PM Modi on Ease of Doing Business: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक महत्वपूर्ण संबोधन में कहा कि 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है और अब देश अपनी विकास यात्रा के एक बेहद अहम पड़ाव पर खड़ा है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने असाधारण लचीलापन (रेजिलियंस) दिखाया है, जो दृढ़ विश्वास से प्रेरित सुधारों (कन्विक्शन ड्रिवन रिफॉर्म्स) का नतीजा है। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने प्रक्रियाओं को सरल बनाया, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर किया और टेक्नोलॉजी आधारित गवर्नेंस का विस्तार किया।
उन्होंने कहा, “हमने प्रोसेस को सरल किया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाया है। टेक्नोलॉजी लेड गवर्नेंस का विस्तार किया है। इंस्टीट्यूशंस को मजबूत किया है। और आज भी यह देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है।” पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि सुधारों की रफ्तार को बनाए रखना होगा और इसके लिए नीतिगत इरादों (पॉलिसी इंटेंट) के साथ-साथ डिलीवरी एक्सीलेंस पर भी फोकस करना होगा।
सुधारों का मूल्यांकन जमीनी प्रभाव से होगा
प्रधानमंत्री ने कहा कि सुधारों का मूल्यांकन सिर्फ घोषणाओं से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर उनके प्रभाव से होना चाहिए। उन्होंने कहा, “रिफॉर्म्स का मूल्यांकन घोषणा से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर उनके प्रभाव से होना चाहिए।” यह बयान सरकार की उस मंशा को दिखाता है कि वह नीतियों को सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर उतारकर उसके नतीजे देखना चाहती है।
उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) , ब्लॉकचेन और डेटा एनालिटिक्स का व्यापक उपयोग करके शासन व्यवस्था में पारदर्शिता (ट्रांसपेरेंसी), गति (स्पीड) और जवाबदेही (अकाउंटेबिलिटी) बढ़ानी होगी। साथ ही, शिकायत निवारण प्रणाली (ग्रीवेंस रिड्रेस सिस्टम) को और मजबूत करना होगा, ताकि आम जनता को इसका ठोस लाभ मिल सके।
रेजिलियंस कैसे आया?
पीएम मोदी ने भारत के असाधारण लचीलेपन (रेजिलियंस) के पीछे के कारणों को भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यह रेजिलियंस संयोग से नहीं आया, बल्कि यह कन्विक्शन ड्रिवन रिफॉर्म्स (दृढ़ विश्वास से किए गए सुधारों) की देन है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पिछले एक दशक में लगातार सुधारों की प्रक्रिया जारी रखी, चाहे वह आर्थिक क्षेत्र हो या सामाजिक क्षेत्र।
उन्होंने कहा कि दुनिया भर में जब कोविड जैसी महामारी ने अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित किया, तब भी भारत ने मजबूती दिखाई। यह सुधारों का ही परिणाम था कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहा। उन्होंने कहा, “अब हम देश की विकास यात्रा के एक महत्वपूर्ण समय में हैं। यह वह समय है जब हमारी अर्थव्यवस्था तेज़ गति से आगे बढ़ रही है।”
रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार देश
प्रधानमंत्री ने एक नया शब्द दिया – “रिफॉर्म एक्सप्रेस”। उन्होंने कहा कि देश आज रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है और इस एक्सप्रेस की रफ्तार को बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हमें इस मोमेंटम को बनाए रखने के लिए न केवल पॉलिसी इंटेंट पर ध्यान देना है, बल्कि डिलीवरी एक्सीलेंस पर भी फोकस करना है।
उनका यह बयान उस समय आया है जब सरकार लगातार व्यापार सुधारों, श्रम कानूनों में बदलाव और डिजिटल इंडिया मिशन पर काम कर रही है। पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी लेड गवर्नेंस ने देश में पारदर्शिता बढ़ाई है और भ्रष्टाचार में कमी लाई है।
21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीता
अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने कहा, “21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। अगर आप अपने जीवन के सेवा में सोचें तो आपके जीवन का बहुत अच्छा, महत्वपूर्ण कालखंड बीत चुका है।” उन्होंने कहा कि अब हम देश की विकास यात्रा के एक महत्वपूर्ण समय में हैं और यह समय बड़े फैसले लेने और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का है।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने जो रेजिलियंस दिखाया है, वह दूसरे देशों के लिए मिसाल है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत को और मजबूत बनाने के लिए हमें मिलकर काम करना होगा और सुधारों की इस प्रक्रिया को जारी रखना होगा।
‘जानें पूरा मामला’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संबोधन एक पोस्ट-बजट वेबिनार या किसी आर्थिक कार्यक्रम का हिस्सा हो सकता है, जहां वह देश के आर्थिक एजेंडे और सुधारों की दिशा पर प्रकाश डाल रहे थे। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं, जैसे जीएसटी का कार्यान्वयन, इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती और श्रम कानूनों में सुधार। इन सुधारों का मकसद देश में कारोबारी माहौल को बेहतर बनाना और विदेशी निवेश को आकर्षित करना है। पीएम मोदी के इस बयान से यह संकेत मिलता है कि सरकार सुधारों की गति को और तेज करना चाहती है और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके शासन को और अधिक पारदर्शी बनाना चाहती है।
मुख्य बातें (Key Points)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है, अब देश विकास यात्रा के महत्वपूर्ण समय में है।
पिछले एक दशक में भारत ने असाधारण लचीलापन (रेजिलियंस) दिखाया है, जो सुधारों (रिफॉर्म्स) का नतीजा है।
सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाया, टेक्नोलॉजी लेड गवर्नेंस का विस्तार किया और संस्थानों को मजबूत किया।
पीएम मोदी ने कहा कि आज देश ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार है, इस मोमेंटम को बनाए रखना होगा।
रिफॉर्म्स का मूल्यांकन घोषणा से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर उनके प्रभाव से होना चाहिए।








