Parliament Winter Session 2025 दिल्ली की कड़ाके की सर्दी के बीच देश का सियासी पारा अचानक चढ़ने वाला है। सोमवार, 1 दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र का आगाज हंगामेदार होने के पूरे आसार हैं। सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले, रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में ही विपक्ष ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं कि इस बार मोदी सरकार के लिए सदन की राह आसान नहीं होगी।
‘संसद में संग्राम के लिए विपक्ष तैयार’
रविवार, 30 नवंबर को हुई सर्वदलीय बैठक में पक्ष और विपक्ष के बीच आगामी सत्र की रूपरेखा पर चर्चा हुई, लेकिन यह चर्चा शांतिपूर्ण से ज्यादा रणनीतिक रही। विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वे सरकार से तीखे सवाल पूछेंगे और हमलावर रुख अपनाएंगे।
बैठक के दौरान विपक्षी नेताओं ने एक सुर में कहा कि वे सदन की कार्यवाही में सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन शर्त यह है कि सत्ता पक्ष भी विपक्ष को अपनी बात रखने दे। तृणमूल कांग्रेस के नेता कल्याण बनर्जी ने दो टूक कहा कि सहयोग तभी मिलेगा जब सत्ता पक्ष भी सहयोग करेगा। वहीं, माकपा नेता जॉन ब्रिटास ने चेतावनी दी कि अगर संसद बाधित होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
‘विपक्ष के तरकश में ये 6 बड़े मुद्दे’
विपक्ष इस बार पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरा है। गोगोई ने विपक्ष की ओर से छह प्रमुख मांगों की सूची सरकार के सामने रख दी है, जिन पर वे चर्चा चाहते हैं:
दिल्ली विस्फोट और सुरक्षा: विपक्ष का कहना है कि दिल्ली में हुआ धमाका सुरक्षा एजेंसियों की विफलता है और इस पर संसद में बहस होनी चाहिए।
लोकतांत्रिक सुरक्षा और एसआईआर: मतदाता सूची, चुनाव सुरक्षा और एसआईआर (SIR) प्रक्रिया की समीक्षा की मांग पर लगभग सभी विपक्षी दल एकमत हैं। बीजद नेता सस्मित पात्रा और डीएमक नेता तिरुचि शिवा ने जोर देकर कहा कि सभी दल एसआईआर पर चर्चा चाहते हैं।
स्वास्थ्य और प्रदूषण: देश भर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर आपात चर्चा की मांग की गई है।
आर्थिक सुरक्षा: महंगाई और रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है।
जलवायु संकट: प्राकृतिक सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन पर भी बहस की मांग है।
विदेश नीति: विपक्ष का गंभीर आरोप है कि भारत अपनी विदेश नीति दूसरे देशों की शर्तों पर चला रहा है, जिस पर स्पष्टीकरण चाहिए।
‘सरकार का एजेंडा: 14 विधेयकों की सूची तैयार’
विपक्ष के हमलों के बीच सरकार ने भी अपना विधायी कार्य तैयार कर लिया है। लोकसभा और राज्यसभा के लिए सरकार ने कुल 14 विधेयकों की सूची बनाई है, जिन्हें इस सत्र में पास कराने की कोशिश होगी। इन विधेयकों में शामिल हैं:
जन विश्वास संशोधन विधेयक 2025
इनसॉल्वेंसी और बैंकरप्सी कोड (IBC) संशोधन विधेयक 2025
मणिपुर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (द्वितीय संशोधन) विधेयक
रिपीलिंग एंड अमेंडिंग बिल 2025
नेशनल हाईवेज संशोधन विधेयक 2025
एटॉमिक एनर्जी बिल
कॉर्पोरेट लॉ संशोधन बिल 2025
सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल (SMC) 2025
इंश्योरेंस लॉज संशोधन बिल 2025
आर्बिट्रेशन और कंसिलिएशन संशोधन बिल
हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल 2025
सेंट्रल एक्साइज संशोधन बिल 2025
हेल्थ सिक्योरिटी सेस / नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल 2025
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‘कौन-कौन हुआ बैठक में शामिल?’
इस महत्वपूर्ण बैठक में सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू और अर्जुन राम मेघवाल मौजूद रहे।
वहीं, विपक्ष की तरफ से कांग्रेस के प्रमोद तिवारी और कोडिकुनिल सुरेश, सपा के अखिलेश यादव, टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन, डीएमक के तिरुचि शिवा समेत कई अन्य दलों के दिग्गज नेताओं ने हिस्सा लिया।
क्या है पृष्ठभूमि
संसद का यह शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलेगा। इस बार सत्र में केवल 15 बैठकें होंगी, जो सामान्य तौर पर होने वाली 20 बैठकों के मुकाबले काफी कम हैं। कांग्रेस ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया है कि सरकार जानबूझकर सत्र को छोटा रखकर संसद को ‘डिरेल’ (पटरी से उतारना) करना चाहती है ताकि विपक्ष को सवाल पूछने का पर्याप्त समय न मिल सके।
मुख्य बातें (Key Points)
1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलने वाले शीतकालीन सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक संपन्न हुई।
सरकार ने पास कराने के लिए 14 महत्वपूर्ण विधेयकों की सूची तैयार की है।
विपक्ष ने दिल्ली ब्लास्ट, महंगाई, प्रदूषण, विदेश नीति और एसआईआर (SIR) जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग की है।
कांग्रेस ने सत्र की अवधि कम होने (मात्र 15 बैठकें) पर सरकार पर संसद को डिरेल करने का आरोप लगाया है।








