Punjab Sacrilege Bill को लेकर पंजाब की राजनीति में आज एक बड़ा कदम उठाया गया है। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने रविवार 13 अप्रैल 2026 को चंडीगढ़ में ऐलान किया कि भगवंत सिंह मान सरकार बेअदबी की घटनाओं को रोकने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने के लिए एक नया और सख्त विधेयक पेश करने जा रही है। यह विधेयक आज ही विधानसभा के विशेष सत्र में पेश किया जाएगा।
बैसाखी पर गुरुद्वारा श्री अंब साहिब में टेका माथा
विशेष सत्र की शुरुआत से पहले स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने मोहाली स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री अंब साहिब में माथा टेका और अरदास की। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बैसाखी के पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं। संधवां ने याद दिलाया कि बैसाखी का दिन सिख इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दिन दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की थी और पंच प्यारों की रचना की थी। उन्होंने कहा कि खालसा पंथ की स्थापना ने सिखों को एक विशिष्ट पहचान दी, जो ‘सरबत दा भला’ यानी सबके कल्याण के सिद्धांत पर आधारित है।
Punjab Sacrilege Bill: बेअदबी पर 10 साल से उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान
स्पीकर संधवां ने साफ शब्दों में कहा कि पंजाब में बेअदबी की घटनाओं ने सिख संगत के मन में गहरा दुख और आक्रोश पैदा किया है। पिछले कई वर्षों से इन घटनाओं ने पंजाब की शांति को बार-बार भंग किया है और इसीलिए अब इस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई जरूरी हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार ने इसके लिए ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतकार (संशोधन) विधेयक, 2026’ तैयार किया है। इस विधेयक में बेअदबी के दोषियों को 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और 5 लाख से 25 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।
साजिशकर्ताओं पर भी होगी कार्रवाई
इस Punjab Sacrilege Bill की सबसे अहम बात यह है कि इसमें सिर्फ बेअदबी करने वालों को ही नहीं, बल्कि इसके पीछे साजिश रचने वाले मास्टरमाइंड को भी कठघरे में खड़ा करने का प्रावधान है। कई बार मानसिक रूप से कमजोर व्यक्तियों का इस्तेमाल करके बेअदबी कराई जाती है, ऐसे मामलों में पर्दे के पीछे बैठे असली अपराधियों को भी बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही इन मामलों की जांच कम से कम DSP रैंक के अधिकारी करेंगे और दोषी पाए जाने पर संपत्ति जब्त करने का रास्ता भी साफ किया गया है।
बहबल कलां और बरगाड़ी कांड: जांच लगभग पूरी
स्पीकर ने बहबल कलां और बरगाड़ी बेअदबी मामलों के बारे में अहम जानकारी देते हुए बताया कि लगभग सभी मामलों की जांच पूरी हो चुकी है। एक मामले को छोड़कर बाकी सभी में पुलिस ने चालान अदालत में पेश कर दिए हैं और मामले अब न्यायालय में विचाराधीन हैं। इसका मतलब है कि कानूनी प्रक्रिया अपनी गति से आगे बढ़ रही है और दोषियों को सजा दिलाना सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है।
SGPC की आपत्तियों पर संधवां का करारा जवाब
जब पत्रकारों ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) द्वारा उठाई गई आपत्तियों के बारे में पूछा, तो स्पीकर ने बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास अतीत में इन मुद्दों को सुलझाने का पर्याप्त अवसर था और उन्होंने कुछ नहीं किया, उन्हें अब मौजूदा सरकार के प्रयासों में बाधा डालने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। यह बात साफ इशारा थी कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में बेअदबी के मामलों को ठंडे बस्ते में डाला गया और पीड़ित संगत को न्याय नहीं मिल सका।
सभी दलों से एकजुटता की अपील
स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने पंजाब विधानसभा के सभी सदस्यों से अपील की कि वे पार्टी लाइन से ऊपर उठकर इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करें। उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता, पंजाब की शांति और आपसी भाईचारे से जुड़ा सवाल है। ऐसे में हर विधायक की जिम्मेदारी बनती है कि वह इस कानून के पक्ष में खड़ा हो।
पंजाब की राजनीति में क्यों अहम है यह कदम
पंजाब में बेअदबी का मुद्दा पिछले एक दशक से राजनीतिक गलियारों में सबसे संवेदनशील विषय बना हुआ है। 2015 में बरगाड़ी और बहबल कलां की घटनाओं ने पूरे पंजाब को झकझोर दिया था और इन मामलों ने बाद के चुनावों की दिशा तक बदल दी। आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले बेअदबी के दोषियों को सजा दिलाने का वादा किया था और अब यह विधेयक उसी दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। पंजाब कैबिनेट ने 11 अप्रैल 2026 को ही इस विधेयक को मंजूरी दे दी थी और बैसाखी के ऐतिहासिक दिन इसे विधानसभा में पेश करना सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
आम पंजाबी पर क्या होगा असर
अगर यह विधेयक पारित हो जाता है तो पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी करने वालों के खिलाफ देश का सबसे सख्त कानून लागू हो जाएगा। इससे न केवल ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी बल्कि आम सिख संगत में न्याय मिलने का भरोसा भी मजबूत होगा। सबसे बड़ी बात यह है कि यह कानून राज्य स्तर का है, इसलिए सरकार का कहना है कि इसके लिए राष्ट्रपति की स्वीकृति की जरूरत नहीं होगी और इसे तेजी से लागू किया जा सकेगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब सरकार ने ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतकार (संशोधन) विधेयक, 2026’ विधानसभा के विशेष सत्र में पेश किया
- बेअदबी के दोषियों को 10 साल से उम्रकैद और ₹5 लाख से ₹25 लाख जुर्माने का प्रावधान
- साजिशकर्ताओं और मास्टरमाइंड पर भी होगी कार्रवाई, DSP रैंक के अधिकारी करेंगे जांच
- बहबल कलां और बरगाड़ी मामलों की जांच लगभग पूरी, चालान अदालत में पेश
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न













