Patna Emergency Siren Test को लेकर राजधानी के लोगों में एक तरह की घबराहट दिख रही है, लेकिन इसकी सीधी वजह साफ कर दी गई है। अगर आप पटना में रहते हैं और मंगलवार दोपहर अचानक सायरन की तेज आवाज सुनाई दे, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ना कोई हमला हुआ है, ना कोई आपदा आई है।
दरअसल, नागरिक सुरक्षा निदेशालय की ओर से राजधानी में नए आपातकालीन सायरन सिस्टम का तकनीकी परीक्षण होने जा रहा है। यह परीक्षण मंगलवार को दोपहर 1:00 बजे से 2:00 बजे के बीच किया जाएगा।
🔍 यह भी पढ़ें- बड़ी सुविधा: Patna में Ration Shop, Anganwadi पर बनेगा Abha Card, DM का आदेश
‘2 से 3 किमी तक गूंजेगी आवाज, लेकिन डरने की जरूरत नहीं’
और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी। टेस्ट के दौरान अलग-अलग तरह की सायरन बजेंगी और इनकी आवाज करीब 2 से 3 किलोमीटर के दायरे तक सुनाई दे सकती है। अगर गौर करें तो यह सिस्टम न्यू पुनाईच स्थित नागरिक सुरक्षा निदेशालय के नियंत्रण कक्ष में स्थापित किया गया है।
सबसे जरूरी बात यह है कि अगर आपको इस दौरान सायरन सुनाई देता है, तो इसे किसी वास्तविक खतरे का संकेत बिल्कुल न समझें। इसका किसी हवाई हमले, आगजनी, बाढ़ या भूकंप से कोई संबंध नहीं है। निदेशालय ने साफ किया है कि यह केवल एक तकनीकी परीक्षण है।
क्यों पड़ी इस नए सिस्टम की जरूरत?
समझने वाली बात है कि आखिर इस नए सायरन सिस्टम की जरूरत क्यों पड़ी? दरअसल, आपातकालीन स्थिति में लोगों तक कम से कम समय में जरूरी सूचना पहुंचाने के लिए नए सिरे से सायरन सिस्टम स्थापित करने की योजना है। पटना में इसे फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर टेस्ट किया जा रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि इस सिस्टम की खासियत यह है कि इससे सिर्फ सायरन की आवाज ही नहीं, बल्कि अलग-अलग परिस्थितियों के लिए अलग-अलग तरह के सिग्नल दिए जा सकते हैं। इस सिस्टम से करीब आठ से नौ तरह की अलग-अलग आवाजें निकल सकती हैं। यानी अलग-अलग आपात स्थितियों के लिए अलग-अलग सायरन पैटर्न इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
जानें पूरा मामला
पटना में मंगलवार दोपहर 1 से 2 बजे नए आपातकालीन सायरन सिस्टम का टेस्ट होगा। यह नागरिक सुरक्षा निदेशालय का पायलट प्रोजेक्ट है। सायरन की आवाज 2-3 किमी तक सुनाई देगी, लेकिन यह किसी असली आपदा का संकेत नहीं है। लोगों से अपील है कि वे घबराएं नहीं और ना ही कोई अफवाह फैलाएं।
मुख्य बातें (Key Points)
- पटना में मंगलवार दोपहर 1 से 2 बजे नए आपातकालीन सायरन सिस्टम का टेस्ट होगा।
- सायरन की आवाज 2 से 3 किलोमीटर के दायरे तक सुनाई देगी।
- यह कोई वास्तविक खतरा नहीं है, बल्कि नागरिक सुरक्षा निदेशालय का तकनीकी परीक्षण है।
- इस सिस्टम से 8 से 9 तरह की अलग-अलग आपातकालीन आवाजें निकल सकती हैं।













