बुधवार, 18 मार्च 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Punjab Rajasthan Water Dispute: राजस्थान पर ₹1.44 लाख करोड़ का दावा, CM भगवंत मान बोले पानी का पैसा दो या लेना बंद करो

Punjab Rajasthan Water Dispute: राजस्थान पर ₹1.44 लाख करोड़ का दावा, CM भगवंत मान बोले पानी का पैसा दो या लेना बंद करो

1920 के समझौते के तहत राजस्थान ले रहा 18,000 क्यूसेक पानी, 1960 से एक पैसा नहीं दिया, पिछली सरकारों ने कभी नहीं उठाया मुद्दा, केंद्र और राजस्थान दोनों को लिखा पत्र

The News Air Team by The News Air Team
बुधवार, 18 मार्च 2026
A A
0
Punjab Rajasthan Water Dispute
104
SHARES
691
VIEWS
ShareShareShareShareShare
Google News
WhatsApp
Telegram

Punjab Rajasthan Water Dispute में एक बड़ा मोड़ आ गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि पंजाब सरकार राजस्थान सरकार से दशकों से बकाया पानी के ₹1.44 लाख करोड़ वसूल करेगी। मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने साफ कहा, “राजस्थान सरकार पर पंजाब का ₹1.44 लाख करोड़ बकाया है। 1960 से फिरोजपुर फीडर के जरिए पानी लिया जा रहा है और एक पैसा भी नहीं दिया गया। राजस्थान को या तो पंजाब का बकाया चुकाना होगा या पानी लेना बंद करना होगा।” भगवंत मान ने 1920 में बीकानेर रियासत, तत्कालीन पंजाब और ब्रिटिश सरकार के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते का हवाला देते हुए कहा कि इस समझौते में हर 25 साल में समीक्षा का प्रावधान था, लेकिन पिछली सरकारों ने कभी यह मुद्दा नहीं उठाया। पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार और राजस्थान सरकार दोनों को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर बैठक की मांग की है।

₹1.44 लाख करोड़ का हिसाब: 1960 से 2026 तक का बकाया

Punjab Rajasthan Water Dispute में सबसे बड़ा सवाल यह है कि ₹1.44 लाख करोड़ का आंकड़ा कहां से आया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसकी विस्तृत पृष्ठभूमि बताई।

उन्होंने कहा कि 1920 के दशक में ब्रिटिश शासन के दौरान बीकानेर रियासत, तत्कालीन पंजाब और ब्रिटिश सरकार के बीच एक समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत पंजाब से राजस्थान (तब बीकानेर) को 18,000 क्यूसेक पानी की आपूर्ति की जानी थी और बदले में राजस्थान को प्रति एकड़ के आधार पर भुगतान करना था।

1960 तक राजस्थान ने इस समझौते के तहत नियमित भुगतान किया। लेकिन 1960 में सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) के बाद राजस्थान ने भुगतान बंद कर दिया, जबकि पानी लेना जारी रखा। अगर 1960 से 2026 तक के बकाए का हिसाब लगाया जाए तो यह राशि ₹1.44 लाख करोड़ बनती है।

राजस्थान का दोहरा रवैया: पानी 1920 के समझौते से, भुगतान से बचने के लिए 1960 का बहाना

Punjab Rajasthan Water Dispute में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजस्थान के दोहरे रवैये पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “आज भी राजस्थान 1920 के समझौते के तहत पानी लेता जा रहा है, लेकिन जब बकाया देने की बात आती है तो 1960 के समझौते की आड़ लेता है।”

भगवंत मान ने इस विरोधाभास को सामने रखते हुए कहा कि अगर राजस्थान 1960 के बाद की व्यवस्था को मानता है और उसके अनुसार भुगतान नहीं करना चाहता, तो फिर उसे 1920 के समझौते के तहत पानी लेना भी बंद करना चाहिए। “आप दोनों तरफ का फायदा नहीं उठा सकते: पानी भी लो और पैसे भी न दो।”

यह आरोप बेहद गंभीर है और राजस्थान सरकार को जवाब देना होगा कि आखिर वो 1920 के समझौते के तहत पानी लेने का अधिकार तो मानती है, लेकिन उसी समझौते के तहत भुगतान क्यों नहीं करती।

1960 में क्या हुआ: भुगतान का जिक्र हटा, लेकिन 1920 का समझौता रद्द नहीं हुआ

Punjab Rajasthan Water Dispute को समझने के लिए 1960 की व्यवस्था को समझना जरूरी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि 1960 में सिंधु जल संधि के बाद जब नई व्यवस्था बनाई गई, तो उसमें भुगतान का कोई जिक्र नहीं किया गया।

लेकिन सबसे अहम बात यह है कि 1920 के समझौते को भी रद्द नहीं किया गया। भगवंत मान ने कहा, “उस समय की सरकारों ने 1960 की नई व्यवस्था में भुगतान का जिक्र नहीं किया, लेकिन उन्होंने 1920 के समझौते को रद्द भी नहीं किया।”

यह भी पढे़ं 👇

HSRP Alert UP

HSRP Alert UP: बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अब PUC नहीं मिलेगा, ₹10,000 का चालान, 15 अप्रैल से लागू

बुधवार, 18 मार्च 2026
Sara Ali Khan Kedarnath

Sara Ali Khan Kedarnath: BKTC का बड़ा बयान, आस्था का एफिडेविट देंगी तभी मिलेगी एंट्री

बुधवार, 18 मार्च 2026
Iran Israel War

Iran Israel War: लारीजानी की हत्या के बाद ईरान का कहर, NATO में बड़ी टूट, ट्रंप बौखलाए

बुधवार, 18 मार्च 2026
Breaking News 18 March

Breaking News 18 March: लोकसभा रद्द, ईरान में तबाही, DGCA का बड़ा फैसला समेत 20 धमाकेदार खबरें

बुधवार, 18 मार्च 2026

यानी कानूनी दृष्टि से 1920 का समझौता अभी भी वैध है। राजस्थान उसी समझौते के तहत पानी ले रहा है, तो उसी के तहत भुगतान भी करना चाहिए। यह पंजाब सरकार का तर्क है और यह कानूनी रूप से मजबूत दिखता है।

पिछली सरकारों पर गंभीर सवाल: 25 साल में समीक्षा का प्रावधान था, किसी ने नहीं उठाया

Punjab Rajasthan Water Dispute में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब की पिछली सरकारों पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “1920 के समझौते में हर 25 साल में समीक्षा का प्रावधान था, लेकिन पिछली सरकारों ने कभी यह मुद्दा नहीं उठाया और न ही पंजाब के अधिकारों की पैरवी की।”

यह आरोप कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल दोनों पर है, जिन्होंने दशकों तक पंजाब पर शासन किया लेकिन राजस्थान से पानी का बकाया वसूलने का कोई प्रयास नहीं किया। अगर 1985 में (25 साल बाद) समीक्षा की गई होती, फिर 2010 में की गई होती, तो शायद स्थिति आज इतनी गंभीर नहीं होती और बकाया ₹1.44 लाख करोड़ तक नहीं पहुंचता।

भगवंत मान ने इसे पिछली सरकारों की लापरवाही और पंजाब के हितों के प्रति उदासीनता बताया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार अब इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएगी और पंजाब का हर पैसा वसूल करेगी।

केंद्र और राजस्थान दोनों को लिखा पत्र, बैठक की मांग

Punjab Rajasthan Water Dispute में पंजाब सरकार ने अब औपचारिक कदम उठाना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि पंजाब सरकार ने इस मुद्दे को केंद्र सरकार और राजस्थान सरकार दोनों के सामने उठाया है।

उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने राजस्थान सरकार को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर बैठक की मांग की है।” यह पत्र पंजाब की ओर से औपचारिक रूप से अपना दावा पेश करने की दिशा में पहला कदम है।

भगवंत मान ने स्पष्ट किया, “हमारी सरकार 1920 के समझौते की समीक्षा चाहती है ताकि पंजाब अपना बकाया वसूल कर सके। हम इस मुद्दे को सभी उचित मंचों पर जोरदार तरीके से उठाएंगे और सुनिश्चित करेंगे कि पंजाब को वह मिले जो उसका अधिकार है। इस पैसे को वसूलने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।”

₹1.44 लाख करोड़: यह रकम कितनी बड़ी है

Punjab Rajasthan Water Dispute में ₹1.44 लाख करोड़ का दावा अपने आप में बेहद बड़ा है। इस रकम की तुलना करें तो यह कई राज्यों के पूरे वार्षिक बजट से ज्यादा है। पंजाब का अपना सालाना बजट करीब ₹2 लाख करोड़ है। यानी यह रकम पंजाब के बजट के 70% से ज्यादा बैठती है।

अगर यह रकम पंजाब को मिल जाए तो राज्य पर चढ़ा ₹4.17 लाख करोड़ का कर्ज (जिसका विपक्ष हवाला देता रहता है) काफी हद तक कम हो सकता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और कृषि पर भारी निवेश किया जा सकता है।

हालांकि राजस्थान से इतनी बड़ी रकम वसूलना आसान नहीं होगा। यह मामला कानूनी, राजनीतिक और अंतरराज्यीय विवाद का रूप ले सकता है। सुप्रीम कोर्ट तक जा सकता है। लेकिन भगवंत मान ने स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब सरकार इस मामले में पीछे नहीं हटेगी।

फिरोजपुर फीडर और 18,000 क्यूसेक पानी: क्या है पूरा मामला

Punjab Rajasthan Water Dispute की जड़ में फिरोजपुर फीडर से राजस्थान को पानी की आपूर्ति है। 1920 के दशक में ब्रिटिश शासन के दौरान बीकानेर रियासत को पंजाब से पानी की जरूरत थी क्योंकि बीकानेर (अब राजस्थान का हिस्सा) एक रेगिस्तानी इलाका था और वहां सिंचाई और पीने के पानी की भारी कमी थी।

इसके लिए तत्कालीन बीकानेर रियासत, पंजाब प्रांत और ब्रिटिश सरकार के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता हुआ। इसके तहत पंजाब से बीकानेर को 18,000 क्यूसेक पानी दिया जाना था और बदले में बीकानेर प्रति एकड़ के आधार पर भुगतान करता था।

आजादी के बाद जब बीकानेर रियासत भारत में विलीन हुई और राजस्थान राज्य बना, तो यह समझौता राजस्थान सरकार को विरासत में मिला। 1960 तक राजस्थान ने भुगतान किया, लेकिन सिंधु जल संधि के बाद भुगतान बंद कर दिया जबकि पानी लेना जारी रखा। यही वो बिंदु है जहां से ₹1.44 लाख करोड़ का बकाया जमा होता गया।

अंतरराज्यीय जल विवाद: पंजाब की नई चुनौती

Punjab Rajasthan Water Dispute अंतरराज्यीय जल विवाद का एक नया अध्याय है। पंजाब पहले से ही सतलुज-यमुना लिंक नहर (SYL) विवाद में हरियाणा से उलझा हुआ है। अब राजस्थान से भी पानी के बकाए का मुद्दा उठाकर भगवंत मान ने पंजाब के जल अधिकारों की लड़ाई को एक नया आयाम दे दिया है।

भारत में अंतरराज्यीय जल विवाद बेहद जटिल और संवेदनशील मुद्दे हैं। कावेरी जल विवाद (कर्नाटक-तमिलनाडु), कृष्णा जल विवाद (आंध्र प्रदेश-तेलंगाना-कर्नाटक-महाराष्ट्र) और SYL विवाद (पंजाब-हरियाणा) दशकों से चले आ रहे हैं। अब पंजाब-राजस्थान जल विवाद भी इस सूची में जुड़ गया है।

भगवंत मान का यह कदम राजनीतिक रूप से भी अहम है। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और ₹1.44 लाख करोड़ का दावा AAP सरकार के लिए एक बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है। “पिछली सरकारों ने पंजाब के अधिकार नहीं लड़े, हम लड़ रहे हैं” यह नैरेटिव AAP के पक्ष में जा सकता है।


मुख्य बातें (Key Points)
  • CM भगवंत मान ने राजस्थान से ₹1.44 लाख करोड़ बकाया पानी का दावा किया, कहा “पैसे दो या पानी लेना बंद करो”, फिरोजपुर फीडर से 18,000 क्यूसेक पानी का मामला।
  • 1920 के समझौते के तहत राजस्थान (तब बीकानेर) प्रति एकड़ भुगतान करता था, 1960 में सिंधु जल संधि के बाद भुगतान बंद किया लेकिन पानी लेना जारी रखा।
  • 1960 की व्यवस्था में भुगतान का जिक्र हटा लेकिन 1920 का समझौता रद्द नहीं हुआ, राजस्थान का दोहरा रवैया: पानी 1920 से, भुगतान से बचने के लिए 1960 का बहाना।
  • समझौते में 25 साल में समीक्षा का प्रावधान था लेकिन पिछली सरकारों ने कभी नहीं उठाया, पंजाब सरकार ने केंद्र और राजस्थान दोनों को पत्र लिखा, बैठक की मांग।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1: Punjab Rajasthan Water Dispute में ₹1.44 लाख करोड़ का दावा कैसे बना?

1920 के दशक में ब्रिटिश शासन में बीकानेर रियासत, पंजाब और ब्रिटिश सरकार के बीच समझौता हुआ था, जिसमें पंजाब से 18,000 क्यूसेक पानी बीकानेर को दिया जाता था और बदले में प्रति एकड़ भुगतान होता था। 1960 में सिंधु जल संधि के बाद राजस्थान ने भुगतान बंद कर दिया लेकिन पानी लेना जारी रखा। 1960 से 2026 तक का बकाया ₹1.44 लाख करोड़ बनता है।

Q2: राजस्थान 1960 के बाद पानी का भुगतान क्यों नहीं कर रहा?

1960 में सिंधु जल संधि के बाद जो नई व्यवस्था बनी, उसमें भुगतान का कोई जिक्र नहीं था। राजस्थान इसी का हवाला देकर भुगतान से बचता रहा है। लेकिन पंजाब का तर्क है कि 1920 का मूल समझौता कभी रद्द नहीं किया गया और राजस्थान उसी समझौते के तहत पानी ले रहा है, तो भुगतान भी उसी के तहत करना चाहिए।

Q3: क्या पंजाब सरकार कानूनी रूप से यह बकाया वसूल कर सकती है?

पंजाब सरकार का तर्क है कि 1920 का समझौता कभी रद्द नहीं किया गया और उसमें हर 25 साल में समीक्षा का प्रावधान था। अगर यह मामला सुप्रीम कोर्ट या अंतरराज्यीय ट्रिब्यूनल तक जाता है तो 1920 के समझौते की वैधता और 1960 की व्यवस्था में भुगतान न होने का मुद्दा न्यायिक जांच का विषय होगा। पंजाब सरकार ने फिलहाल केंद्र और राजस्थान दोनों को पत्र लिखकर बैठक मांगी है।

Previous Post

Punjab Assembly: स्पीकर संधवां ने सिविल सेवा टॉपर्स को सम्मानित किया, पंजाब की बेटियों ने रोशन किया नाम

Next Post

Punjab Canal Revolution: 4 साल में भाखड़ा नहर जितना पानी खेतों तक पहुंचाया, CM Bhagwant Mann का बड़ा दावा

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

HSRP Alert UP

HSRP Alert UP: बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अब PUC नहीं मिलेगा, ₹10,000 का चालान, 15 अप्रैल से लागू

बुधवार, 18 मार्च 2026
Sara Ali Khan Kedarnath

Sara Ali Khan Kedarnath: BKTC का बड़ा बयान, आस्था का एफिडेविट देंगी तभी मिलेगी एंट्री

बुधवार, 18 मार्च 2026
Iran Israel War

Iran Israel War: लारीजानी की हत्या के बाद ईरान का कहर, NATO में बड़ी टूट, ट्रंप बौखलाए

बुधवार, 18 मार्च 2026
Breaking News 18 March

Breaking News 18 March: लोकसभा रद्द, ईरान में तबाही, DGCA का बड़ा फैसला समेत 20 धमाकेदार खबरें

बुधवार, 18 मार्च 2026
LPG ATM India

LPG ATM India: गुरुग्राम में शुरू हुआ देश का पहला LPG एटीएम, 2 मिनट में मिलेगा भरा सिलेंडर

बुधवार, 18 मार्च 2026
Silver Rule Change

Silver Rule Change: चांदी के आयात पर सरकार ने लगाई पाबंदी, DGFT ने बदला बड़ा नियम

बुधवार, 18 मार्च 2026
Next Post
Punjab Canal Revolution

Punjab Canal Revolution: 4 साल में भाखड़ा नहर जितना पानी खेतों तक पहुंचाया, CM Bhagwant Mann का बड़ा दावा

Gangstran Te Vaar

Gangstran Te Vaar Day 57: पंजाब पुलिस की 541 जगह छापेमारी, 179 गिरफ्तार, 3 हथियार बरामद

0 0 votes
Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

GN Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।