Street Food Health: मोमो, पनीर टिक्का, सोया चाप, गोलगप्पे और भेलपुरी – ये पांचों ही बेहद लोकप्रिय स्ट्रीट फूड हैं। आमतौर पर स्ट्रीट फूड को अनहेल्दी माना जाता है। इसीलिए हेल्थ कॉन्शियस लोग इन्हें खाने से बचते हैं। लेकिन क्या सच में सभी स्ट्रीट फूड अनहेल्दी होते हैं? या फिर इनमें से कोई हेल्दी भी है?
यह हमने पूछा KIMS हॉस्पिटल, ठाणे में चीफ डाइटिशियन अमरीन शेख से। उन्होंने विस्तार से बताया कि कौन सा स्ट्रीट फूड हेल्दी है, क्यों हेल्दी है और किन सावधानियों के साथ खाना चाहिए। आइए जानते हैं स्ट्रीट फूड के बारे में पूरी सच्चाई।
पनीर टिक्का – सबसे हेल्दी विकल्प
Paneer Tikka इन सभी स्ट्रीट फूड में सबसे हेल्दी माना जा सकता है। डाइटिशियन अमरीन शेख बताती हैं कि पनीर टिक्का हेल्दी होने के कई कारण हैं। सबसे पहली बात – इसमें प्रोटीन भरपूर होता है।
पनीर प्रोटीन का अच्छा स्रोत है जो मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत के लिए जरूरी है। दूसरी बात – पनीर टिक्का को आमतौर पर ग्रिल किया जाता है या तंदूर में पकाया जाता है। इससे इसमें तेल का इस्तेमाल बहुत कम होता है।
तीसरी बात – इसमें मसालों का इस्तेमाल होता है लेकिन वे ज्यादातर प्राकृतिक और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। जैसे हल्दी, जीरा, धनिया। चौथी बात – इसमें सब्जियां भी होती हैं जैसे शिमला मिर्च, प्याज और टमाटर।
हालांकि ध्यान रखें कि पनीर टिक्का तभी हेल्दी है जब वह बहुत ज्यादा तेल में न बना हो। कुछ जगहों पर लोग इसे डीप फ्राई कर देते हैं या फिर बहुत ज्यादा बटर डाल देते हैं। ऐसे पनीर टिक्का से बचना चाहिए।
भेलपुरी – सही तरीके से बनी हो तो अच्छा ऑप्शन
Bhel Puri भी एक अच्छा ऑप्शन है – बशर्ते कुछ बातों का ध्यान रखा जाए। भेलपुरी में मुरमुरे होते हैं जो हल्के और कम कैलोरी वाले होते हैं। इसमें सब्जियां होती हैं जैसे टमाटर, प्याज, आलू।
भेलपुरी में फाइबर भी होता है जो पाचन के लिए अच्छा है। लेकिन भेलपुरी तभी हेल्दी है जब उसमें सेव कम, चटनी कम और नमक कम डाला जाए। अगर बहुत ज्यादा सेव डाल दिया तो कैलोरी बढ़ जाएगी।
अगर मीठी चटनी ज्यादा डाल दी तो शुगर का लेवल बढ़ जाएगा। अगर नमक ज्यादा डाल दिया तो सोडियम बढ़ जाएगा जो ब्लड प्रेशर के लिए खराब है। इसलिए भेलपुरी बनवाते समय कहें कि कम सेव, कम चटनी और कम नमक डालें।
साथ ही यह भी देखें कि सब्जियां ताजी हों। पुरानी या बासी सब्जियां पेट खराब कर सकती हैं। भेलपुरी में स्प्राउट्स डलवा लें तो और भी हेल्दी हो जाती है।
स्टीम्ड मोमोज – सीमित मात्रा में ठीक
Momos अगर स्टीम्ड हैं यानी भाप में बनकर तैयार हुए हैं तो इन्हें सीमित मात्रा में खाया जा सकता है। फ्राइड मोमोज बिल्कुल अनहेल्दी होते हैं क्योंकि उनमें बहुत ज्यादा तेल होता है।
स्टीम्ड मोमोज में अगर वेजिटेबल स्टफिंग है तो वह बेहतर है। अगर चिकन या पनीर की स्टफिंग है तो कुछ प्रोटीन भी मिल जाता है। लेकिन मोमोज की बाहरी परत मैदे की बनी होती है जो रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट है।
मैदा पाचन के लिए अच्छा नहीं होता और ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है। साथ ही मोमोज के साथ जो चटनी दी जाती है, वह अक्सर बहुत तीखी और मसालेदार होती है। इससे एसिडिटी हो सकती है।
इसलिए मोमोज खाएं तो हफ्ते में एक बार से ज्यादा नहीं। और स्टीम्ड ही चुनें, फ्राइड से बचें।
सोया चाप और गोलगप्पे – कम हेल्दी
Soya Chaap और Golgappa इन सभी में सबसे कम हेल्दी ऑप्शन हैं। सोया चाप में सोया प्रोटीन जरूर होता है लेकिन इसे बनाने के तरीके में दिक्कत है। इसे आमतौर पर बहुत ज्यादा तेल और मसालों में पकाया जाता है।
कई जगहों पर इसे डीप फ्राई कर देते हैं। फिर ऊपर से क्रीमी ग्रेवी डाल देते हैं। इससे इसकी कैलोरी और फैट बहुत बढ़ जाती है। साथ ही बहुत तीखा मसाला डाला जाता है जो पेट के लिए अच्छा नहीं होता।
गोलगप्पे भी अनहेल्दी होते हैं। पहली बात – पूरी मैदे की बनी होती है। दूसरी बात – इसे तलकर बनाया जाता है। तीसरी बात – अंदर का पानी अक्सर खट्टा और बहुत मसालेदार होता है। चौथी बात – गोलगप्पे में जो आलू भरा जाता है वह भी तला हुआ होता है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि गोलगप्पे के पानी में अक्सर साफ-सफाई की कमी होती है। यह पानी कई घंटे खुला रखा जाता है जिससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। पेट खराब होने की सबसे ज्यादा शिकायत गोलगप्पे से ही आती है।
स्ट्रीट फूड की हेल्थ पर निर्भरता
Street Food कितना हेल्दी होगा, यह दो मुख्य चीजों पर निर्भर करता है। पहला – उसकी स्टफिंग यानी उसमें क्या-क्या डाला गया है। अगर ताजी सब्जियां, कम तेल, कम मसाला और गुणवत्ता वाली सामग्री इस्तेमाल की गई है तो वह हेल्दी हो सकता है।
दूसरा – उसे बनाने की जगह कितनी साफ-सुथरी है। अगर स्ट्रीट वेंडर साफ-सफाई का ध्यान नहीं रख रहा, हाथ नहीं धो रहा, बर्तन गंदे हैं, खुले में बना रहा है तो वह फूड चाहे कितना भी पौष्टिक हो, अनहेल्दी हो जाएगा।
गंदगी से बने फूड से फूड पॉइजनिंग, पेट में इंफेक्शन, डायरिया, टाइफाइड जैसी बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए हमेशा वही स्ट्रीट फूड खाएं जो साफ-सफाई के साथ तैयार किया गया हो।
जिस स्टॉल पर भीड़ ज्यादा हो, वहां फूड जल्दी खत्म होता है और ताजा बनता है। वैसे स्टॉल ज्यादा सुरक्षित होते हैं।
कितनी बार खाना चाहिए स्ट्रीट फूड?
Dietitian Amreen Sheikh साफ कहती हैं कि स्ट्रीट फूड रोज नहीं खानी चाहिए। इन्हें महीने में एकाध बार खाना ही काफी है। यह occasional treat की तरह होना चाहिए, रेगुलर डाइट का हिस्सा नहीं।
लेकिन अगर आप हर हफ्ते स्ट्रीट फूड खाते हैं तो जान लें कि इससे हाजमे से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। जैसे गैस, एसिडिटी, अपच और पेट में इंफेक्शन। इसके अलावा ज्यादा तेल-मसाले वाले स्ट्रीट फूड वजन और बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकते हैं।
बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल से दिल की बीमारियां होने का रिस्क बढ़ जाता है। धमनियों में ब्लॉकेज हो सकता है। ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। लिवर पर भी बुरा असर पड़ता है।
इसलिए स्ट्रीट फूड का मजा लें लेकिन सीमित मात्रा में और बहुत सोच-समझकर। हफ्ते में एक बार से ज्यादा न खाएं। और जब भी खाएं तो हेल्दी ऑप्शन ही चुनें।
स्ट्रीट फूड खाते समय ये सावधानियां बरतें
Street Food खाते समय कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए। पहली बात – हमेशा भीड़ वाली जगह से खाएं। जहां ज्यादा लोग खा रहे हैं, वहां फूड जल्दी बिकता है और ताजा बनता है।
दूसरी बात – देखें कि वेंडर साफ-सुथरे कपड़े पहने हुए है या नहीं। उसके हाथ साफ हैं या नहीं। बर्तन धुले हुए हैं या नहीं। तीसरी बात – खुले में रखे फूड से बचें। जो फूड ढककर रखा गया है वह ज्यादा सुरक्षित होता है।
चौथी बात – कच्ची सब्जियां अगर डाली जा रही हैं तो देखें कि वे धुली हुई हैं या नहीं। पांचवी बात – पानी अगर पीना है तो बोतलबंद पानी ही पिएं। स्ट्रीट वेंडर का नल का पानी न पिएं।
छठी बात – अत्यधिक मसालेदार और तीखा फूड से बचें। यह पेट के लिए खराब है। सातवीं बात – ऑयली और फ्राइड फूड से दूर रहें। ग्रिल्ड या स्टीम्ड ऑप्शन चुनें।
होममेड स्ट्रीट फूड – सबसे सुरक्षित
सबसे बेहतर है कि आप घर पर ही अपनी पसंदीदा स्ट्रीट फूड बनाएं। घर पर बनाने के कई फायदे हैं। पहला – आप साफ-सफाई का पूरा ध्यान रख सकते हैं। दूसरा – आप गुणवत्ता वाली सामग्री इस्तेमाल कर सकते हैं।
तीसरा – आप तेल, मसाले और नमक की मात्रा कंट्रोल कर सकते हैं। चौथा – आप हेल्दी विकल्प चुन सकते हैं। जैसे मैदे की जगह आटा या मल्टीग्रेन आटा। डीप फ्राई की जगह एयर फ्राई या ग्रिल।
घर पर पनीर टिक्का, भेलपुरी, स्टीम्ड मोमोज आसानी से बनाए जा सकते हैं। यूट्यूब पर कई रेसिपी उपलब्ध हैं। हेल्दी होममेड स्ट्रीट फूड का मजा लें और स्वास्थ्य भी बनाए रखें।
मुख्य बातें (Key Points):
• पनीर टिक्का सबसे हेल्दी स्ट्रीट फूड – प्रोटीन भरपूर और ग्रिल्ड
• भेलपुरी अच्छा ऑप्शन अगर कम सेव, कम चटनी और कम नमक के साथ
• सोया चाप और गोलगप्पे कम हेल्दी – ज्यादा तेल और साफ-सफाई की कमी
• स्ट्रीट फूड महीने में एकाध बार, हमेशा साफ जगह से और सोच-समझकर
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