Punjab Budget 2026-27 Cabinet Approval : चंडीगढ़, 6 मार्च 2026। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में पंजाब कैबिनेट ने आज एक अहम बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान यानी Budget Estimates को मंजूरी दे दी। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा 8 मार्च, रविवार को पंजाब विधानसभा में यह बजट पेश करेंगे। यह बैठक विधानसभा सचिवालय में चल रहे बजट सत्र के दौरान आयोजित की गई।
पंजाब में बजट सत्र की शुरुआत के साथ ही सरकारी वित्तीय कामकाज की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी हो गई है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब बजट विधानसभा में पेश होने के लिए तैयार है। यह बजट ऐसे समय में आ रहा है जब विपक्ष सरकार के अधूरे वादों को लेकर लगातार हमले कर रहा है और 2027 के विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।
‘तीन अहम प्रस्तावों को मिली कैबिनेट की हरी झंडी’
आज की कैबिनेट बैठक में तीन महत्वपूर्ण वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। पहला, वित्त वर्ष 2025-26 की Supplementary Demands for Grants को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी गई। दूसरा, वित्त वर्ष 2026-27 के Budget Estimates को मंजूरी दी गई, जिसे Finance Minister Harpal Singh Cheema 8 मार्च को विधानसभा में पेश करेंगे। तीसरा, भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक यानी CAG की ऑडिट रिपोर्ट और वित्त वर्ष 2024-25 के Finance and Appropriation Accounts को पंजाब विधानसभा की मेज पर रखने की भी मंजूरी दी गई।
‘8 मार्च को पेश होगा Punjab Budget 2026-27’
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा 8 मार्च, रविवार को पंजाब विधानसभा में Budget 2026-27 पेश करेंगे। यह बजट AAP सरकार के पांचवें साल का बजट होगा और 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह आखिरी पूर्ण बजट भी हो सकता है। इसलिए इस बजट पर सभी की निगाहें टिकी हैं। विपक्ष महिलाओं को ₹1000 प्रति माह, बुजुर्गों को ₹2500 पेंशन और पुरानी पेंशन योजना जैसे अधूरे वादों के सिलसिले में बजट में घोषणाओं का इंतजार करेगा।
‘Supplementary Demands for Grants क्या होती हैं?’
Supplementary Demands for Grants वे अतिरिक्त वित्तीय मांगें होती हैं जो सरकार को चालू वित्त वर्ष में मूल बजट में आवंटित राशि से ज्यादा खर्च की जरूरत पड़ने पर विधानसभा के सामने रखनी होती हैं। 2025-26 की Supplementary Demands की मंजूरी से यह स्पष्ट होगा कि चालू वित्त वर्ष में सरकार ने किन मदों में अतिरिक्त खर्च किया है।
‘CAG Report से खुलेगा सरकारी खर्च का हिसाब’
2024-25 की CAG Audit Report और Finance and Appropriation Accounts का विधानसभा में रखा जाना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। CAG की रिपोर्ट सरकार के वित्तीय कामकाज, खर्च की नियमितता और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर स्वतंत्र और निष्पक्ष ऑडिट का नतीजा होती है। विपक्ष इस रिपोर्ट को लेकर सरकार पर सवाल उठा सकता है।
‘विधानसभा सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक’
यह कैबिनेट बैठक विधानसभा सचिवालय में आयोजित की गई, जो बजट सत्र के दौरान एक सामान्य प्रक्रिया है। इससे बजट से जुड़े सभी प्रस्तावों को तुरंत विधानसभा में पेश करने में आसानी होती है। CM भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सभी प्रमुख कैबिनेट मंत्री मौजूद थे।
‘क्या है राजनीतिक महत्व?’
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह बजट AAP सरकार के लिए जनता को अपने पक्ष में करने का आखिरी बड़ा मौका है। विपक्षी दल जहां महिलाओं को ₹1000, पेंशन वृद्धि और कर्मचारियों की OPS बहाली जैसे वादों पर सरकार को घेर रहे हैं, वहीं सरकार इस बजट के जरिए जनता को राहत देने की कोशिश कर सकती है। बजट में की जाने वाली घोषणाएं आने वाले महीनों की राजनीतिक दिशा तय कर सकती हैं।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- CM भगवंत मान की अध्यक्षता में Punjab Cabinet नेBudget Estimates 2026-27 को मंजूरी दी।
- Finance Minister Harpal Singh Cheema 8 मार्च (रविवार) को Punjab Vidhan Sabha में बजट पेश करेंगे।
- Cabinet ने Supplementary Demands for Grants 2025-26 और CAG Audit Reports 2024-25 को विधानसभा में पेश करने की भी दी मंजूरी।
- बजट सत्र के दौरान Vidhan Sabha Secretariat में आयोजित हुई यह अहम Cabinet बैठक।








