिलहाल बहुत सीमित संख्या में सांसद हैं। संजय सिंह के जेल में होने के दौरान Raghav Chadha को अनौपचारिक रूप से उपनेता की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण बहसों में सक्रिय भूमिका निभाई और संसद में जनहित के कई मुद्दे प्रमुखता से उठाए, जिससे उनकी लोकप्रियता भी काफी बढ़ी। लेकिन अब पार्टी ने यह कहते हुए उन पर कड़ी कार्रवाई की कि वे व्यक्तिगत एजेंडे पर काम कर रहे थे और पार्टी को इसकी जानकारी नहीं देते थे।
Raghav Chadha ने इस पूरे मामले पर अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
‘कौन हैं डॉ. अशोक मित्तल: Raghav Chadha की जगह लेने वाले नए डिप्टी लीडर’
AAP ने Raghav Chadha की जगह डॉ. अशोक कुमार मित्तल को राज्यसभा में पार्टी का नया डिप्टी लीडर नियुक्त किया है। 10 सितंबर 1964 को पंजाब के जालंधर में जन्मे अशोक मित्तल अप्रैल 2022 में पहली बार राज्यसभा के लिए चुने गए थे। उन्होंने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की है और पेशे से एक सफल कारोबारी हैं।
अशोक मित्तल पंजाब की प्रतिष्ठित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के संस्थापक और कुलाधिपति भी रह चुके हैं। इसके अलावा वे विदेश मामलों की समिति, वित्तीय समिति और रक्षा समिति के सदस्य भी रहे हैं। अब वे राज्यसभा में AAP की तरफ से डिप्टी लीडर की जिम्मेदारी संभालेंगे।
‘AAP की अंदरूनी राजनीति पर उठे सवाल’
Raghav Chadha जैसे युवा, लोकप्रिय और मुखर सांसद पर इतना कड़ा एक्शन लेना AAP के लिए एक जोखिम भरा कदम है। Raghav Chadha ने पिछले कुछ समय में संसद में अपनी तीखी भाषा और जनहित के मुद्दों को उठाने से एक अलग पहचान बनाई थी। एयरपोर्ट पर चाय की कीमतों से लेकर डिलीवरी बॉयज के मुद्दों तक, उनकी संसदीय पहल ने उन्हें सोशल मीडिया पर भी खासी लोकप्रियता दिलाई। ऐसे में पार्टी का यह फैसला न सिर्फ AAP की अंदरूनी राजनीति पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि पार्टी अनुशासन के मामले में किसी से समझौते के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में Raghav Chadha की प्रतिक्रिया और उनका अगला कदम राजनीतिक हलकों में चर्चा का सबसे बड़ा विषय रहेगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- AAP ने Raghav Chadha को राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाकर डॉ. अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी।
- पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से Raghav Chadha को AAP के कोटे से बोलने का समय न देने की मांग की।
- सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन न मानने के कारण हुई।
- Raghav Chadha ने अभी तक इस मामले पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।













