Punjab Pension Delay Pargat Singh : चंडीगढ़, 6 मार्च 2026। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और विधायक परगट सिंह ने आज मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह “अत्यंत चिंताजनक और गंभीर” है कि पंजाब में लगभग 35.3 लाख लाभार्थी, जिनमें बुजुर्ग, विधवाएं और दिव्यांगजन शामिल हैं, अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच तीन महीने तक अपनी सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित रहे। परगट सिंह ने सरकार से बकाया पेंशन तुरंत जारी करने और ₹2500 प्रति माह के चुनावी वादे को पूरा करने की मांग की है।
पंजाब में सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाखों कमजोर और असहाय नागरिकों की जीवन रेखा है। बुजुर्ग जिनके पास कमाई का कोई जरिया नहीं, विधवाएं जो अकेले अपना जीवन गुजार रही हैं और दिव्यांगजन जो दूसरों पर निर्भर हैं, ये सभी इस मामूली पेंशन राशि पर अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करते हैं। ऐसे में तीन महीने की देरी उनके लिए एक बड़ा संकट बन गई।
‘पेंशन हक है, एहसान नहीं: परगट सिंह’
परगट सिंह ने अपने बयान में बहुत महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन राज्य के सबसे कमजोर वर्गों का मौलिक अधिकार और उनकी जीवन रेखा है, न कि सरकार की तरफ से कोई एहसान। उनका कहना था कि हजारों नागरिक अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए इस मामूली सहायता पर निर्भर हैं और तीन महीने की देरी सिर्फ प्रशासनिक चूक नहीं है, यह उन लोगों पर गहरा और गंभीर बोझ है जो पहले से ही जिंदगी की मुश्किलों से जूझ रहे हैं।
‘AAP ने किया था ₹2500 का वादा, पर मौजूदा राशि भी नहीं दे रही सरकार’
परगट सिंह ने आम आदमी पार्टी के चुनाव पूर्व वादों की याद दिलाते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि AAP ने वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर ₹2500 प्रति माह करने का वादा किया था, लेकिन हकीकत यह है कि सरकार मौजूदा, उससे कम राशि भी नियमित रूप से देने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भगवंत मान सरकार को बहाने बनाना बंद करना चाहिए और तुरंत पेंशन में ₹1000 की वृद्धि करके इसे ₹2500 तक पहुंचाने के अपने घोषणापत्र के वादे को पूरा करना चाहिए।
’35 लाख परिवारों की जिंदगी ठप हुई’
जब किसी बुजुर्ग की पेंशन तीन महीने रुक जाए, तो उसका मतलब सिर्फ एक सरकारी फाइल में देरी नहीं होती। इसका मतलब होता है कि उस बुजुर्ग को दवाइयों के लिए दूसरों के सामने हाथ फैलाना पड़ा, किसी विधवा को अपने बच्चों का पेट भरने के लिए संघर्ष करना पड़ा और किसी दिव्यांग को अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए दूसरों पर और ज्यादा निर्भर होना पड़ा। 35.3 लाख लाभार्थियों का मतलब है 35.3 लाख परिवारों की तकलीफ, जो सरकार की इस लापरवाही की वजह से तीन महीने तक भुगतनी पड़ी।
‘परगट सिंह की तीन सूत्री मांग’
कांग्रेस विधायक ने राज्य सरकार के सामने तीन स्पष्ट मांगें रखीं। पहली मांग यह है कि अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच की सभी लंबित पेंशन राशि तुरंत जारी की जाए। दूसरी मांग यह है कि भविष्य में लाभार्थियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए एक स्थायी और मजबूत व्यवस्था बनाई जाए। तीसरी और सबसे अहम मांग यह है कि लोगों को वास्तविक राहत देने के लिए पेंशन को बढ़ाकर ₹2500 प्रति माह किया जाए, जैसा कि AAP ने चुनाव से पहले वादा किया था।
‘खोखली बयानबाजी नहीं, जवाबदेही चाहिए’
परगट सिंह ने अपनी बात बेहद सीधे शब्दों में खत्म की। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग सरकार से जवाबदेही और संवेदनशीलता की उम्मीद रखते हैं, खोखली बयानबाजी की नहीं। सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि कोई भी लाभार्थी बिना सहायता के न रहे।
‘राजनीतिक मायने क्या हैं?’
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और कांग्रेस लगातार AAP सरकार के अधूरे वादों को जनता के सामने रख रही है। महिलाओं को ₹1000 प्रति माह और बुजुर्गों को ₹2500 पेंशन के वादे ऐसे मुद्दे हैं जो सीधे जनता की जेब और जिंदगी से जुड़े हैं। इन मुद्दों पर कांग्रेस का हमला AAP की जमीनी छवि को कमजोर करने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
‘क्या है पृष्ठभूमि?’
पंजाब सरकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत राज्य के बुजुर्ग, विधवाएं, दिव्यांगजन और अन्य कमजोर वर्गों को मासिक पेंशन दी जाती है। AAP ने 2022 के चुनाव से पहले इस पेंशन को बढ़ाकर ₹2500 करने का वादा किया था। अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच तीन महीने तक 35.3 लाख लाभार्थियों को पेंशन न मिलने का मामला अब राजनीतिक रूप से गर्म हो चुका है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- पंजाब में 35.3 लाख लाभार्थी, बुजुर्ग, विधवाएं और दिव्यांगजन,अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक तीन महीने सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित रहे।
- परगट सिंह ने कहा: पेंशन एहसान नहीं, मौलिक अधिकार है। तीन महीने की देरी प्रशासनिक चूक नहीं, गंभीर लापरवाही है।
- AAP का वादा: वृद्धावस्था पेंशन ₹2500 करने का, लेकिन सरकार मौजूदा राशि भी नियमित नहीं दे पाई।
- परगट सिंह की मांग: बकाया पेंशन तुरंत जारी हो, स्थायी भुगतान व्यवस्था बने और पेंशन ₹2500 की जाए।








