Punjab Urban Development: पंजाब सरकार ने शहरी बुनियादी ढांचे के विकास में बड़ी तेजी लाते हुए व्यापक सुधारों और पहलकदमियों की घोषणा की है। स्थानीय निकाय, उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन और बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने गुरुवार, 3 अप्रैल 2026 को चंडीगढ़ में बताया कि नगर निगमों और काउंसिलों में ₹1,300 करोड़ की लागत से 2,120 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जबकि हाउस टैक्स की वसूली रिकॉर्ड ₹600 करोड़ तक पहुंच गई है।
‘हाउस टैक्स वसूली में ₹100 करोड़ की बढ़ोतरी’
Punjab Urban Development के तहत सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए हाउस टैक्स की वसूली ₹600 करोड़ तक पहुंच गई, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 में ₹500 करोड़ थी। यानी सिर्फ एक साल में ₹100 करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
मंत्री संजीव अरोड़ा के अनुसार यह वृद्धि शहरी स्थानीय इकाइयों की बेहतर दक्षता, पारदर्शिता और अनुपालन को दर्शाती है। इसका मतलब यह है कि अब पंजाब के शहरी निकाय ज्यादा कुशलता से काम कर रहे हैं और टैक्स कलेक्शन में सुधार हुआ है, जिससे शहरी विकास के लिए ज्यादा फंड उपलब्ध हो रहा है।
‘₹1,300 करोड़ से 2,120 किलोमीटर सड़कें: मई 2026 तक पूरी होंगी’
Punjab Urban Development में सड़क निर्माण को लेकर बड़ी घोषणा की गई है। नगर निगमों और काउंसिलों में ₹1,300 करोड़ की लागत से 2,120 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इन सड़कों को मई 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके साथ ही मानसून से पहले सड़कों पर गड्ढों की पूरी तरह मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए नवीनतम तकनीक का उपयोग करते हुए स्थायी मरम्मत सुनिश्चित की जा रही है। पंजाब के शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह बड़ी राहत की खबर है क्योंकि बरसात से पहले सड़कों की हालत सुधारना उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को सीधे प्रभावित करता है।
‘OTS योजना फिर शुरू: संपत्ति मालिकों को 50% छूट’
Punjab Urban Development के तहत लोगों को राहत देने वाला एक और बड़ा कदम उठाया गया है। सुधार ट्रस्टों के लिए एकमुश्त निपटारा (OTS) योजना को 30 अप्रैल 2026 तक फिर से शुरू किया गया है। इसके तहत नॉन-कंस्ट्रक्शन फीस (NCF) पर लगभग 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
यह योजना उन संपत्ति मालिकों के लिए बड़ी वित्तीय राहत है जिनके ऊपर पुराने बकाया हैं। 50% छूट मिलने से वे कम पैसों में अपनी सभी देनदारियां चुकता कर सकेंगे। हालांकि यह योजना 30 अप्रैल तक ही उपलब्ध है, इसलिए पात्र संपत्ति मालिकों को जल्द से जल्द इसका लाभ उठाना चाहिए।
‘बिल्डिंग प्लान मंजूरी हुई आसान, सिंगल-विंडो सिस्टम शुरू’
Punjab Urban Development में व्यापार करने में आसानी (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने के लिए बिल्डिंग प्लान संबंधी मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। अब फाइलें दो बार की बजाय केवल एक बार कमिश्नर के पास जमा कराई जाएंगी, जिससे प्रक्रिया का समय काफी कम हो जाएगा।
इसके अलावा STP (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) मंजूरियां अब केवल आधे एकड़ और उससे अधिक क्षेत्र वाले प्लॉटों के लिए आवश्यक होंगी, जबकि पहले यह मंजूरी 500 वर्ग गज तक के प्लॉटों के लिए भी जरूरी थी। छोटे प्लॉट मालिकों और बिल्डरों के लिए यह बड़ी राहत है।
मंजूरियों में और तेजी लाने के लिए जिला और मुख्य कार्यालय स्तर पर एक सिंगल-विंडो कमेटी सिस्टम शुरू किया गया है। इस सिस्टम के तहत सभी संबंधित अधिकारी एक साथ बैठकर मंजूरियां देंगे, जिससे कई दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत खत्म हो जाएगी।
‘₹131 करोड़ से फायर सर्विसेज का आधुनिकीकरण, 13 नए फायर स्टेशन’
Punjab Urban Development के तहत इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत करने पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। सरकार ₹131 करोड़ के निवेश से फायर सर्विसेज का आधुनिकीकरण कर रही है। इसमें उन्नत फायर टेंडरों की खरीद और पूरे राज्य में 13 नए फायर स्टेशनों की स्थापना शामिल है।
यह कदम पंजाब के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आग लगने जैसी आपात स्थितियों में तेजी से प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए बेहद अहम है। नए फायर स्टेशनों और आधुनिक उपकरणों से रिस्पॉन्स टाइम कम होगा और जान-माल की ज्यादा सुरक्षा हो सकेगी।
‘मानसून से पहले सीवरेज सफाई, ₹1,150 करोड़ के प्रोजेक्ट’
Punjab Urban Development में सीवरेज और जल प्रबंधन पर भी बड़ा निवेश किया जा रहा है। पूर्ण सीवरेज नेटवर्क की सफाई को प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है और मानसून की शुरुआत से पहले इसे पूरा कर लिया जाएगा। 9 विशेष वेंडरों के माध्यम से सुपर सक्शन मशीनें तैनात की जा रही हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पूरे राज्य में ₹450 करोड़ के सीवरेज प्रोजेक्ट पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं। इसके अलावा चालू तिमाही में ₹700 करोड़ के और प्रोजेक्ट आवंटित किए जाएंगे।
जल प्रबंधन पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में सतही जल परियोजनाओं के लिए ₹700 करोड़ के काम आवंटित किए गए हैं, जिसका उद्देश्य भूजल संरक्षण और साफ पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसके अलावा चालू तिमाही में लगभग ₹800 करोड़ के 30 वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी आवंटित किए जाएंगे।
‘पंजाब शहरी परिवर्तन के नए चरण का साक्षी बन रहा है’
Punjab Urban Development पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा: “पंजाब शहरी परिवर्तन के नए चरण का साक्षी बन रहा है। बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास से लेकर मंजूरियों को सरल बनाने और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने तक हर पहल हमारे नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं, तेज सेवाएं और जीवन की उच्च गुणवत्ता प्रदान करने पर केंद्रित है।”
कुल मिलाकर पंजाब सरकार ने शहरी विकास पर हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया है। सड़कों से लेकर सीवरेज, पानी की सप्लाई, फायर सर्विसेज और बिल्डिंग मंजूरी तक हर क्षेत्र में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। अब देखना होगा कि ये घोषणाएं तय समय-सीमा में जमीन पर कैसे उतरती हैं और आम नागरिकों को इसका कितना फायदा मिलता है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- Punjab Urban Development: ₹1,300 करोड़ से 2,120 किमी सड़कों का निर्माण, मई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य।
- हाउस टैक्स वसूली ₹500 करोड़ से बढ़कर रिकॉर्ड ₹600 करोड़ हुई, OTS योजना में NCF पर 50% छूट 30 अप्रैल तक।
- ₹131 करोड़ से फायर सर्विसेज का आधुनिकीकरण, 13 नए फायर स्टेशन बनेंगे।
- सीवरेज और जल प्रबंधन पर ₹2,650 करोड़ से ज्यादा का निवेश, 30 नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट आवंटित होंगे।













