PM Kisan 22वीं किस्त: बिहार के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य में फार्मर आईडी (Farmer ID) नहीं बनने के बावजूद किसी भी पात्र किसान की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) की राशि नहीं रोकी जाएगी। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव के हवाले से बिहार कृषि विभाग ने यह जानकारी दी है। इस घोषणा के बाद मुजफ्फरपुर समेत पूरे प्रदेश के उन किसानों ने राहत की सांस ली, जो तकनीकी या दूसरी अड़चनों के चलते अब तक फार्मर आईडी नहीं बनवा पाए हैं। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि आखिर पीएम किसान की 22वीं किस्त (22nd Installment) कब तक खाते में आएगी।
क्यों जरूरी है फार्मर आईडी और क्या है समस्या?
बिहार में फार्मर आईडी बनाने के लिए अभियान चल रहा है, लेकिन अब तक बड़ी संख्या में किसानों की आईडी नहीं बन पाई है। जमाबंदी में नाम दर्ज नहीं होना, बंटवारा नामा का अभाव, नामांतरण से जुड़ी अड़चनें और तकनीकी कारणों के चलते कई रैयत किसान फार्मर आईडी नहीं बनवा पा रहे थे। इसी वजह से उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से वंचित होने की चिंता सताने लगी थी।
बिहार सरकार का बड़ा ऐलान: बिना आईडी भी मिलेगा लाभ
किसानों की इस चिंता को दूर करते हुए बिहार सरकार ने साफ कर दिया है कि फार्मर आईडी नहीं होने की वजह से किसी भी पात्र किसान की पीएम किसान की राशि नहीं रोकी जाएगी। कृषि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार की ओर से हर तीन महीने पर ₹2000 की पीएम किसान सम्मान निधि मिलती रहेगी। हालांकि, विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए फार्मर आईडी बनवाना बेहद जरूरी होगा। कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 45 लाख किसानों की फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी है और शेष किसानों के लिए प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
22वीं किस्त कब आएगी? जानें संभावित तारीख
किसानों को अब बेसब्री से इंतजार है कि आखिर उनके खाते में 22वीं किस्त का पैसा कब आएगा। अभी तक केंद्र सरकार की तरफ से आधिकारिक तारीख का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक मार्च के पहले हफ्ते में ₹2000 की किश्त किसानों के खाते में पहुंच सकती है। आमतौर पर पीएम किसान की किस्तें अप्रैल, अगस्त और दिसंबर में आती हैं, लेकिन इस बार तारीख को लेकर असमंजस बना हुआ है।
जननायक किसान सम्मान योजना: अतिरिक्त ₹1000 की मदद
बिहार सरकार ने पीएम किसान के अलावा राज्य स्तरीय जननायक किसान सम्मान योजना की भी शुरुआत की है। इसके तहत पात्र किसानों को हर तिमाही ₹1000 की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी। इस फैसले को किसानों की आर्थिक मजबूती की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
फार्मर आईडी के अन्य फायदे
फार्मर आईडी बनने से किसानों को सिर्फ पीएम किसान ही नहीं, बल्कि अलग-अलग सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी सहूलियत होगी। इससे 10 से 15 मिनट में केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) लोन जैसी सुविधाएं भी उन्हें आसानी से मिल सकेंगी।
मुख्य बातें (Key Points)
बिहार में बिना फार्मर आईडी के भी पीएम किसान की राशि मिलती रहेगी, रोकी नहीं जाएगी।
राज्य में अब तक 45 लाख किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, बाकी के लिए प्रक्रिया तेज।
पीएम किसान की 22वीं किस्त मार्च 2026 के पहले हफ्ते में आने की संभावना।
बिहार सरकार की जननायक किसान सम्मान योजना से हर तिमाही अतिरिक्त ₹1000 मिलेंगे।
फार्मर आईडी से केसीसी लोन और अन्य योजनाओं का लाभ लेना आसान होगा।








