Punjab Vigilance Bureau Bribery Case: पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत विजिलेंस ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार को पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के एक लाइनमैन को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह पूरी वारदात होशियारपुर जिले के अटोवाल स्थित सब-डिविजनल ऑफिस में हुई, जहां तैनात लाइनमैन बलवीर सिंह (फौजी) ने एक किसान से बिजली की तारों का रास्ता बदलने के नाम पर रिश्वत की मांग की थी। हैरान करने वाली बात यह है कि शिकायतकर्ता ने आरोपी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पूरी बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया था, जिसके बाद विजिलेंस ब्यूरो ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जाल बिछाया।
दरअसल, यह पूरा मामला गांव तनुली, जिला होशियारपुर के एक किसान से जुड़ा है, जो खेती-बाड़ी का काम करता है। शिकायतकर्ता ने अपने घर तक आने वाली बिजली की तारों का रूट बदलवाने के लिए PSPCL के दफ्तर में अर्जी दी थी। जब वह इस संबंध में आरोपी लाइनमैन बलवीर सिंह (फौजी) से मिला, तो आरोपी ने मीटर से उसके घर तक आने वाली बिजली की तारों का रास्ता बदलने की एवज में 5000 रुपये रिश्वत की मांग की। यह रकम किसान के लिए किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं थी, क्योंकि तारों का रूट न बदलने से उसके खेत और घर तक बिजली पहुंचाने में दिक्कत हो रही थी।
शिकायतकर्ता ने ऐसे लगाई फंदा
हिम्मत जुटाकर किसान ने यह मामला पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के पास उठाने का फैसला किया। लेकिन उसने सबूत के तौर पर आरोपी लाइनमैन द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पूरी बातचीत को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया था। यह रिकॉर्डिंग ही वह अहम सबूत बनी, जिसके आधार पर विजिलेंस ब्यूरो ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिकायत की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी। शिकायतकर्ता की मानें तो आरोपी ने तारों का रूट बदलने के लिए पैसे की मांग करते हुए उसे डराने-धमकाने की भी कोशिश की थी।
विजिलेंस ने ऐसे रचा जाल
शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने एक योजना के तहत जाल बिछाया। विजिलेंस की टीम ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी लाइनमैन बलवीर सिंह (फौजी) को शिकायतकर्ता से 5000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा। इस दौरान मौके पर मौजूद गवाहों ने आरोपी के खिलाफ अपने बयान दर्ज कराए और पूरी कार्रवाई को कैमरे में भी कैद किया गया।
यह कार्रवाई न सिर्फ भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि आम आदमी को यह संदेश भी देती है कि अगर वह भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता है और सही सबूत जुटाता है, तो प्रशासन उसके साथ है। विजिलेंस ब्यूरो ने इस मामले में जिस तत्परता से काम किया है, उससे आम लोगों में विश्वास बढ़ा है कि वे बिना किसी डर के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
इस पूरे मामले में विजिलेंस ब्यूरो के पुलिस स्टेशन मोहाली में आरोपी बलवीर सिंह (फौजी) के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। प्रवक्ता के अनुसार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। अब जांच यह भी की जा रही है कि कहीं आरोपी पहले भी इस तरह की वसूली में शामिल तो नहीं रहा है या फिर विभाग के अन्य कर्मचारी भी इस पूरे खेल में शामिल तो नहीं हैं।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में चल रहे भ्रष्टाचार के धंधे का पर्दाफाश किया है, जहां छोटे-मोटे कर्मचारी भी आम जनता की मूलभूत सुविधाओं को बंधक बनाकर रिश्वत की मांग करते हैं। विजिलेंस ब्यूरो की इस कार्रवाई से प्रदेश के अन्य भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
जानें पूरा मामला
दरअसल, पंजाब विजिलेंस ब्यूरो को गांव तनुली निवासी एक किसान ने शिकायत दी थी कि PSPCL के लाइनमैन बलवीर सिंह (फौजी) उसके घर जाने वाली बिजली की तारों का रूट बदलने के एवज में 5000 रुपये रिश्वत मांग रहा है। किसान ने इसकी शिकायत विजिलेंस से की और सबूत के तौर पर आरोपी से हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई। इसके बाद विजिलेंस ने एक टीम गठित कर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने का ऑपरेशन चलाया और बुधवार को उसे 5000 रुपये लेते हुए धर दबोचा।
मुख्य बातें
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने PSPCL के लाइनमैन बलवीर सिंह (फौजी) को ₹5000 रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
आरोपी होशियारपुर के अटोवाल स्थित सब-डिविजनल ऑफिस में तैनात था और उसने बिजली तारों का रूट बदलने के एवज में रिश्वत मांगी थी।
शिकायतकर्ता किसान ने आरोपी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर ली थी, जो अहम सबूत बनी।
आरोपी के खिलाफ मोहाली पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।








