Punjab Investors Summit 2026 Chemicals Session: प्रोग्रेसिव पंजाब निवेश सम्मेलन (PPIS) 2026 के दौरान शनिवार, 14 मार्च को मोहाली में प्लास्टिक और विशेष रसायन (Specialty Chemicals) क्षेत्र पर एक अहम सत्र आयोजित हुआ, जिसमें पंजाब सरकार ने इन उभरते क्षेत्रों में सतत औद्योगिक विकास, नवाचार और वैश्विक निवेश को प्रोत्साहित करने की अपनी मजबूत प्रतिबद्धता जताई। सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने इस सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण सुरक्षा में संतुलन बनाने के लिए नवाचार, रीसाइक्लिंग और पर्यावरण-मित्र समाधान बेहद जरूरी हैं।
Plastic और Chemicals आधुनिक जीवन का हिस्सा, रोजगार की भी बड़ी संभावना
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि प्लास्टिक और रसायन उत्पाद आधुनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर शिक्षा, घरेलू उपयोग और उद्योग तक, ये उत्पाद हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन उत्पादों ने हाथों से होने वाली मेहनत को कम करने और दैनिक जीवन में दक्षता बढ़ाने में बड़ा योगदान दिया है।
मंत्री ने आगे कहा कि प्लास्टिक और रसायन क्षेत्र में बढ़ते निवेश से पंजाब के युवाओं के लिए बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह सीधे तौर पर लोगों के सामाजिक और आर्थिक विकास को मजबूती देगा। पंजाब जैसे राज्य के लिए जहां बेरोजगारी एक बड़ी चुनौती है, यह क्षेत्र नई उम्मीद की किरण बन सकता है।
रीसाइक्लिंग और पर्यावरण-मित्र विकल्प जरूरी: डॉ. बलजीत कौर
जिम्मेदार उपयोग पर जोर देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने उद्योगों और शोध विशेषज्ञों से अपील की कि वे सतत उत्पादन प्रणालियों, आधुनिक रीसाइक्लिंग तकनीकों और पर्यावरण-मित्र विकल्पों पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा कि औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ भविष्य की पीढ़ियों के लिए पर्यावरण सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पंजाब की औद्योगिक क्षमता पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने बताया कि राज्य में विशेष रसायन, प्लास्टिक रीसाइक्लिंग और प्लास्टिक कचरे को उच्च मूल्य वाले निर्यात योग्य उत्पादों में बदलने के लिए निवेश की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने उद्योगपतियों को वैज्ञानिक शोध को पंजाब की जुगाड़ू सोच और नव चेतना के साथ जोड़कर पर्यावरण-मित्र समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
लुधियाना और मोहाली बनेंगे Specialty Chemicals के बड़े हब
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब सरकार औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। लुधियाना और मोहाली जैसे शहरों में औद्योगिक हब विकसित किए जा रहे हैं, जहां अनुसंधान, नवाचार और सतत उत्पादन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो रहा है।
विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण सचिव प्रियांक भारती (IAS) ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि पंजाब में मजबूत औद्योगिक क्लस्टर, निर्यात-केंद्रित इकाइयां और प्रगतिशील नीतियां राज्य को प्लास्टिक और रसायन निर्माण का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पर्यावरण मानकों का सख्ती से पालन करते हुए विशेष रसायन, पर्यावरण-मित्र सामग्री और सतत प्लास्टिक समाधान में निवेश को बढ़ावा दे रही है।
भारत की Global Chemical हिस्सेदारी 3.5% से बढ़कर 13% तक पहुंचने की उम्मीद
सत्र में सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा यूपीएल लिमिटेड (UPL) के प्रधान (ग्लोबल कॉर्पोरेट और इंडस्ट्री अफेयर्स) सागर कोशिक ने पेश किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत की वैश्विक रसायन उत्पादन में हिस्सेदारी लगभग 3 से 3.5 प्रतिशत है, लेकिन आने वाले वर्षों में यह बढ़कर 12 से 13 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
कोशिक ने बताया कि यूपीएल के कुल उत्पादन में 93 प्रतिशत निर्यात होता है, जबकि सिर्फ 7 प्रतिशत घरेलू बाजार के लिए है। यह आंकड़ा भारतीय रसायन निर्माण की वैश्विक मांग और निर्यात क्षमता को दर्शाता है। अगर पंजाब इस अवसर को सही तरीके से भुनाता है, तो राज्य का रसायन उद्योग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा खिलाड़ी बन सकता है।
साधारण रसायन से Specialty Chemicals की ओर बढ़ना जरूरी
सरस्वती एग्रो केमिकल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर अभि बंसल ने कहा कि पंजाब में साधारण रसायन से उच्च मूल्य वाले विशेष रसायन (Specialty Chemicals) में परिवर्तन की बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और सरकार के बीच मजबूत सहयोग की जरूरत पर जोर दिया ताकि उन्नत उत्पाद और तकनीक विकसित की जा सकें।
थापर इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी एंड एनवायरनमेंट के मुखी प्रोफेसर अनूप वर्मा ने पंजाब के मजबूत शैक्षणिक ढांचे पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अनुसंधान संस्थाओं और उद्योग के बीच निकट सहयोग से तकनीकी विकास और व्यावसायीकरण की प्रक्रिया तेज हो सकती है। इससे पंजाब उन्नत रसायन निर्माण और नवाचार का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
क्यों अहम है पंजाब के लिए यह अवसर
अगर बड़ी तस्वीर देखें तो भारत का रसायन उद्योग तेजी से बढ़ रहा है और वैश्विक सप्लाई चेन में चीन के विकल्प के तौर पर भारत की मांग बढ़ रही है। पंजाब में पहले से लुधियाना और मोहाली जैसे मजबूत औद्योगिक शहर हैं, थापर जैसे विश्वस्तरीय शैक्षणिक संस्थान हैं और सरकार की प्रगतिशील औद्योगिक नीति भी निवेशकों के अनुकूल है। ये सभी कारक मिलकर पंजाब को प्लास्टिक रीसाइक्लिंग और विशेष रसायन क्षेत्र में एक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हब बनाने की क्षमता रखते हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- Punjab Investors Summit 2026 में प्लास्टिक और Specialty Chemicals सत्र में डॉ. बलजीत कौर ने नवाचार, रीसाइक्लिंग और पर्यावरण-मित्र समाधान पर जोर दिया।
- भारत की वैश्विक रसायन हिस्सेदारी 3.5% से बढ़कर 12-13% तक पहुंचने की उम्मीद, UPL का 93% उत्पादन निर्यात होता है।
- लुधियाना और मोहाली में औद्योगिक हब विकसित किए जा रहे हैं, प्लास्टिक कचरे को निर्यात योग्य उत्पादों में बदलने पर फोकस।
- थापर इंस्टिट्यूट जैसे शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग के सहयोग से पंजाब Specialty Chemicals का केंद्र बन रहा है।








