PM Awas Yojana : प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत चल रहे सर्वेक्षण और सत्यापन कार्य की समय-सीमा बढ़ा दी गई है, जिससे हजारों लाभुकों की स्थिति अधर में आ गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत जिले में प्रतीक्षा सूची से छूटे पात्र परिवारों की पहचान के लिए आवास प्लस पोर्टल के जरिए व्यापक सर्वे कराया जा रहा है। पहले यह प्रक्रिया 15 जनवरी 2026 तक पूरी होनी थी, लेकिन लक्ष्य पूरा न होने के कारण अब इसकी अंतिम तिथि 29 जनवरी 2026 तय की गई है।
क्यों बढ़ाई गई सर्वे की समय-सीमा
जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के अनुसार, तय समय तक सभी लाभुकों का सत्यापन पूरा नहीं हो सका। उपलब्ध आंकड़ों में अपेक्षित प्रगति न होने को देखते हुए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सत्यापन की अवधि बढ़ाने का फैसला किया। विभाग का लक्ष्य है कि विस्तारित समय में सभी सर्वेक्षित परिवारों का शत-प्रतिशत सत्यापन पूरा हो जाए, ताकि पात्र लोगों को योजना का लाभ मिल सके।
अब तक कितने परिवारों का हुआ सर्वे
डीआरडीए के मुताबिक जिले में अब तक 1,88,582 परिवारों का सर्वे पूरा किया जा चुका है। कुल 29,104 परिवारों का सर्वे किया जाना है, जिनमें से अभी 4,421 परिवारों का सत्यापन शेष है। अधिकारियों का कहना है कि बचे हुए परिवारों का सर्वे भी 29 जनवरी तक अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाएगा।
नाम जोड़ने–काटने को लेकर बढ़ी शिकायतें
सर्वे सूची को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। कई लाभुकों ने आरोप लगाया है कि सर्वे कर्मियों ने उनके नाम सूची में शामिल नहीं किए। इस संबंध में उप विकास आयुक्त के पास आवेदन दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, सभी शिकायतों की जांच की जा रही है और जो परिवार पात्र पाए जाएंगे, उनके नाम सूची में जोड़े जाएंगे।
29 जनवरी के बाद चलेगा सख़्त जांच अभियान
डीआरडीए ने साफ किया है कि 29 जनवरी के बाद जिले की सभी पंचायतों में सर्वे सूची की व्यापक जांच की जाएगी। इस दौरान हर लाभुक की पात्रता दोबारा परखी जाएगी। जांच में जो भी परिवार योजना के तय मापदंडों पर खरा नहीं उतरेगा, उसका नाम सूची से काट दिया जाएगा।
कौन होंगे योजना से अपात्र
योजना के तहत स्पष्ट मापदंड तय हैं। जिन परिवारों के पास पहले से पक्का मकान है, वे अपात्र माने जाएंगे। इसके अलावा मोटरयुक्त तिपहिया या चौपहिया वाहन, मशीनी कृषि उपकरण रखने वाले परिवार और जिन किसानों के पास तय सीमा या उससे अधिक ऋण वाला किसान क्रेडिट कार्ड है, वे भी इस योजना के लाभ से वंचित रहेंगे।
आम लोगों पर असर
इस प्रक्रिया का सीधा असर उन परिवारों पर पड़ेगा जो लंबे समय से पीएम आवास योजना की क़िस्त और घर मिलने का इंतजार कर रहे हैं। सत्यापन के बाद ही तय होगा कि किसे लाभ मिलेगा और किसका नाम सूची से बाहर होगा।
क्या है पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को पक्का आवास देना है। सही लाभुकों तक योजना पहुंचाने के लिए सरकार समय-समय पर सर्वे और सत्यापन कराती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पीएम आवास योजना ग्रामीण के सर्वे की डेडलाइन 29 जनवरी 2026 तक बढ़ी।
- जिले में अब तक 1.88 लाख से अधिक परिवारों का सर्वे पूरा।
- 29 जनवरी के बाद सभी पंचायतों में सख़्त जांच अभियान।
- अपात्र पाए जाने पर लाभुकों के नाम सूची से काटे जाएंगे।








