President Murmu Jalandhar Visit — शुक्रवार को जालंधर में प्रस्तावित एक अहम शैक्षणिक कार्यक्रम का स्वरूप अचानक बदल गया। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जालंधर आगमन खराब मौसम की वजह से रद्द कर दिया गया। वह डॉ. बीआर अंबेडकर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT), जालंधर के 21वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाली थीं। उनके न पहुंच पाने के बाद कार्यक्रम की जिम्मेदारी पंजाब के राज्यपाल ने संभाली।
जालंधर में शुक्रवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ था। इसी खराब मौसम के चलते राष्ट्रपति का दौरा अंतिम समय में रद्द किया गया। राष्ट्रपति के कार्यक्रम में शामिल न हो पाने के कारण दीक्षांत समारोह का स्वरूप बदला, लेकिन आयोजन तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रखा गया।
राज्यपाल बने मुख्य अतिथि
राष्ट्रपति के न पहुंचने के बाद पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया बतौर मुख्य अतिथि NIT जालंधर पहुंचे। उन्होंने संस्थान के मेधावी छात्रों को डिग्रियां प्रदान कीं और सम्मानित किया। कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित शिक्षाविदों की मौजूदगी रही, जिसने समारोह की गरिमा बनाए रखी।
1452 से अधिक छात्रों को मिली डिग्री
इस दीक्षांत समारोह में संस्थान के कुल 1452 विद्यार्थियों को डिग्रियां दी जानी हैं। इनमें B.Tech, M.Tech, MBA, M.Sc और PhD पाठ्यक्रमों के छात्र शामिल हैं।
कार्यक्रम खास तौर पर उन 31 विद्यार्थियों के लिए भावुक होने वाला था, जिन्हें उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति के हाथों गोल्ड मेडल मिलने थे।
राष्ट्रपति की मौजूदगी से जुड़ी उम्मीदें
NIT प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रपति का आगमन छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बनने वाला था। तकनीकी नवाचार और राष्ट्र निर्माण को लेकर उनका संबोधन युवाओं में नई ऊर्जा भरने वाला माना जा रहा था। हालांकि मौसम ने इस योजना को रोक दिया।
सुरक्षा व्यवस्था पहले से रही सख्त
राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर जालंधर जिला प्रशासन और पुलिस ने पहले ही कड़े इंतजाम किए थे। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर 14 से 16 जनवरी तक पूरे जिले को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित किया गया था।
ड्रोन, निजी हेलिकॉप्टर, रिमोट कंट्रोल एयरक्राफ्ट और हॉट एयर बैलून उड़ाने पर पूरी तरह रोक लगाई गई थी। ट्रैफिक पुलिस ने भी रूट डायवर्जन लागू किए थे, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।
आम लोगों और छात्रों पर असर
राष्ट्रपति के दौरे के रद्द होने से छात्रों में थोड़ी निराशा जरूर दिखी, खासकर उन गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों में, जो राष्ट्रपति से सम्मान पाने की उम्मीद कर रहे थे। हालांकि समारोह का सफल आयोजन यह दिखाता है कि संस्थान ने हालात के बावजूद अकादमिक परंपरा को कायम रखा।
जानें पूरा मामला
खराब मौसम की वजह से राष्ट्रपति का जालंधर दौरा रद्द हुआ, लेकिन NIT जालंधर का 21वां दीक्षांत समारोह तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया गया। राज्यपाल की मौजूदगी में छात्रों को डिग्रियां दी गईं और पहले से तय सुरक्षा व्यवस्थाएं लागू रहीं।
मुख्य बातें (Key Points)
- खराब मौसम के कारण राष्ट्रपति का जालंधर दौरा रद्द
- NIT जालंधर के 21वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल बने मुख्य अतिथि
- 1452 से अधिक छात्रों को दी गई डिग्रियां
- 14–16 जनवरी तक जालंधर ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित








