PM Kisan Nidhi Yojana 22nd Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) के तहत उत्तर प्रदेश के करीब 19 लाख किसानों को बड़ा झटका लगा है। इन सभी किसानों की अगली यानी 22वीं किस्त पर रोक लगा दी गई है। इस सूची में मेरठ (Meerut) जिले के अकेले 16,696 किसान शामिल हैं। यह कार्रवाई उन किसानों के खिलाफ की गई है, जिनके द्वारा योजना में दर्ज कराई गई जानकारी अपूर्ण या त्रुटिपूर्ण पाई गई है।
यह योजना 1 फरवरी 2019 से शुरू की गई थी, जिसके तहत छोटे और सीमांत किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है। अब तक 21 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और 22वीं किस्त आनी बाकी है। मेरठ जिले में पहली किस्त के समय लाभार्थियों की संख्या 2,68,843 थी, जो धीरे-धीरे घटकर नवंबर में 21वीं किस्त के समय 75,764 रह गई थी।
क्यों रोकी गई 22वीं किस्त?
जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार सिंह (Rajeev Kumar Singh) ने बताया कि जिन किसान परिवारों की सूचनाएं सम्मान निधि योजना के तहत मांगी गई जानकारी के अनुरूप नहीं हैं, उन्हें अगली किस्त नहीं दी जाएगी। मुख्य रूप से तीन प्रकार की त्रुटियां पाई गई हैं:
विरासत में मिली जमीन का गलत विवरण: जिन किसानों ने विरासत में मिली कृषि जमीन का सही विवरण पंजीकरण के समय दर्ज नहीं कराया था। ऐसे किसानों की संख्या 3,000 से अधिक है।
पूर्व और वर्तमान मालिक दोनों का लाभ लेना: कई ऐसे परिवार पाए गए जहां एक ही भूमि के पूर्व और वर्तमान मालिक दोनों योजना का लाभ प्राप्त कर रहे थे। यह स्थिति भी अनियमित पाई गई।
1 फरवरी 2019 के बाद अतिरिक्त भूमि प्राप्त करना: 1 फरवरी 2019 के बाद कुछ लाभार्थी किसानों को विरासत के अतिरिक्त अन्य स्रोतों से भी भूमि प्राप्त हुई थी, जिसका सही विवरण भी नहीं दिया गया। ऐसे किसानों की संख्या 2,000 से अधिक है।
क्या है अपूर्ण विवरण को सही करने की व्यवस्था?
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि मेरठ के 16,696 किसानों के सम्मान निधि रोके जाने के संबंध में कृषि विभाग के अलावा जिले के जनसेवा केंद्रों को भी पत्र जारी कर दिया गया है। इस अपूर्ण विवरण को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने PM किसान पोर्टल (PM Kisan Portal) पर एक नई व्यवस्था की है। अब किसान पोर्टल पर ‘पब्लिक डोमेन’ में ‘अपडेट मिसिंग इंफॉर्मेशन’ के अंतर्गत जाकर वांछित दस्तावेजों को अपलोड कर सकते हैं। हालांकि, जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक इन किसानों की 22वीं किस्त रुकी रहेगी।
मेरठ जिले के आंकड़े क्या कहते हैं?
मेरठ जिले में पीएम किसान योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या में लगातार गिरावट देखी जा रही है। पहली किस्त के समय 2,68,843 लाभार्थी थे, जो नवंबर 2025 में 21वीं किस्त के समय घटकर 75,764 रह गए। अब 22वीं किस्त के लिए 16,696 और किसानों पर रोक लगने से यह संख्या और कम हो जाएगी। यह स्थिति सरकार की ओर से लगातार चल रहे सत्यापन अभियान और डेटा को साफ करने की प्रक्रिया का परिणाम है।
विश्लेषण: क्यों जरूरी है डेटा की सफाई?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का उद्देश्य छोटे किसानों की आय बढ़ाना है, लेकिन अगर इसका लाभ अपात्र लोग उठा रहे हों तो यह मकसद पूरा नहीं हो पाता। सरकार लगातार डेटा की सफाई (डेटा क्लींजिंग) का अभियान चला रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सिर्फ पात्र किसानों तक ही लाभ पहुंचे। विरासत और भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी ये समस्याएं ग्रामीण भारत में आम हैं, लेकिन डिजिटलाइजेशन के इस दौर में इनका समाधान निकालना जरूरी है। इस प्रक्रिया से फिलहाल कुछ किसानों को झटका जरूर लगा है, लेकिन लंबे समय में यह योजना को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने नजदीकी किसान सहायता केंद्र या जनसेवा केंद्र पर जाकर अपना डेटा तुरंत सही कराएं, ताकि अगली किस्तों के लिए पात्र बने रहें।
मुख्य बातें (Key Points)
PM Kisan Yojana (PM Kisan Yojana) के तहत यूपी के 19 लाख किसानों की 22वीं किस्त रोकी गई, मेरठ के 16,696 किसान प्रभावित।
रोक का कारण: विरासत में मिली जमीन का गलत विवरण, एक ही जमीन के पूर्व-वर्तमान मालिक दोनों का लाभ लेना।
योजना शुरू (2019) के बाद अन्य स्रोतों से अतिरिक्त जमीन मिलने की जानकारी न देना भी बड़ी वजह।
अपूर्ण डेटा सही करने के लिए पीएम किसान पोर्टल पर नई व्यवस्था शुरू।
मेरठ में पहली किस्त के समय 2.68 लाख लाभार्थी थे, जो 21वीं किस्त में घटकर 75,764 रह गए।








