OPS Silent Trigger Punjab Police AGTF: चंडीगढ़, 19 मार्च। चंडीगढ़ के सेक्टर 9 में बुधवार को दिनदहाड़े हुई हत्या के महज 30 घंटे के भीतर पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने हरियाणा के कैथल में दोनों शूटरों को धर दबोचा। हरियाणा एसटीएफ की करनाल यूनिट के साथ संयुक्त रूप से चलाए गए ‘ऑपरेशन साइलेंट ट्रिगर’ में गिरफ्तार दोनों आरोपी फरार गैंगस्टर लकी पटियाल के बंबिहा गैंग के सक्रिय सदस्य हैं।
गुरुवार को यह जानकारी देते हुए डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने बताया कि AGTF ने 30 घंटे से भी कम समय में पूरे मॉड्यूल को बेनकाब करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और तीन हथियार बरामद किए।

सेक्टर 9 में क्या हुआ था: पीड़ित और हत्या की पूरी घटना
बुधवार को चंडीगढ़ के सेक्टर 9 में दो अज्ञात हमलावरों ने चरणप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी को गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया।
पुलिस ने घटना के तुरंत बाद OPS Silent Trigger लॉन्च किया। डीआईजी AGTF गुरमीत सिंह चौहान की निगरानी में यह विशेष अभियान चलाया गया और 30 घंटे से भी कम समय में दोनों हत्यारे पकड़े गए।
कैथल मुठभेड़: आरोपियों ने खोली पुलिस पर आग
एडीजीपी AGTF प्रमोद बान ने ऑपरेशन का विवरण देते हुए बताया कि एसपी AGTF बिक्रमजीत सिंह ब्रार के नेतृत्व में पुलिस टीमें जब आरोपियों के पास पहुंचीं तो आरोपियों ने पुलिस पर सीधे गोलियां चला दीं।
जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपी घायल हो गए और उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने तीन परिष्कृत हथियार बरामद किए: .30 बोर PX-5 पिस्तौल, .30 कैलिबर चीनी पिस्तौल और .32 कैलिबर पिस्तौल, साथ ही कारतूस भी जब्त किए गए।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी: दो राज्यों के बाशिंदे, एक खतरनाक गैंग
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फिरोजपुर निवासी राजन उर्फ पियूष पहलवान और नवांशहर निवासी प्रीतम शाह के रूप में हुई है।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि राजन उर्फ पियूष पहलवान एक और हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में भी वांछित था। वह जीवनजोत सिंह उर्फ जुगनू के ड्राइवर यादविंदर सिंह की हत्या के मामले में पुलिस को चाहिए था।
मलेशिया से नेपाल होते हुए पहुंचा शूटर: अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन का बड़ा खुलासा
प्रारंभिक पूछताछ में सबसे चौंकाने वाला खुलासा सामने आया। पता चला कि आरोपी पियूष विदेश में बैठे अपने हैंडलर के निर्देश पर हत्या को अंजाम देने के लिए मलेशिया से नेपाल होते हुए भारत आया था।
यह खुलासा दिखाता है कि गैंगस्टरों का नेटवर्क अब देश की सीमाओं से बाहर बैठकर संचालित हो रहा है। विदेश से हत्या की योजना, नेपाल के रास्ते शूटर की एंट्री और चीनी हथियारों का इस्तेमाल, यह मॉडस ऑपरेंडी पंजाब की सुरक्षा के लिए एक गंभीर संकेत है।
बंबिहा गैंग और लकी पटियाल: फरार गैंगस्टर का सक्रिय नेटवर्क
डीजीपी गौरव यादव ने साफ कहा कि दोनों गिरफ्तार आरोपी बंबिहा गैंग के फरार गैंगस्टर लकी पटियाल के प्रमुख सहयोगी हैं। लकी पटियाल अभी भी फरार है और पुलिस उसे पकड़ने के लिए लगातार अभियान चला रही है।
बंबिहा गैंग का विदेशी हैंडलर नेटवर्क और इस गैंग की लगातार बढ़ती गतिविधियां यह बताती हैं कि इस पूरे तंत्र को जड़ से उखाड़ने के लिए पंजाब पुलिस को बड़े और लगातार अभियान चलाने की जरूरत है।
30 घंटे की रफ्तार और विदेश तक फैला गैंग नेटवर्क
OPS Silent Trigger की कामयाबी सिर्फ दो शूटरों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। यह उस पूरे तंत्र को समझने की एक चाबी है जो विदेश से संचालित होकर पंजाब में खून बहाता है। जब हैंडलर मलेशिया में बैठकर नेपाल के रास्ते शूटर भेजे और चीनी हथियार इस्तेमाल हों, तो यह आम क्राइम नहीं, एक सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय साजिश है।
AGTF का 30 घंटे में पूरे मॉड्यूल को ध्वस्त करना यह बताता है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर चल रही पंजाब को सुरक्षित बनाने की मुहिम केवल दावों तक सीमित नहीं है। गैंगस्टर चाहे जितने राज्य पार करें, चाहे जितने देश बदलें, पंजाब पुलिस का जाल उन्हें ढूंढ निकालता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब पुलिस AGTF ने हरियाणा STF करनाल यूनिट के साथ ‘OPS Silent Trigger’ में कैथल में फायरिंग के बाद चंडीगढ़ सेक्टर 9 हत्याकांड के दोनों शूटर राजन उर्फ पियूष पहलवान (फिरोजपुर) और प्रीतम शाह (नवांशहर) को 30 घंटे से कम समय में गिरफ्तार किया।
- तीन हथियार बरामद: .30 बोर PX-5, .30 कैलिबर चीनी और .32 कैलिबर पिस्तौल; दोनों जवाबी फायरिंग में घायल, दोनों बंबिहा गैंग के फरार गैंगस्टर लकी पटियाल के सहयोगी।
- पूछताछ में बड़ा खुलासा: पियूष विदेश में बैठे हैंडलर के निर्देश पर मलेशिया से नेपाल होते हुए हत्या करने भारत आया था।
- राजन उर्फ पियूष पहलवान जीवनजोत सिंह उर्फ जुगनू के ड्राइवर यादविंदर सिंह की हाई-प्रोफाइल हत्या में भी वांछित था; आगे की जांच जारी है।







