PM Modi Rajya Sabha Speech ने आज एक बार फिर पूरे देश का ध्यान खींचा है। संसद के उच्च सदन राज्यसभा से 37 सांसदों की विदाई हो रही है और इस भावुक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन को संबोधित किया। उनका भाषण कभी भावुक था, कभी प्रेरणादायक और कभी विपक्ष पर तीखा हमला करने वाला। सदन में ठहाके भी लगे और गंभीरता भी छाई। PM मोदी ने कहा कि राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता और रिटायर हो रहे सांसद अब किसी और विशेष काम के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं: PM मोदी का भावुक संदेश
PM Modi Rajya Sabha Speech की शुरुआत बेहद भावुक अंदाज में हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि सदन के अंदर अनेक विषयों पर चर्चा होती है और हर किसी का महत्वपूर्ण योगदान होता है। कुछ खट्टे तो कुछ मीठे अनुभव रहते हैं। लेकिन जब विदाई का अवसर आता है तो स्वाभाविक रूप से दलगत भावना से ऊपर उठकर सबके अंदर एक समान भाव प्रकट होता है।
PM मोदी ने कहा कि यह साथी अब किसी और विशेष काम के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उनके इस बयान का मतलब साफ था कि राजनीति में विदाई कोई अंत नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है। उन्होंने निवर्तमान सांसदों के योगदान को सराहा और विधायी बहसों तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को रेखांकित किया।
देवगौड़ा, खरगे और शरद पवार की जमकर तारीफ
PM Modi Rajya Sabha Speech का सबसे खास पल वह था जब प्रधानमंत्री ने विपक्ष के दिग्गज नेताओं की खुलकर तारीफ की। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेताओं की भरपूर सराहना की।
PM मोदी ने कहा कि देवगौड़ा जी, खरगे जी और शरद पवार जी ऐसे वरिष्ठ लोग हैं जिनके जीवन की आधे से ज्यादा उम्र संसदीय कार्यप्रणाली में बीत गई है। उन्होंने नए सदस्यों को सलाह देते हुए कहा कि सभी को इनसे सीखना चाहिए कि कैसे समर्पित भाव से सदन में आना है और जितना बन पड़े उतना योगदान देना है। समाज से जो जिम्मेदारी मिली है उसके प्रति पूरी तरह समर्पित रहना चाहिए। मोदी ने कहा कि वह इन नेताओं के योगदान की भूरि-भूरि सराहना करते हैं।
विपक्ष पर तीखा हमला: मोहब्बत की दुकान पर साइनबोर्ड लगाते हैं
PM Modi Rajya Sabha Speech में भावुकता के बाद तीखे राजनीतिक हमले भी देखने को मिले। प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग “मोदी तेरी कब्र खुदेगी” जैसे नारे लगाकर चल रहे हैं और ऐसे सपने देख रहे हैं, लेकिन साथ ही लोकतंत्र की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं।
PM मोदी ने तंज कसते हुए कहा कि ये लोग मोहब्बत की दुकान के साइनबोर्ड लगाते हैं लेकिन सार्वजनिक जीवन में इतनी नफरत रखते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सार्वजनिक जीवन में ऐसी नफरत होनी चाहिए। PM मोदी का यह हमला स्पष्ट रूप से विपक्ष के “मोहब्बत की दुकान” नारे पर था जिसे कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस्तेमाल करते रहे हैं।
मेरी सरकार भी रिमोट से चलती है: PM मोदी का करारा जवाब
PM Modi Rajya Sabha Speech का सबसे यादगार और सबसे ज्यादा वायरल होने वाला पल वह था जब प्रधानमंत्री ने विपक्ष के पुराने आरोप का मुंहतोड़ जवाब दिया। विपक्ष अक्सर आरोप लगाता रहा है कि मोदी सरकार किसी रिमोट कंट्रोल से चलती है। इस पर PM मोदी ने कहा कि आदरणीय सभापति जी, इनकी सरकार रिमोट से चलती थी और मेरी सरकार भी रिमोट से चलती है।
इसके बाद उन्होंने ड्रामाटिक अंदाज में कहा कि 140 करोड़ देशवासी मेरा रिमोट हैं। 140 करोड़ देशवासियों के सपने, 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाएं और देश के नौजवानों के संकल्प, इनके लिए हम जीते हैं, इनके लिए सरकार चलाते हैं। इस बयान पर सदन में जोरदार ठहाके लगे और सत्ता पक्ष की बेंचों से जबरदस्त तालियां बजीं।
सत्ता सेवा का माध्यम है, सुख का रास्ता नहीं
PM Modi Rajya Sabha Speech के अंत में प्रधानमंत्री ने एक बेहद प्रभावशाली बात कही जो उनके पूरे भाषण का सार थी। उन्होंने कहा कि सत्ता हमारे लिए सुख का रास्ता नहीं है, सत्ता हमारे लिए सेवा का माध्यम है। यह बयान PM मोदी की उस छवि को और मजबूत करता है जिसमें वह खुद को जनता का सेवक बताते हैं।
प्रधानमंत्री का यह भाषण विदाई के भावुक माहौल और तीखी राजनीतिक टिप्पणियों का अनूठा मिश्रण था। एक तरफ उन्होंने विपक्ष के दिग्गज नेताओं की दिल खोलकर तारीफ की तो दूसरी तरफ विपक्ष की नीतियों और नारों पर करारा प्रहार भी किया। राज्यसभा में यह सत्र लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- PM मोदी ने राज्यसभा से विदा हो रहे 37 सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता और रिटायर होने वाले सांसद अब नई जिम्मेदारियों के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
- प्रधानमंत्री ने पूर्व PM देवगौड़ा, कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और शरद पवार की खुलकर तारीफ की और नए सांसदों को उनसे सीखने की सलाह दी।
- विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “मोहब्बत की दुकान का साइनबोर्ड लगाते हैं लेकिन नफरत फैलाते हैं” और “140 करोड़ देशवासी मेरा रिमोट हैं।”
- PM मोदी ने कहा कि सत्ता सेवा का माध्यम है, सुख का रास्ता नहीं, यह बयान उनके पूरे भाषण का सबसे प्रभावशाली हिस्सा रहा।








