Punjab Caste Survey को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को चंडीगढ़ में एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार जातिगत और सामाजिक-आर्थिक सर्वे (Caste Socio-Economic Survey) की शुरुआत 1 अप्रैल से हो चुकी है। यह सर्वे सभी जातियों और उपजातियों के जीवन स्तर का आकलन करेगा ताकि सरकार न्यायसंगत और लक्षित नीतियां बना सके। इस दौरान CM मान ने आम आदमी पार्टी सरकार के चार साल पूरे होने पर ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड भी पेश किया।

“शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल”: ग्रामीण विकास का पूरा लेखा-जोखा
यह रिपोर्ट कार्ड पंजाब सरकार की चल रही सीरीज “शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल” का हिस्सा है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, कृषि और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सरकार के प्रदर्शन को सामने रखा जा रहा है। CM मान ने साफ किया कि उनकी सरकार जवाबदेही, पारदर्शिता और मापने योग्य नतीजों पर केंद्रित है।
उन्होंने कहा कि पिछले चार सालों में गांवों का समग्र विकास हुआ है। बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य हुए, तालाबों की सफाई की गई और सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाकर राजस्व बढ़ाया गया।
Punjab Caste Survey: 250 करोड़ रुपये का बजट, 28,000 गणनाकर्मी तैनात
Punjab Caste Survey को लेकर भगवंत मान ने बताया कि इस सर्वे का उद्देश्य सभी जातियों और उपजातियों के जीवन स्तर का आकलन करना है ताकि उनकी भलाई के लिए सही नीतियां बनाई जा सकें। इसके लिए 250 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। सर्वे में 28,000 गणनाकर्मी (Enumerators) तैनात किए जाएंगे और हर गणनाकर्मी को 62,500 रुपये का मानदेय दिया जाएगा। CM मान ने इस बात पर जोर दिया कि पूरे सर्वे में गोपनीयता पूरी तरह बनाए रखी जाएगी।
यह कदम पंजाब के आम नागरिकों के लिए बेहद अहम है क्योंकि इसके आधार पर ही आने वाले समय में सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने की रणनीति बनाई जाएगी।
पंचायत चुनावों में बढ़ी सर्वसम्मति: सामुदायिक सद्भाव मजबूत हुआ
CM मान ने बताया कि पंजाब में 13,236 पंचायतें हैं जिनके चुनाव 2024 में हुए। उन्होंने गर्व से बताया कि 2018 में जहां करीब 1,870 पंचायतें सर्वसम्मति से चुनी गई थीं, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 2,970 हो गई। यानी 1,100 अधिक पंचायतें बिना चुनाव लड़े सर्वसम्मत तरीके से चुनी गईं। उन्होंने कहा कि इससे गांवों में सामुदायिक सद्भाव मजबूत हुआ है और समग्र विकास सुनिश्चित हो रहा है।
इसके साथ ही सरपंचों का मानदेय 1,200 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।
ग्रामीण विकास पर रिकॉर्ड खर्च: कांग्रेस के 5 साल बनाम AAP के 4 साल
Punjab Caste Survey के साथ-साथ ग्रामीण विकास के आंकड़ों पर भी CM मान ने विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि 15वें वित्त आयोग (15th Finance Commission) के तहत 2025-26 में ग्रामीण विकास पर 2,367.64 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जो 2024-25 की तुलना में दोगुना है।
उन्होंने तुलना करते हुए बताया कि 2017 से 2022 के बीच पांच सालों में गांवों के विकास पर मात्र 1,883 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि AAP सरकार ने अपने चार सालों में 3,847 करोड़ रुपये खर्च किए। यानी कम समय में दोगुने से ज्यादा निवेश।
पंचायत भवनों, पुस्तकालयों, आंगनवाड़ी केंद्रों, खेल के मैदानों, गलियों, नालियों और अन्य विकास कार्यों पर 1,030.94 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वहीं पीने के पानी, जल आपूर्ति, स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और आवश्यक सेवाओं पर 1,336.70 करोड़ रुपये खर्च हुए।
शामलात जमीनों से रिकॉर्ड आय: अवैध कब्जे हटाए, राजस्व बढ़ा
CM मान ने बताया कि पंचायती जमीनों (Shamlat Land) पर से अवैध कब्जे हटाए गए और पारदर्शी तरीके से लीजिंग करके राजस्व में भारी बढ़ोतरी की गई। चार सालों में शामलात जमीन की लीजिंग से 1,842.78 करोड़ रुपये की कमाई हुई।
2025-26 में पिछले साल की तुलना में राजस्व में 50.75 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। करीब 1.35 लाख एकड़ जमीन लीज पर दी गई जिससे 520.54 करोड़ रुपये आए, जबकि 2024-25 में यह आंकड़ा 469.79 करोड़ रुपये था।
3,000 खेल मैदान और 251 पुस्तकालय: नशे के खिलाफ युवाओं को नई दिशा
Punjab Caste Survey के अलावा नशे के खिलाफ लड़ाई में भी सरकार की रणनीति स्पष्ट दिखी। CM मान ने बताया कि युवाओं की असीम ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए करीब 3,000 ग्रामीण खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जिन पर 1,166 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। ये मैदान 6,500 एकड़ में फैले होंगे और 3,148 स्थानों की पहचान की जा चुकी है।
2,400 मैदानों पर काम शुरू हो चुका है और अधिकतर जून तक पूरे हो जाएंगे। इनमें वॉलीबॉल कोर्ट, फुटबॉल मैदान, बच्चों के खेल उपकरण और बैठने की व्यवस्था होगी।
राज्य के इतिहास में पहली बार पंचायत भवनों का निर्माण कराया गया है। दूसरे चरण में 125 करोड़ रुपये के बजट से 500 आधुनिक पंचायत भवन बनाए जा रहे हैं, जिनमें प्रति भवन 25 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। पहले चरण में 373 भवन पहले ही बन चुके हैं।
इसी तरह गांवों में 251 पुस्तकालय बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिनमें से 231 पूरे हो चुके हैं। इसका मकसद ग्रामीणों को साहित्य से जोड़ना और युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करना है।
MGNREGA पर केंद्र सरकार के बदलावों का विरोध: गरीबों के साथ खड़ी है AAP सरकार
मनरेगा (MGNREGA) को लेकर CM मान ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बताया कि 2017-2022 के बीच मनरेगा पर सिर्फ 4,708 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि 2022 से अब तक 5,146 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। 8.96 लाख लोगों को रोजगार मिला और 2.40 करोड़ मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ।
2025-26 में करीब 63,357 नए जॉब कार्ड जारी किए गए, जिनमें 2,480 विकलांग व्यक्तियों के लिए थे।
CM मान ने कहा कि पंजाब मनरेगा योजना में केंद्र सरकार द्वारा किए गए मनमाने और अतार्किक संशोधनों का कड़ा विरोध करता है। पंजाब विधानसभा ने उन बदलावों का विरोध किया है जो ग्रामीण रोजगार को कम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतिबंधात्मक योजनाएं अनुचित हैं और इनकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।
ग्रामीण आवास में क्रांति: इस साल एक लाख घर बनाने का लक्ष्य
CM मान ने बताया कि पंजाब सरकार ने ग्रामीण परिवारों को आवास सुविधा देने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। इस साल 76,000 घरों की मंजूरी दी गई है, जिनमें 30,000 बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए हैं।
उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि 2016 से 2022 के बीच पूरे राज्य में सिर्फ 39,000 घर बने, जबकि इस साल सरकार ने गरीब तबके के लिए एक लाख घर बनाने का लक्ष्य रखा है। यह आंकड़ा बताता है कि सरकार की प्राथमिकता किस हद तक बदली है।
17,080 गांवों के तालाबों की सफाई: 235 करोड़ रुपये का बजट
गांवों के तालाबों की सफाई के लिए भी बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया है। 17,080 गांवों के तालाबों की सफाई शुरू की गई है, जिनमें 13,414 तालाबों का पानी निकाला जा चुका है और 4,706 तालाबों की गाद निकालने का काम पूरा हो चुका है। इस पर 235 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
नशे के खिलाफ जंग: 12,000 गांव रक्षा समितियां बनीं, 1.25 लाख लोग जुड़े
नशे के खिलाफ अभियान पर बोलते हुए CM मान ने कहा कि पूरे राज्य के गांवों ने इस लड़ाई में अपना साथ दिया है। उन्होंने पंचायतों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया और बताया कि अब तक 1.25 लाख सदस्य इस अभियान से जुड़ चुके हैं।
12,000 ग्राम रक्षा समितियां (Village Defence Committees) बनाई गई हैं और स्वयंसेवक ‘ग्राम रक्षक’ के रूप में काम कर रहे हैं। उनकी सूचनाओं के आधार पर कई तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
महिला सशक्तिकरण: 58,303 स्वयं सहायता समूह, 1,100 दुग्ध सहकारी समितियां
पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 23 जिलों की 100 शीर्ष महिला उद्यमियों को 25,000 रुपये, प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया। 117 विधानसभा क्षेत्रों में 11,700 महिलाओं को सम्मानित किया गया और जिला स्तर पर 2,300 महिलाओं को सम्मानित किया गया।
इस मिशन के तहत 58,303 स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं और 5.89 लाख परिवारों को जोड़ा गया है, जिन्हें 147 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
महिलाओं को डेयरी फार्मिंग से जोड़ने के लिए एक नई योजना शुरू की गई है, जिसमें 1,100 दुग्ध सहकारी समितियां पंजीकृत की गई हैं और महिलाओं को 18 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया गया है। ये समितियां रोजाना 1 लाख लीटर दूध मिल्कफेड को सप्लाई कर रही हैं।
पूरे पंजाब में सखी शक्ति मेलों का आयोजन किया गया जिनमें 1,500 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया और उनके बनाए उत्पादों की 9 करोड़ रुपये की बिक्री हुई।
प्रशासनिक सुधार: ब्लॉकों का पुनर्गठन, पंचायत सचिवों का राज्य कैडर बना
CM मान ने बताया कि पहली बार राज्य के ब्लॉकों को विधानसभा क्षेत्रों के अनुसार पुनर्गठित किया गया है ताकि बेहतर तालमेल हो सके। ग्राम विकास अधिकारियों और पंचायत सचिवों को राज्य कैडर में मिला दिया गया है। 3,327 पंचायत विकास सचिवों के लिए राज्य कैडर बनाया गया है जिससे कार्यक्षमता में सुधार होगा।
केंद्र सरकार पर निशाना: “पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार”
CM मान ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। RDF, GST, NHM और अन्य अनुदान अनुचित तरीके से रोके गए हैं क्योंकि केंद्र पंजाब के विकास से जलता है। उन्होंने कहा कि इसकी एकमात्र वजह यह है कि पंजाब भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं देता, इसलिए केंद्र सरकार राज्य के साथ गंभीर अन्याय करती है।
CM मान ने कहा कि केंद्र द्वारा आवंटित आपदा प्रबंधन निधि बेहद कम है और जनहित में इसे संशोधित किए जाने की जरूरत है। राज्य इस भेदभाव का हर स्तर पर विरोध करेगा और अपने वैध हिस्से के लिए कानूनी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर लड़ाई लड़ेगा।
कांग्रेस पर तंज: हिमाचल का एंट्री टैक्स और पंजाब कांग्रेस की चुप्पी
एक सवाल के जवाब में CM मान ने कांग्रेस पर भी तीखा वार किया। उन्होंने कहा कि यह हैरानी की बात है कि पंजाब के कांग्रेसी नेता हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा लगाए गए एंट्री टैक्स पर चुप हैं, जबकि यह पंजाबियों के एक बड़े तबके को प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ AAP सरकार टोल टैक्स खत्म करके आम आदमी को राहत दे रही है, वहीं दूसरी तरफ ये लोग जनता पर अनुचित कर लगा रहे हैं।
गेहूं की खरीद पर सख्त रुख: किसी भी दबाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
CM मान ने कहा कि राज्य सरकार गेहूं की फसल की सुचारू और बिना किसी बाधा के खरीद और उठान के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए पहले से ही विस्तृत व्यवस्थाएं कर दी गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि सुचारू खरीद को बाधित करने के उद्देश्य से की जाने वाली किसी भी तरह की जोर-जबरदस्ती या ब्लैकमेलिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसी ताकतों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
किसानों को बड़ी राहत: हाई टेंशन तारों को जमीन के नीचे डालने की योजना
CM मान ने किसानों के लिए एक और बड़ी राहत का संकेत दिया। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार किसानों की जमीन से गुजरने वाली हाई टेंशन तारों को जमीन के नीचे डालने की संभावना तलाश रही है और इसकी रणनीति बनाई जा रही है। यह किसानों के लिए बड़ी राहत होगी क्योंकि ये तारें उनके और उनकी फसलों के लिए बड़ा खतरा पैदा करती हैं।
CM मान ने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार एक बुद्धिमान और स्मार्ट सरकार काम कर रही है, जो पहले की सरकारों से अलग है जिन्होंने जनता को लूटा।
इस अवसर पर ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
इस खबर का आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा?
Punjab Caste Survey का सीधा असर पंजाब के हर नागरिक पर पड़ेगा। इस सर्वे के बाद सरकार को पता चलेगा कि कौन सी जाति या समुदाय विकास में पीछे है और उसके लिए विशेष नीतियां बनाई जा सकेंगी। ग्रामीण विकास पर रिकॉर्ड खर्च, खेल मैदानों का निर्माण, पुस्तकालयों की स्थापना और आवास योजनाओं का विस्तार सीधे तौर पर गांवों में रहने वाले लाखों परिवारों की जिंदगी बदल सकता है। हालांकि, केंद्र सरकार के साथ चल रहे टकराव का असर राज्य की वित्तीय स्थिति पर पड़ सकता है, जिस पर आने वाले दिनों में नजर रखनी होगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- Punjab Caste Survey पहली बार शुरू हुआ, 250 करोड़ रुपये का बजट और 28,000 गणनाकर्मी तैनात, सभी जातियों के जीवन स्तर का आकलन होगा।
- AAP सरकार ने 4 सालों में ग्रामीण विकास पर 3,847 करोड़ रुपये खर्च किए, जो पिछली कांग्रेस सरकार के 5 साल के 1,883 करोड़ रुपये से दोगुने से ज्यादा है।
- 3,000 ग्रामीण खेल मैदान, 500 पंचायत भवन और 251 पुस्तकालयों का निर्माण किया जा रहा है, नशे के खिलाफ 12,000 ग्राम रक्षा समितियां बनाई गईं।
- केंद्र सरकार पर पंजाब के अनुदान रोकने और MGNREGA में अनुचित बदलाव का आरोप लगाते हुए CM मान ने हर स्तर पर लड़ाई का ऐलान किया।













