पंजाब के मुख्यमंत्री ने अमित शाह से बी.एस.एफ. के लिए केंद्रीय हथियारबंद पुलिस बलों की 25 कंपनियां और एंटी ड्रोन उपकरण मांगे

चंडीगढ़, 10 अगस्त (The News Air)

सरहद्द पार से राज्य की सुरक्षा को बढ़ते खतरे को देखते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पाकिस्तान की शह प्राप्त आतंकवादी ताकतों का मुकाबला करने के लिए केंद्रीय हथियारबंद पुलिस बलों की 25 कंपनियाँ और बी.एस.एफ. के लिए ड्रोन को नष्ट करने वाले उपकरण तुरंत माँगे हैं।
आज़ादी दिवस से पहले और आगामी पंजाब विधान सभा मतदान के मद्देनजऱ पाकिस्तान की आई.एस.आई. की बढ़ती सरगर्मियों से राज्य में हालिया समय में हथियारों, हैंड ग्रेनेडों और आई.ई.डीज़ की बड़ी स्तर पर घुसपैठ का हवाला देते हुये मुख्यमंत्री ने आज शाम अमित शाह के साथ मीटिंग करते हुये बताया कि सुरक्षा की स्थिति बहुत भयानक है जिसके लिए केंद्र को तुरंत दख़ल देने की ज़रूरत है।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री से अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, मोहाली, पटियाला, बठिंडा, फगवाड़ा और मोगा के लिए केंद्रीय हथियारबंद पुलिस बलों की माँग करते हुये साथ ही सरहद पर तैनात बी.एस.एफ. के लिए ड्रोनों को नष्ट करने वाले उपकरण माँगे हैं। उन्होंने अहम बुनियादी ढांचे /स्थानों और सार्वजनिक मीटिंगों /समागमों जिनमें बड़े खतरे का सामना करने वाले व्यक्ति सम्मिलन करते हैं, की सुरक्षा को खतरे का हवाला दिया।
केंद्रीय और प्रांतीय एजेंसियों की तरफ से मिले विवरणों और गिरफ़्तार किये आतंकवादियों की तरफ से मिले खुलासों से हुई पुष्टि का हवाला देते हुये कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि रेलों, बसों और हिंदु मन्दिरों, प्रमुख किसान नेताओं (ऐसे पाँच किसान नेताओं के बारे ठोस जानकारी मिली थी परंतु उन्होंने पंजाब और हरियाणा पुलिस की तरफ से सुरक्षा मुहैया करवाने की पेशकश ठुकरा दी), पंजाब से सम्बन्धित आर.एस.एस. शाखाओं/दफ्तरों, आर.एस.एस. /भाजपा /शिव सेना नेता, डेरा, निरंकारी भवन और समागम समेत व्यक्ति और जलसों पर संभावित ख़तरा है।
मुख्यमंत्री ने अमित शाह को पाकिस्तान की आई.एस.आई. और देश की अन्य ताकतों की तरफ से आतंकवादी कार्यवाहियों को अंजाम देने के लिए राज्य में बड़ी मात्रा में हथियार, ग्रेनेड, आर.डी.एक्स. विस्फोटक, डैटोनेटर, टाइमर उपकरण, अत्याधुनिक लैबारटरी के द्वारा बनाऐ गए टिफिन बम भेजे जाने संबंधी भी अवगत करवाया। उन्होंने चेतावनी देते हुये कहा, ‘‘फरवरी -मार्च 2022 के दौरान होने वाले पंजाब विधान सभा मतदान के मद्देनजऱ आई.एस.आई. की तरफ से बहुत से आतंकवादी और कट्टड़पंथी सरगर्मियों पर आतंकवादी कार्यवाहियों को अंजाम देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। यह बहुत ही गंभीर और चिंताजनक घटनाएँ हैं जो सरहदी राज्य और यहाँ के लोगों के लिए सुरक्षा के पक्ष से काफ़ी गंभीर हैं।’’
उन्होंने पिछले विधान सभा चुनाव से पहले 2016 में आई.एस.आई. द्वारा आर.एस.एस./शिव सेना /डेरा नेता और आर.एस.एस. शाखाओं को सुनियोजित ढंग से निशाना संबंधी गृह मंत्री को याद दिलाया। इसके साथ ही 31 जनवरी, 2017 को मौड़ बम धमाका वोटों वाले दिन भाव 4 फरवरी, 2017 से सिर्फ़ तीन दिन पहले किया गया था।
मुख्यमंत्री ने अमित शाह को बताया कि 4 जुलाई से 8 अगस्त, 2021 के दरमियान विदेशों की खालिस्तान समर्थकी संस्थाएं, जो आई.एस.आई. के साथ नजदीकी तालमेल के ज़रिये काम कर रही थीं, 30 से अधिक पिस्तौल, एक एम.पी. -4 राइफल, एक ए.के. -47 राइफल, 35 के करीब ग्रेनेड, आधुनिक लैबारटरी में तैयार किया गया टिफिन बम, 6 किलोग्राम से अधिक आर.डी.ऐक्स. और आई.ई.डीज़ (9 डैटोनेटर, 1 मल्टीपल टाइमर डिवाइस और फ्यूज-वायर) के निर्माण के लिए अलग-अलग पुर्जों को राज्य में पहुँचाने में कामयाब रही। उन्होंने अमित शाह को आगे बताया कि पिछले 35 दिनों में हथियार, हैंड ग्रेनेड, विस्फोटक सामग्री और आई.ई.डीज़ बनाने के लिए विभिन्न सम्मानों की 17 सप्लाईयां भेजे जाने का पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को पता चला है जिसका भाव है कि हथियारों / हैंड ग्रेनेड /आई.ई.डीज़ की खेप जुलाई में हर दूसरे दिन पंजाब आधारित दहशतगर्दों को भेजी गई थी और यही रुझान अगस्त में भी जारी रखा गया।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब में भारत-पाक सरहद पर कँटीली तार आई.एस.आई. और पाकिस्तान आधारित खालिस्तानी आतंकवादी संगठनों द्वारा विकसित किये गये विशाल सामथ्र्य और महारत के नतीजे के तौर पर प्रभावहीन हो गई है, जिसके निष्कर्ष के तौर पर वह पंजाब में ड्रोन के द्वारा आसानी से आतंकवादी गतिविधियों के लिए समान और नशे भेज सकते हैं। उन्होंने ज़ोर देते हुये कहा कि इस मुद्दा ने राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर चिंता के तौर पर उभरा है।

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