LPG Price Hike Qatar Gas Shutdown : ईरान और इजराइल के बीच जारी जंग के बीच कतर ने एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। ईरानी जवाबी हमले के बीच कतर ने अपने गैस लिक्विफिकेशन ऑपरेशन को पूरी तरह बंद करने का एलान कर दिया है। न्यूज एजेंसी रायटर्स ने यह जानकारी दी है। इस फैसले का सीधा असर भारत पर पड़ सकता है, जहां CNG, PNG और LPG की कीमतें बढ़ने और सिलेंडर की किल्लत होने की आशंका जताई जा रही है।
मध्य पूर्व में छिड़ी जंग अब धीरे-धीरे आम भारतीयों की रसोई तक पहुंचने लगी है। जो लड़ाई हजारों किलोमीटर दूर लड़ी जा रही है, उसका असर अब भारत के घरों में जलने वाले गैस के चूल्हे तक महसूस होने लगा है। कतर के इस बड़े फैसले ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा के सामने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है।
‘कतर ने क्यों बंद किया गैस ऑपरेशन?’
ईरान के जवाबी हमले के बाद मध्य पूर्व में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। इसी के मद्देनजर कतर ने सुरक्षा कारणों से अपने गैस लिक्विफिकेशन ऑपरेशन को पूरी तरह बंद कर दिया। रायटर्स के सूत्रों के मुताबिक इन सुविधाओं के बंद होने के बाद ऑपरेशन को दोबारा शुरू करने में काफी समय लगेगा। अधिकारियों का कहना है कि कतर को पूरी क्षमता तक वापस पहुंचने में कम से कम दो हफ्ते और लग सकते हैं।
‘भारत के लिए कतर क्यों है इतना अहम?’
कतर दुनिया के सबसे बड़े LNG यानी लिक्विफाइड नेचुरल गैस निर्यातकों में से एक है और ग्लोबल एनर्जी मार्केट में उसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। भारत अपनी कुल LNG जरूरत का करीब 40 फीसदी, यानी लगभग 2.7 करोड़ टन हर साल कतर से आयात करता है। ईरान पर हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश कतर ही था। अब कतर के ऑपरेशन बंद होने से जहाजों की आवाजाही भी रुक गई है और भारत में घरेलू गैस की सप्लाई में 40 फीसदी तक की बड़ी कटौती की नौबत आ गई है।
‘CNG और PNG के दाम बढ़ने की चेतावनी’
बाहरी देशों से आने वाली LNG को प्रोसेस करके ही भारत में CNG और PNG की सप्लाई की जाती है। अब जब कतर से LNG की सप्लाई रुक गई है, तो सिटी गैस कंपनियों ने साफ चेतावनी दे दी है कि अगर हालात में जल्द सुधार नहीं हुआ तो CNG और PNG के दाम बढ़ाए जा सकते हैं। यह सीधे तौर पर उन लाखों लोगों की जेब पर असर डालेगा जो रोजाना CNG से चलने वाले वाहनों का इस्तेमाल करते हैं या घरों में PNG कनेक्शन से खाना पकाते हैं।
‘LPG सिलेंडर पर भी मंडरा रहा खतरा’
सिर्फ CNG और PNG ही नहीं, बल्कि इस संकट का असर LPG यानी रसोई गैस सिलेंडर पर भी पड़ सकता है। गैस की किल्लत होने की स्थिति में LPG सिलेंडर की सप्लाई कम हो सकती है या फिर उसके दाम भी बढ़ाए जा सकते हैं। ऐसे में आम परिवारों के लिए रसोई का खर्च और बढ़ सकता है, जो पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं।
‘आम आदमी की जेब पर क्या पड़ेगा असर?’
CNG से चलने वाले ऑटो, टैक्सी और बसों का किराया बढ़ सकता है। घरों में PNG से खाना पकाना महंगा हो सकता है और LPG सिलेंडर की कीमत या उपलब्धता पर भी असर पड़ सकता है। यानी मध्य पूर्व की यह जंग सीधे आम भारतीय के घर के बजट पर चोट कर सकती है।
‘क्या है पूरा मामला?’
मध्य पूर्व में ईरान और इजराइल के बीच जारी संघर्ष का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ने लगा है। कतर, जो खाड़ी क्षेत्र का एक प्रमुख देश है और दुनिया को LNG सप्लाई करता है, उसने सुरक्षा कारणों से अपना गैस लिक्विफिकेशन ऑपरेशन बंद कर दिया है। भारत जैसे देश जो ऊर्जा के लिए कतर पर बड़े पैमाने पर निर्भर हैं, उनके लिए यह एक गंभीर ऊर्जा संकट का संकेत है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- कतर ने ईरानी जवाबी हमले के बीच अपनेगैस लिक्विफिकेशन ऑपरेशन पूरी तरह बंद कर दिए हैं।
- भारत अपनी कुल LNG जरूरत का 40 फीसदी यानी करीब 2.7 करोड़ टन सालाना कतर से आयात करता है।
- घरेलू बाजार में गैस की सप्लाई में 40% तक कटौती, सिटी गैस कंपनियों ने CNG-PNG के दाम बढ़ने की चेतावनी दी।
- LPG सिलेंडर की किल्लत और दाम बढ़ने की भी आशंका, कतर को सामान्य होने में कम से कम 2 हफ्ते लगेंगे।








