PM Modi Budget Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘विकसित भारत के लिए टेक्नोलॉजी, सुधार और फाइनेंस’ विषय पर आयोजित पोस्ट बजट वेबिनार को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बजट को लेकर एक अहम बयान दिया और कहा कि राष्ट्रीय बजट को महज एक अल्पकालिक व्यापारिक दस्तावेज़ के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि बजट की प्रभावशीलता का आकलन भी ठोस मानकों पर किया जाना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा, “बीते कुछ वर्षों में बजट वेबिनार की एक मजबूत परंपरा बन गई है। अक्सर बजट का आकलन अलग-अलग मानकों पर किया जाता है, कभी स्टॉक मार्केट की चाल पर बात होती है, कभी आयकर प्रस्तावों पर चर्चा केंद्रित हो जाती है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह देखने का सही तरीका नहीं है।
बजट सिर्फ स्टॉक मार्केट का खेल नहीं
प्रधानमंत्री ने कहा, “सच्चाई यह है कि राष्ट्रीय बजट कोई अल्पकालिक व्यापारिक दस्तावेज़ नहीं होता। बजट की प्रभावशीलता का आकलन भी ठोस मानकों पर किया जाना चाहिए।” उन्होंने उन नीतियों पर जोर दिया जो देश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती देती हैं। पीएम मोदी ने कहा, “ऐसी नीतियां जो इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करें, क्रेडिट के प्रवाह को आसान बनाएं, जो शासन में पारदर्शिता बढ़ाएं, जनता का जीवन आसान बनाएं, नए अवसर बनाएं, बजट में इससे जुड़े निर्णय ही अर्थव्यवस्था को स्थाई मजबूती देते हैं।”
वेबिनार की परंपरा से बढ़ रही है सहभागिता
पीएम मोदी ने बजट पर चर्चा के लिए वेबिनार आयोजित करने की परंपरा को भी सराहा। उन्होंने कहा कि इससे विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, उद्योगपतियों और नीति निर्माताओं के बीच सीधा संवाद होता है और बजट के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि इस बार के बजट में ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कई अहम फैसले लिए गए हैं, जिन्हें जमीन पर उतारने के लिए सभी हितधारकों की भागीदारी जरूरी है।
टेक्नोलॉजी, सुधार और फाइनेंस पर फोकस
इस वेबिनार की थीम ‘विकसित भारत के लिए टेक्नोलॉजी, सुधार और फाइनेंस’ रखी गई थी। पीएम मोदी ने कहा कि इन तीनों स्तंभों को मजबूत किए बिना विकसित भारत का सपना साकार नहीं हो सकता। उन्होंने टेक्नोलॉजी को आधुनिक भारत की रीढ़ बताया और कहा कि सुधारों की गति को लगातार बनाए रखना होगा। वित्त (फाइनेंस) के क्षेत्र में उन्होंने क्रेडिट तक पहुंच और वित्तीय समावेशन को और बढ़ाने पर जोर दिया।
बजट की असली ताकत क्या है?
प्रधानमंत्री का यह बयान उस माहौल में आया है जहां अक्सर बजट के तुरंत बाद शेयर बाजार की प्रतिक्रिया और आयकर स्लैब में बदलाव को ही बजट की सफलता का पैमाना बना दिया जाता है। पीएम मोदी ने इस संकीर्ण दृष्टिकोण से हटकर बजट को दीर्घकालिक विकास के रोडमैप के रूप में देखने पर जोर दिया है। उनकी बात से साफ है कि सरकार बजट को एक व्यापक आर्थिक योजना के रूप में देखती है, जिसका मकसद अगले 25 वर्षों में भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश, कर्ज की उपलब्धता बढ़ाना और प्रशासनिक सुधारों से लंबे समय में रोजगार के अवसर सृजित होंगे और अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत होगी, भले ही इसके तुरंत परिणाम शेयर बाजार में न दिखें।
मुख्य बातें (Key Points)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘विकसित भारत के लिए टेक्नोलॉजी, सुधार और फाइनेंस’ विषय पर पोस्ट बजट वेबिनार को संबोधित किया।
पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय बजट कोई अल्पकालिक व्यापारिक दस्तावेज़ नहीं है, इसे स्टॉक मार्केट की चाल से नहीं आंकना चाहिए।
बजट की प्रभावशीलता का आकलन ठोस मानकों पर किया जाना चाहिए: जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, क्रेडिट प्रवाह, पारदर्शिता और नए अवसर।
उन्होंने कहा कि बजट से जुड़े दीर्घकालिक निर्णय ही अर्थव्यवस्था को स्थाई मजबूती देते हैं।
पीएम मोदी ने टेक्नोलॉजी, सुधार और फाइनेंस को विकसित भारत के तीन अहम स्तंभ बताया।








