President Draupadi Murmu meets Premanand Maharaj की खबर इस वक्त पूरे देश में सुर्खियां बटोर रही है। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उत्तर प्रदेश का धार्मिक दौरा जारी है, जिसके तहत उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर से लेकर वृंदावन और गोवर्धन तक कई धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन किए। इस दौरान वृंदावन में राष्ट्रपति ने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया और गोवर्धन में 21 किलोमीटर लंबी गिरिराज परिक्रमा करने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बन गईं।

अयोध्या से शुरू हुआ धार्मिक दौरा: राम मंदिर में की विशेष पूजा
President Draupadi Murmu का यह धार्मिक दौरा बीते दिन अयोध्या से शुरू हुआ। राष्ट्रपति सबसे पहले अयोध्या पहुंचीं, जहां उन्होंने राम मंदिर में श्री राम यंत्र स्थापना के पूजन में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने देश की खुशहाली और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
अयोध्या में पूजन के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शाम को विशेष विमान से मथुरा पहुंचीं, जहां से उनके तीन दिवसीय प्रवास की शुरुआत हुई। यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि नव वर्ष के शुभ अवसर पर राष्ट्रपति ने धार्मिक स्थलों पर जाकर आस्था और परंपरा को एक नई ऊंचाई दी है।
वृंदावन में President Draupadi Murmu meets Premanand Maharaj: एकांत में हुई खास बातचीत
President Draupadi Murmu meets Premanand Maharaj की यह मुलाकात इस पूरे दौरे की सबसे चर्चित घटना रही। राष्ट्रपति वृंदावन स्थित श्रीहित राधा कैली कुंज आश्रम पहुंचीं, जहां प्रेमानंद महाराज जी से मिलकर उन्होंने उनका आशीर्वाद लिया। आश्रम में राष्ट्रपति का पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया।
इस मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रेमानंद महाराज के बीच एकांत में बातचीत भी हुई। इस बातचीत में आध्यात्म, सेवा और जनकल्याण जैसे अहम विषयों पर चर्चा हुई। राष्ट्रपति ने संत के सरल जीवन और उनके उपदेशों के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त की। पूरा आश्रम भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।
प्रेमानंद महाराज देश के सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली संतों में से एक हैं और उनसे राष्ट्रपति की यह मुलाकात आस्था और अध्यात्म के लिहाज से बेहद खास मानी जा रही है।
प्रेम मंदिर में राधा कृष्ण की पूजा और लेजर शो
President Draupadi Murmu ने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात से पहले वृंदावन के प्रसिद्ध प्रेम मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। यहां उन्होंने राधा कृष्ण के युगल विग्रह के समक्ष विधिवत पूजा-अर्चना की और आरती में हिस्सा लिया।
मंदिर परिसर में संकीर्तन मंडली के 51 आश्रमवासियों ने भजन और आरती गाकर पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। राष्ट्रपति ने प्रेम मंदिर का प्रसिद्ध लेजर शो भी देखा और मंदिर प्रशासन द्वारा भेंट किए गए आध्यात्मिक ग्रंथों को श्रद्धापूर्वक स्वीकार किया।
इसके बाद उन्होंने गर्भगृह के बाहर परिक्रमा लगाई और प्रथम तल पर कृपालु महाराज तथा सीताराम युगल विग्रह के दर्शन भी किए। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी राष्ट्रपति के साथ रहीं।
गोवर्धन में रचा इतिहास: गिरिराज परिक्रमा करने वाली पहली राष्ट्रपति
President Draupadi Murmu ने वृंदावन के बाद गोवर्धन के लिए प्रस्थान किया। यहां उन्होंने धन घाटी मंदिर पहुंचकर गिरिराज जी का दुग्ध अभिषेक और पूजन किया। इसके बाद राष्ट्रपति ने गोल्फ कार्ट के माध्यम से 21 किलोमीटर लंबी गिरिराज परिक्रमा शुरू की।
यह एक ऐतिहासिक क्षण था, क्योंकि इसी के साथ द्रौपदी मुर्मू गिरिराज परिक्रमा करने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बन गईं। यह बात न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से बल्कि राष्ट्रपति पद की गरिमा के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: नो-फ्लाइंग जोन घोषित, एक दौरा रद्द
राष्ट्रपति के इस धार्मिक दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सुरक्षा कारणों से उड़िया बाबा आश्रम का दौरा रद्द कर दिया गया। इसके अलावा पूरे जनपद को 21 मार्च की शाम 5:00 बजे तक नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया।
प्रशासन ने पहले ही पूरे मार्ग पर फुल ड्रेस रिहर्सल कर सुरक्षा व्यवस्था और यातायात की बारीकी से जांच कर ली थी। राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद के लिए यह सुरक्षा व्यवस्था सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन धार्मिक दौरे के दौरान इतने बड़े स्तर पर सुरक्षा इंतजाम इस दौरे की गंभीरता और अहमियत को दर्शाते हैं।
आस्था, परंपरा और राष्ट्रीय एकता का बड़ा संदेश
नव वर्ष के इस शुभ अवसर पर President Draupadi Murmu का यह धार्मिक दौरा सिर्फ एक व्यक्तिगत आस्था की यात्रा नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ा संदेश है। राष्ट्रपति ने अयोध्या के राम मंदिर से लेकर वृंदावन के प्रेम मंदिर, प्रेमानंद महाराज के आश्रम और गोवर्धन की गिरिराज परिक्रमा तक हर जगह भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्म को सर्वोच्च सम्मान दिया।
आम नागरिकों के लिए यह दौरा इसलिए भी प्रेरणादायक है क्योंकि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठी एक आदिवासी महिला ने सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जाकर भारत की विविधता में एकता का जीवंत उदाहरण पेश किया है।
मुख्य बातें (Key Points)
- President Draupadi Murmu ने वृंदावन में Premanand Maharaj से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया, दोनों के बीच आध्यात्म, सेवा और जनकल्याण पर एकांत में बातचीत हुई।
- राष्ट्रपति ने अयोध्या राम मंदिर में श्री राम यंत्र स्थापना पूजन में भाग लिया और वृंदावन के प्रेम मंदिर में राधा कृष्ण की पूजा की।
- गोवर्धन में 21 किमी गिरिराज परिक्रमा कर द्रौपदी मुर्मू ऐसा करने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बन गईं।
- सुरक्षा कारणों से उड़िया बाबा आश्रम का दौरा रद्द किया गया और पूरे जनपद को नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया।








