POCSO Case में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने एक और बड़ा बयान दिया है। उन्होंने शंकराचार्य को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस पर भरोसा नहीं है तो वह कांग्रेस शासित राज्य की पुलिस से या फिर दुनिया की सबसे सक्रिय पुलिस मानी जाने वाली स्कॉटलैंड की पुलिस (स्कॉटलैंड यार्ड) से जांच करा लें। आशुतोष ने दावा किया कि उनके पास शंकराचार्य के खिलाफ इतने सबूत हैं कि वह कहीं से भी जांच कराने पर नहीं बच पाएंगे।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने यह भी मांग की कि शंकराचार्य को हिस्ट्री-शीटर घोषित किया जाए, क्योंकि उनके खिलाफ आठ से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि कानून के मुताबिक पांच से अधिक मुकदमे वालों को हिस्ट्री-शीटर बनाया जाता है।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने क्या कहा?
आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा, “मैं तो कहना चाहता हूं कि आप विश्व की सबसे सक्रिय पुलिस मानी जाती है, उससे जांच करा लो। नहीं बच पाओगे। आपके खिलाफ इतने सबूत हमने इकट्ठे कर लिए हैं। आप अब जो षड्यंत्र रच रहे हैं, उसका अंत आ चुका है।”
उन्होंने आगे कहा, “आप हिंदुस्तान की पुलिस छोड़िए, विश्व की सबसे बड़ी सक्रिय पुलिस से जांच कराओ, नहीं बच पाओगे। आपकी सीढ़ियों के हमारे पास सब प्रमाण हैं। अब यह षड्यंत्र नहीं चलेगा। अब कलयुग का अंत चलेगा। अब आपको ऐसी सजा मिलेगी कि कोई बच्चों के साथ संत के नाम पर कुकर्म नहीं कर पाएगा।”
हिस्ट्री-शीटर घोषित करने की मांग
आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य पर हमला बोलते हुए कहा, “मैं न्यायालय और पुलिस से निवेदन करता हूं कि अविमुक्तेश्वरानंद को कैसे बचा रखा है? इसके ऊपर आठ से अधिक मुकदमे हो चुके हैं, जबकि कानून कहता है कि पांच से अधिक मुकदमे वाले लोगों को हिस्ट्री-शीटर बनाया जाता है। आपको कौन बचा रहा है? आपको हिस्ट्री-शीटर घोषित किया जाए।”
अपने ऊपर लगे आरोपों पर क्या बोले?
आशुतोष ब्रह्मचारी ने यह भी कहा कि उन पर पहले भी मुकदमे दर्ज किए गए, लेकिन वह उन सब से बरी हो चुके हैं। उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव की सरकार में शामली के तत्कालीन एसपी अब्दुल हमीद ने मुझे हिस्ट्री-शीटर घोषित किया था, जबकि मैं दंगों की लड़ाई लड़ रहा था, हिंदुओं की आवाज दबाने के लिए ऐसा किया गया। लेकिन आज वे सभी मुकदमे माननीय हाईकोर्ट से स्टे हो चुके हैं या खत्म हो चुके हैं, मैं दोषमुक्त हूं।”
क्या है पूरा मामला?
प्रयागराज के झूसी थाने में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। यह शिकायत आशुतोष ब्रह्मचारी ने दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि 2025 के महाकुंभ और 2026 के माघ मेले के दौरान दो नाबालिग बटुकों का यौन शोषण किया गया। इस मामले के बाद से उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है और कांग्रेस-सपा समेत विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा है।
मुख्य बातें (Key Points)
आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य को चैलेंज किया- यूपी पुलिस नहीं तो स्कॉटलैंड यार्ड से जांच कराएं।
दावा किया कि हमारे पास इतने सबूत हैं कि कहीं से जांच कराने पर भी नहीं बच पाएंगे।
शंकराचार्य को हिस्ट्री-शीटर घोषित करने की मांग, आठ से अधिक मुकदमों का हवाला।
खुद पर लगे आरोपों को राजनीतिक बताते हुए सभी मुकदमों से बरी होने का दावा।








