Punjab SIR Voter List Revision : विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पंजाब में भी मतदाता सूचियों का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कराया जाएगा। SIR का काम इसी साल फरवरी-मार्च में शुरू होगा। पंजाब के चीफ इलेक्टोरल अफसर (CEO) ने भी SIR से पहले की तैयारियां शुरू कर दी है। इस बारे में राष्ट्रीय चुनाव आयोग (ECI) ने एक दिन पहले सभी राज्यों से वर्चुअल मीटिंग में पंजाब में SIR फरवरी-मार्च में शुरू करने की बात कही।
CEO ने दिए मतदाता सूचियों को ठीक करने के आदेश
केंद्रीय चुनाव आयोग की हिदायत के बाद CEO पंजाब ने मतदाता सूचियों की गड़बड़ी को ठीक करने के आदेश दे दिए हैं।
इससे पहले 12 राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों में SIR का पहला फेज कंप्लीट हो चुका है। जिसमें 6.59 करोड़ वोटरों के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट गए हैं।
यह आंकड़ा बताता है कि मतदाता सूचियों में कितनी बड़ी गड़बड़ी थी। डुप्लीकेट, फर्जी और मृत मतदाताओं के नाम हटाकर चुनाव आयोग सूचियों को दुरुस्त कर रहा है।
SIR के लिए CEO ने दी 2 बड़ी हिदायतें
इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट सुधारें: CEO पंजाब ने जिला चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन पोलिंग बूथों पर इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट 50 फीसदी से कम है, उनकी मतदाता सूचियों की गलतियों को ठीक करवाएं और उनका मैपिंग परसेंट सुधारें।
SIR शुरू होने से पहले मतदाता सूचियों को ज्यादा से ज्यादा करेक्ट करवा दें।
BLO को 5 दिन का टाइम: BLO आज यानी 30 जनवरी से 3 फरवरी तक मतदाता सूचियों की गलतियों को ठीक करेंगे। इसके लिए उन्हें पांच दिन के लिए उनके डिपार्टमेंट से रिलीव कर दिया गया है।
इन पांच दिनों में बीएलओ उन गलतियों को ठीक करेंगे जो उन्होंने रंगीन मतदाता सूची बनाते समय की थी।
फोटो और नाम में गलतियां ठीक होंगी
BLO ने कुछ मतदाताओं की ब्लैक एंड वाइट फोटो लगाई तो कुछ की फोटो सूचियों में ब्लर हैं। इसके अलावा कुछ फोटो तिरछी लगी हैं।
नाम व अन्य जानकारियां भरते समय टाइपिकल गलतियां हैं। बीएलओ को इन पांच दिनों में ये सभी गलतियां दूर करनी हैं।
BLO अब घर-घर जाकर वोटर लिस्टों को ठीक करेंगे। यह काम चुनाव से पहले मतदाता सूचियों को पूरी तरह सही करने के लिए जरूरी है।
इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट क्या होता है?
इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट से पता चलता है कि किसी क्षेत्र की मतदाता सूची में से कितने मतदाताओं का विवरण सही तरीके से वैरिफाइड और डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जा चुका है।
इसमें मतदाता का नाम, पता, उम्र, फोटो और संबंधित मतदान केंद्र की सही मैपिंग शामिल होती है।
यह प्रतिशत जितना अधिक होता है, मतदाता सूची उतनी ही ठीक और भरोसेमंद मानी जाती है। कम इलेक्टोरल मैपिंग प्रतिशत का अर्थ है कि सूची में गलतियां मौजूद हैं।
इसी कारण चुनाव आयोग समय-समय पर SIR करवाकर मतदाता सूचियों को सुधारता है।
मैपिंग परसेंट बढ़ाने पर फोकस
लुधियाना के अतिरिक्त जिला चुनाव अफसर व ADC राकेश कुमार ने कहा कि SIR का उद्देश्य नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ना, मृत या ट्रांसफर हो चुके मतदाताओं के नाम हटाना और डुप्लीकेट एंट्री को साफ करना है।
अभी मैपिंग परसेंट बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों में जो टाइपिंग की गलतियां हैं या फिर फोटो सही नहीं लगे हैं, उनको ठीक किया जा रहा है।
12 राज्यों में SIR हुआ, वोटर्स की ड्राफ्ट लिस्ट में 13% वोटर घटे
12 राज्यों में SIR का पहला फेज खत्म हो गया। वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के लिए 28 अक्टूबर, 2025 से शुरू हुई मुहिम 2 महीने 11 दिन चली।
SIR से पहले इन राज्यों में 50.97 करोड़ मतदाता थे। वैरिफिकेशन के बाद 44.38 करोड़ रह गए।
करीब 6.59 करोड़ मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट गए हैं। यह 12 राज्यों के कुल मतदाताओं का 12.93% है, यानी हर 100 वोटर्स पर करीब 13 नाम कट गए।
हालांकि ये फाइनल लिस्ट नहीं है। जिन लोगों के नाम कटे हैं, वे दावे-आपत्तियां कर सकते हैं। फॉर्म 6 या 7 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं।
राजस्थान में 41.85 लाख वोटरों के नाम कटे
राजस्थान में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 41.85 लाख वोटर्स के नाम काटे गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 5.48 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 5.06 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया।
काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 7.6 है, यानी हर 100 में से लगभग 8 वोटर्स का नाम हटाया गया है।
हालांकि, 41.85 लाख वोटर्स में से 8.75 लाख मृत पाए गए, 3.44 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, तो वहीं 29.6 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे।
उत्तर प्रदेश में 2.89 करोड़ वोटरों के नाम कटे
उत्तर प्रदेश में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 2.89 करोड़ नाम कट गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 15.44 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 12.55 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया।
काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 18.72 है, यानी हर 100 में से लगभग 19 वोटर्स का नाम हटाया गया है।
2.89 करोड़ वोटर्स में से 46.23 लाख मृत पाए गए, 25.47 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, तो वहीं 2.17 करोड़ वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे।
मध्य प्रदेश में 42.74 लाख नाम कटे
मध्य प्रदेश में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 42.74 लाख नाम कट गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 5.74 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 5.31 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया।
काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 7.44 है, यानी हर 100 में से लगभग 7 वोटर्स का नाम हटाया गया है।
42.74 लाख वोटर्स में से 8.46 लाख मृत पाए गए, 2.77 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, तो वहीं 31.51 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे।
पश्चिम बंगाल में 58.20 लाख वोटरों के नाम कटे
पश्चिम बंगाल में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 58.20 लाख नाम कट गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 7.66 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 7.08 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया।
काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 7.6 है, यानी हर 100 में से लगभग 8 वोटर्स का नाम हटाया गया है।
58.20 लाख वोटर्स में से 24.17 लाख मृत पाए गए, 1.38 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, तो वहीं 32.65 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे।
गुजरात में 73.73 लाख वोटरों के नाम कटे
गुजरात में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 73.73 लाख नाम कट गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 5.08 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 4.34 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया।
काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 14.52 है, यानी हर 100 में से लगभग 15 वोटर्स का नाम हटाया गया है।
73.73 लाख वोटर्स में से 18.07 लाख मृत पाए गए, 3.81 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, तो वहीं 51.85 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे।
तमिलनाडु में 97 लाख वोटरों के नाम कटे
तमिलनाडु में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 97 लाख नाम कट गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 6.41 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 5.44 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया।
काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 15.13 है, यानी हर 100 में से लगभग 15 वोटर्स का नाम हटाया गया है।
97 लाख वोटर्स में से 26.95 लाख मृत पाए गए, 3.34 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, तो वहीं 66.7 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे।
छह राज्यों में लगभग 55 लाख नाम कटे
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अन्य 6 राज्यों में भी बड़ी संख्या में नाम काटे गए हैं।
छत्तीसगढ़ में 2.12 करोड़ में से 27.34 लाख (12.9%) नाम कटे, अब 1.85 करोड़ वोटर हैं।
केरल में 2.78 करोड़ में से 24.08 लाख (8.66%) नाम हटे, ड्राफ्ट में 2.54 करोड़ वोटर बचे।
गोवा में 11.85 लाख वोटरों में से 1.01 लाख यानी 8.52% नाम कटे। अब वोटर 10.84 लाख रह गए।
पुडुचेरी और लक्षद्वीप में भी हुआ SIR
पुडुचेरी में 10.21 लाख में से 1.03 लाख यानी 10.09% नाम हटे, अब 9.18 लाख वोटर बचे।
लक्षद्वीप में असर कम रहा। 58 हजार में से 1.6 हजार नाम कटे (2.79%), अब 56.4 हजार वोटर हैं।
अंडमान-निकोबार में 3.10 लाख में से 64 हजार नाम हटे (8.66%), अब 2.46 लाख वोटर रह गए।
SIR क्या है और क्यों जरूरी है?
बिहार के बाद देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR 28 अक्टूबर से शुरू हुआ है। इस प्रोसेस में वोटर लिस्ट का अपडेशन होगा।
नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे और वोटर लिस्ट में सामने आने वाली गलतियों को सुधारा जाएगा।
मतदाता सूचियों में मृत लोगों के नाम, डुप्लीकेट एंट्री, फर्जी वोटर और दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके लोगों के नाम हटाए जाते हैं।
यह प्रक्रिया चुनावों को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए बेहद जरूरी है।
ड्राफ्ट सूची में नाम कैसे चेक करें?
आप अपना नाम 3 तरीके से चेक कर सकते हैं। पहला – बूथ लेवल ऑफिसर के पास उपलब्ध मतदाता सूची से, ECINET मोबाइल ऐप से और voters.eci.gov.in के जरिए।
चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाएं। राज्य और जिला चुनें। इसके बाद अपना विधानसभा क्षेत्र सेलेक्ट करें।
अपना बूथ सेलेक्ट करें और ड्राफ्ट सूची डाउनलोड कर लें।
नाम न हो तो क्या करें?
आप फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। नए मतदाताओं को भी फॉर्म-6 भरना होगा।
विदेश में रहते हैं और नाम जुड़वाना चाहते हैं तो फॉर्म 6A भरना होगा। अगर नाम हटवाना है तो फॉर्म 7 भरना होगा।
निवास बदलना है या सुधार करवाना है तो फॉर्म 8 भरना होगा। हां, ऑनलाइन भी फॉर्म भर सकते हैं।
आवेदन पत्र कहां से मिलेंगे?
बूथ लेवल अधिकारी, तहसील में मतदाता पंजीकरण केंद्र (VRC) या वेबसाइट http://voters.eci.gov.in से मिलेंगे।
फॉर्म भरकर बूथ लेवल अधिकारी, तहसील में VRC पर जमा कर सकते हैं। इसके अलावा ECINET मोबाइल ऐप या http://voters.eci.gov.in के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
पहली बार वोट डालने वालों के लिए
ऐसे युवा जो 1 जनवरी 2026 को 18 साल के हुए हैं, उन्हें फॉर्म 6 भरकर जमा करना होगा। जांच के बाद नाम जोड़े जाएंगे।
फॉर्म भरने और दावा-आपत्ति के बाद जांच की जाएगी। सभी राज्यों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी इसे जांचेंगे।
ड्राफ्ट सूची के नाम भी कट सकते हैं
अगर कोई आपत्ति करता है तो संबंधित वोटर को नोटिस जारी किया जाएगा। जवाब नहीं मिलने पर बीएलओ क्रॉस चेक करेगा।
आपत्ति सही पाई गई तो नाम अंतिम सूची से काट दिया जाएगा।
इसलिए अगर आपका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में है तो भी सतर्क रहें और किसी भी नोटिस का तुरंत जवाब दें।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब में फरवरी-मार्च 2026 से SIR शुरू होगा
- CEO ने BLO को 5 दिन में गलतियां ठीक करने के आदेश दिए
- 12 राज्यों में 6.59 करोड़ वोटरों के नाम ड्राफ्ट लिस्ट से कटे
- हर 100 में से 13 नाम हटाए गए (12.93%)
- उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 2.89 करोड़ नाम कटे
- इलेक्टोरल मैपिंग परसेंट 50% से ऊपर लाना है लक्ष्य
- फॉर्म 6, 7, 8 भरकर दावे-आपत्तियां कर सकते हैं








