Patna NEET Student Death Case : पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही जहानाबाद की एक छात्रा की मौत का मामला अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। SIT की जांच में एक ऐसा सबूत हाथ लगा है जो छात्रा की मानसिक स्थिति और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ रहा है। 6 जनवरी को बेहोश मिली छात्रा की 11 जनवरी को मौत हो गई थी, और अब जांच में सामने आया है कि उसने 26 दिसंबर को जहानाबाद से एंटी-डिप्रेशन दवाओं की छह स्ट्रिप खरीदी थीं।
हॉस्टल के कमरे से मिली दवाओं की खाली स्ट्रिप्स ने बदली जांच की दिशा
जांच में जो सबसे बड़ा मोड़ आया है, वो है छात्रा के हॉस्टल रूम से बरामद दवाओं की खाली स्ट्रिप्स। फोरेंसिक टीम ने इन स्ट्रिप्स के बैच नंबर की जांच की और पता चला कि ये एंटी-डिप्रेशन दवाएं 26 दिसंबर को जहानाबाद की एक मेडिकल दुकान से खरीदी गई थीं।
मेडिकल दुकानदार ने भी इस खरीददारी की पुष्टि कर दी है। SIT का मानना है कि छात्रा गंभीर मानसिक तनाव और डिप्रेशन से गुजर रही थी। लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या ये दवाइयां किसी डॉक्टर की पर्ची पर ली गई थीं या छात्रा ने खुद से इनका सेवन शुरू किया था।
पुलिस अब उस डॉक्टर की तलाश में जुटी है जिसने संभवतः ये दवाइयां लिखी हों। यह भी जांच का विषय है कि क्या वास्तव में किसी डॉक्टर ने ये दवाइयां प्रिस्क्राइब की थीं या नहीं।
26 दिसंबर को परिजन स्कॉर्पियो से लेने आए थे पटना
सूत्रों के मुताबिक, 26 दिसंबर को छात्रा के परिजन उसे लेने जहानाबाद की रॉयल स्कॉर्पियो से पटना आए थे। उसी दौरान छात्रा जहानाबाद भी गई थी और वहीं से उसने ये दवाइयां खरीदी थीं।
अब SIT परिजनों से विस्तृत पूछताछ की तैयारी में है। जांच एजेंसियां यह जानना चाहती हैं कि क्या परिजनों को छात्रा की मानसिक स्थिति की जानकारी थी? क्या उन्हें एंटी-डिप्रेशन दवाओं के सेवन की भनक थी? और क्या इन हालातों का 6 जनवरी की घटना से कोई सीधा संबंध है?
बैच नंबर की जांच बनी टर्निंग पॉइंट
इस पूरे केस में बैच नंबर की जांच एक टर्निंग पॉइंट साबित हो रही है। हॉस्टल से मिली दवाओं की खाली स्ट्रिप्स के बैच नंबर के जरिए जहानाबाद की दुकान तक पहुंचने के बाद जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई है।
अब SIT छात्रा के मोबाइल डाटा, कॉल डिटेल्स, हॉस्टल के CCTV फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट्स को आपस में जोड़कर मौत की असली वजह तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। टीम हर संभव एंगल से केस की जांच कर रही है।
पूरा मामला: कब-कब क्या हुआ
6 जनवरी को छात्रा अपने हॉस्टल रूम में बेहोशी की हालत में मिली थी। पहले उसे कंकड़बाग के सहज अस्पताल में भर्ती कराया गया और फिर प्रभात मेमोरियल अस्पताल में शिफ्ट किया गया। इलाज के दौरान उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और 11 जनवरी को छात्रा की मौत हो गई।
शुरुआती दौर में पुलिस ने डॉक्टरों के बयान और प्राथमिक जांच के आधार पर यौन हिंसा से इनकार कर दिया था। लेकिन जब PMCH मेडिकल बोर्ड की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई, तो उसमें चोटों और यौन उत्पीड़न के संकेत मिले, जिससे पूरा मामला पलट गया।
इसके बाद पुलिस को सेकंड ओपिनियन लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। अब SIT को AIIMS की रिपोर्ट का इंतजार है, जो इस केस की कुंजी मानी जा रही है।
DGP के निर्देश पर गठित हुई SIT
मामले की गंभीरता को देखते हुए DGP के निर्देश पर IG जितेंद्र राणा के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया है। टीम ने जांच का दायरा व्यापक करते हुए पटना से लेकर जहानाबाद तक पूरी पड़ताल शुरू कर दी है।
SIT की टीम लगातार दिन-रात जुटी हुई है। 17 जनवरी को ADG रेंज, IG और SP सहित SIT के सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे और सभी पहलुओं की जांच की।
महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान, सभी गर्ल्स हॉस्टल की मांगी जानकारी
यह मामला सिर्फ पुलिस जांच तक ही सीमित नहीं रहा। बिहार राज्य महिला आयोग ने इस केस में पूरी तरह दखल दे दिया है। आयोग ने पटना के DM को पत्र लिखकर राजधानी में संचालित सभी गर्ल्स हॉस्टल की पूरी जानकारी मांग ली है।
महिला आयोग ने हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था, उनके रहने की सुविधा, वार्डन और प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारियों का ब्यौरा एक हफ्ते के अंदर मांगा है। यह कदम छात्राओं की सुरक्षा को लेकर उठाया गया एक महत्वपूर्ण फैसला है।
सड़कों पर विरोध प्रदर्शन जारी, विपक्ष ने साधा निशाना
छात्रा की मौत को लेकर सड़कों पर विरोध प्रदर्शन भी जारी है। 12 जनवरी को शव को कारगिल चौक पर रखकर जोरदार प्रदर्शन किया गया था। विपक्षी दल लगातार सरकार पर हमलावर हैं और कानून व्यवस्था तथा छात्राओं की सुरक्षा में विफलता का आरोप लगा रहे हैं।
विपक्ष का कहना है कि यह मामला सिस्टम की पूरी विफलता को दर्शाता है। NEET जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी कर रही छात्राओं को सुरक्षित माहौल देना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन यह केस उस जिम्मेदारी में बड़ी चूक को उजागर करता है।
15 जनवरी को गर्ल्स हॉस्टल मालिक गिरफ्तार, गृह मंत्री ने लिया संज्ञान
15 जनवरी को पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आई तमाम जानकारियां दीं और उसी दिन गर्ल्स हॉस्टल के मालिक को गिरफ्तार भी किया गया। 16 जनवरी को गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस मामले का संज्ञान लिया और तेज जांच के निर्देश दिए।
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी और साक्ष्य के आधार पर जो भी कार्रवाई होगी, वह की जाएगी।
घटनाओं की पूरी टाइमलाइन
- 5 जनवरी: छात्रा गांव से चित्रगुप्त नगर स्थित हॉस्टल लौटी
- 6 जनवरी: बेहोशी की हालत में निजी अस्पताल में भर्ती
- 11 जनवरी: निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत
- 11 जनवरी: डॉक्टरों के बयान पर पुलिस ने कहा कि यौन शोषण की पुष्टि नहीं
- 12 जनवरी: PMCH में मेडिकल बोर्ड गठन और पोस्टमॉर्टम
- 12 जनवरी: शव को कारगिल चौक पर रखकर प्रदर्शन
- 15 जनवरी: पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की जानकारी दी
- 15 जनवरी: गर्ल्स हॉस्टल मालिक गिरफ्तार
- 16 जनवरी: गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने संज्ञान लिया
- 16 जनवरी: DGP के आदेश पर SIT गठित
- 17 जनवरी: SIT टीम घटनास्थल पर पहुंची
AIIMS की रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजरें
फिलहाल पूरे मामले की कुंजी AIIMS की रिपोर्ट में ही मानी जा रही है। इसी रिपोर्ट से यह तय होगा कि छात्रा की मौत आत्महत्या थी, मेडिकल ओवरडोज का कारण थी, लापरवाही थी या फिर किसी गंभीर अपराध का नतीजा थी।
SIT की टीम मोबाइल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य और अस्पताल की पूछताछ को आपस में जोड़कर सच तक पहुंचने की पूरी कोशिश में लगी है। हर एंगल से जांच की जा रही है और साक्ष्य के साथ ही कार्रवाई की जाएगी।
छात्राओं की सुरक्षा और हॉस्टल सिस्टम की परीक्षा
NEET छात्रा की मौत अब सिर्फ एक केस नहीं बल्कि छात्राओं की सुरक्षा, हॉस्टल सिस्टम और जांच एजेंसियों की विश्वसनीयता की परीक्षा बनती हुई नजर आ रही है।
यह मामला पूरे देश में NEET की तैयारी करने वाली छात्राओं और उनके परिजनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। सवाल यही है कि क्या सच्चाई पूरी तरह सामने आएगी या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
मुख्य बातें (Key Points)
- जहानाबाद की NEET छात्रा ने 26 दिसंबर को एंटी-डिप्रेशन दवाओं की छह स्ट्रिप खरीदी थीं
- हॉस्टल रूम से मिली खाली स्ट्रिप्स के बैच नंबर से जांच में अहम मोड़ आया
- IG जितेंद्र राणा के नेतृत्व में SIT गठित, पटना से जहानाबाद तक जांच जारी
- PMCH की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चोटों और यौन उत्पीड़न के संकेत मिले
- बिहार राज्य महिला आयोग ने सभी गर्ल्स हॉस्टल की जानकारी मांगी
- AIIMS की रिपोर्ट से तय होगी मौत की असली वजह








